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हरियाणा जापानी निवेश का पसंदीदा गंतव्य बन रहा है: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

 -मुख्यमंत्री इंडो जापान कॉन्क्लेव को किया संबोधित
 
  हरियाणा जापानी निवेश का पसंदीदा गंतव्य बन रहा है: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
नई दिल्ली, 22 मई  हरियाणा जापानी निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। प्रदेश में पहले से 394 जापानी उद्योग कार्यरत हैं और अब और निवेश आने की राह में है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित इंडो-जापान कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए कहा कि नेक्स्ट जनरेशन इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम तैयार करने के लिए जापान के साथ मिलकर रेसिलिएंट सप्लाई चेन्स बन सकती है जिससे स्मार्टर, ग्रीनर ओर समृद्ध भविष्य का निर्माण होगा।
नायब सिंह सैनी ने सम्मेलन में पहुंचे जापान के निवेशकों को हरियाणा के साथ पार्टनरशिप करने का निमंत्रण दिया। यह पार्टनरशिप नवाचार, निर्माण, प्रौद्योगिकी, स्थिरता व भविष्य के लिए होगी। उन्होंने कहा कि यदि भारत-जापान साझेदारी का सबसे जीवंत और सफल मॉडल किसी राज्य में दिखाई देता है, तो वह हरियाणा है, जहां जापानी निवेश, औद्योगिक विकास और तकनीकी सहयोग ने विकास को नई गति दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लगभग 394 जापानी उद्योग तथा 600 से अधिक जापानी व्यावसायिक प्रतिष्ठान कार्यरत हैं। मुख्यमंत्री ने पिछले वर्ष अक्टूबर में अपनी जापान यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि यात्रा के दौरान जापान की नाै प्रतिष्ठित कंपनियों ने हरियाणा में लगभग 5 हजार करोड़ रुपये के निवेश का भरोसा जताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सोचने वाली बात है कि जापानी कंपनियों ने निवेश के लिए विशेष रूप से हरियाणा को ही क्यों चुना। उन्होंने कहा कि इसका कारण केवल प्रदेश की भौगोलिक स्थिति या निवेश प्रोत्साहन योजनाएं नहीं हैं, बल्कि हरियाणा द्वारा जापानी कार्य संस्कृति को समझना और उसे अपनाना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 64 औद्योगिक संपदाएं, इलेक्ट्रॉनिक क्लस्टर, ईवी इकोसिस्टम, लॉजिस्टिक हब, फूड पार्क और अत्याधुनिक विनिर्माण जोन विकसित किए जा रहे हैं। साथ ही प्रदेश में 10 नई आईएमटी स्थापित की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जापानी निवेशकों की सुविधा के लिए हरियाणा सरकार ने ‘सकुरा डेस्क’ की स्थापना की है। यह विशेष डेस्क केवल जापानी कंपनियों से संबंधित मामलों को देखेगा औ उन्हें शुरू से अंत तक सहयोग तथा मार्गदर्शन प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में 13 लाख से अधिक एमएसएमई पंजीकृत हैं, जो 65 लाख से अधिक लोगों को रोजगार दे रहे हैं। ऑटो कंपोनेंट्स, इंजीनियरिंग उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक्स, वस्त्र, रसायन और औद्योगिक विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में हरियाणा के एमएसएमई जापानी उद्योगों के साथ मिलकर वैश्विक आपूर्ति शृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकते हैं।