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अतिथि अध्यापकों के भविष्य को लेकर स्पष्ट नीति बनाए हरियाणा सरकार : कुमारी सैलजा

 21 वर्षों से सेवाएं दे रहे करीब 12 हजार अतिथि अध्यापकों की नियमितीकरण की मांग पर गंभीरता से विचार करे सरकार
 
 अतिथि अध्यापकों के भविष्य को लेकर स्पष्ट नीति बनाए हरियाणा सरकार : कुमारी सैलजा
 सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पद भरने और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की उठाई मांग

 चंडीगढ़/सिरसा, 28 अक्टूबर। 

सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं कांग्रेस कार्यसमिति की सदस्य कुमारी सैलजा ने हरियाणा में लंबे समय से कार्यरत अतिथि अध्यापकों के भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त की है। सांसद ने कहा कि प्रदेश के करीब 12 हजार अतिथि अध्यापक पिछले लगभग 21 वर्षों से सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उनकी नियमितीकरण संबंधी मांग का अब तक समाधान नहीं हो पाया है। सरकार को उनके अनुभव, योगदान और भविष्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए न्यायसंगत नीति बनानी चाहिए।

कुमारी सैलजा ने कहा कि अतिथि अध्यापकों ने विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी के बावजूद शिक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इतने लंबे सेवाकाल के बाद उनकी मांगों पर संवेदनशीलता से विचार करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के लगभग 29,866 पद रिक्त बताए जा रहे हैं। अनेक विद्यालय सीमित शिक्षकीय स्टाफ के सहारे संचालित हो रहे हैं। सरकार को रिक्त पदों की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक कर नियमित भर्ती प्रक्रिया तेज करनी चाहिए।

सांसद ने उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षकों की कमी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव पर भी चिंता जताई। सैलजा ने कहा कि विभिन्न विभागों में कार्यरत अनुबंधित कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा और नियमितीकरण से जुड़े मामलों का भी कानूनी प्रावधानों के अनुरूप समाधान निकाला जाना चाहिए। सांसद ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से अतिथि अध्यापकों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद कर व्यावहारिक समाधान निकालने का आग्रह किया।

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गैरसैंण में जनभागीदारी बदलाव का संकेत, दिल्ली रैली में लाखों लोगों के पहुंचने का दावा : सैलजा

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं उत्तराखंड प्रभारी कुमारी सैलजा ने कहा कि गैरसैंण विधानसभा घेराव के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आमजन की भागीदारी प्रदेश में बढ़ते जनअसंतोष का संकेत है। सांसद ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और जनसमस्याओं को लेकर जनता अपनी आवाज उठा रही है। सैलजा ने दावा किया कि एक नवंबर को दिल्ली में प्रस्तावित रैली में हरियाणा, उत्तराखंड सहित देश के विभिन्न राज्यों से लाखों लोग पहुंचेंगे और केंद्र सरकार की नीतियों के विरुद्ध लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज करवाएंगे।