हेफेड कैटल फीड प्लांट यूरिया घोटाला मामला:

सिरसा 04 सितंबर भारतीय किसान एकता बीकेई प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने हेफेड एनिमल कैटल फीड प्लांट, सत्ताखेड़ा (डबवाली) में सब्सिडी वाली नीम कोटेड कृषि ग्रेड की यूरिया को इंडस्ट्रियल ग्रेड दर्शाकर सप्लाई करने के मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज करने और निष्पक्ष जांच की मांग की है। बीकेई टीम की शिकायत पर कृषि विभाग ने 2 जुलाई 2026 को प्लांट से यूरिया के नमूने लिए थे। 20 जुलाई 2026 को आई सरकारी लैब रिपोर्ट में यूरिया के 'नीम कोटेड' होने की पुष्टि हुई। बीकेई द्वारा लगाया गया आरोप है सही पाया गया कि गुप्ता केमिकल्स, दिल्ली द्वारा 50 किलो की पैकिंग में कृषि यूरिया को इंडस्ट्रियल ग्रेड बताकर 18 प्रतिशत जीएसटी के फर्जी बिल लगाकर सप्लाई किया गया और लाखों रुपए का वित्तीय हेरफेर किया गया। औलख ने कहा कि दो महीने बीतने के बाद भी दोषी सप्लायर और हेफेड के अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने हेफेड पंचकूला मुख्यालय के खरीद प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों की जांच और गिरफ्तारी की मांग की। औलख ने कहा कि हमें शंका है कि यूरिया घोटाले में शामिल एक उच्च अधिकारी की अक्टूबर माह में रिटायरमेंट है विभाग द्वारा उसे तथा उसके साथियों को बचाने के लिए जानबूझकर कार्रवाई में देरी की जा रही है।
ये है प्रमुख मांगें:
गुप्ता केमिकल्स व संबंधित सप्लायरों और दोषी अधिकारियों पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए। टेंडर, जीएसटी बिल, भुगतान रिकॉर्ड व लैब रिपोर्ट के आधार पर निष्पक्ष/रकळ जांच हो। विभाग द्वारा इस मसले को जीएसटी विभाग दिल्ली को भी सौंपा जाए, ताकि गुप्ता केमिकल्स द्वारा कई सालों से चल रहे यूरिया खाद घोटाले की निष्पक्ष जांच की जा सके। सरकारी वित्तीय नुकसान की भरपाई की जाए।
घेराव की चेतावनी:
बीकेई ने चेतावनी दी है कि यदि मंगलवार तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो बुधवार को किसान कृषि विभाग, सिरसा के मुख्य कार्यालय का घेराव करेंगे।

