गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार

सितम्बर 01, 2026
गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार (गुजविप्रौवि) के एक प्रोफेसर, एक पुस्तकालयाध्यक्ष, एक सहायक कुलसचिव, एक लेब अटेंडेंट तथा एक बेलदार सेवानिवृत हुए हैं। इन कर्मचारियों के सम्मान में विश्वविद्यालय के चौधरी रणबीर सिंह सभागार के सेमीनार हाॅल-1 में सेवा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. विजय कुमार ने समारोह की अध्यक्षता की। सेवानिवृत कर्मचारियों में हरियाणा स्कूल ऑफ बिजनेस के प्रो. नरेन्द्र कुमार बिश्नोई, पुस्तकालयाध्यक्ष डा. विनोद कुमार, सहायक कुलसचिव सरोज रानी, लेब अटेंडेंट सुभाष चन्द्र व बेलदार देवेन्द्र सहाय भारद्वाज शामिल हैं।
कुलगुरु प्रो. विजय कुमार ने कहा है कि विश्वविद्यालय परिवार के पांचों सदस्य बेशक अलग-अलग पद पर थे, लेकिन उनका जीवन व कार्य सफल व अर्थपूर्ण रहा है। ऐसे शिक्षकों व कर्मचारियों के दम पर ही गुजविप्रौवि हरियाणा का आदर्श विश्वविद्यालय बनने की संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों ने सकारात्मक सोच के साथ कार्य करते हुए विश्वविद्यालय के लिए अपना योगदान दिया है। कुलगुरु प्रो. विजय कुमार ने सेवानिवृत शिक्षकों व कर्मचारियों के सुखद व स्वस्थ भविष्य की कामना की तथा विश्वास व्यक्त किया कि ये शिक्षक व कर्मचारी भविष्य में भी समाज व राष्ट्र सेवा में अपना योगदान देंगे।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव डा. विजय कुमार ने कहा कि गुजविप्रौवि एक ज्ञान की इमारत है और इस इमारत के निर्माण में आज सेवानिवृत्त हो रहे कर्मचारियों का अग्रणी योगदान है। कुलसचिव डा. विजय कुमार ने भी सेवानिवृत कर्मचारियों के स्वस्थ व सुखद भविष्य की कामना की।
वक्ताओं ने प्रो. एन.के. बिश्नोई को न केवल प्रदेश का बल्कि राष्ट्र का महान अर्थशास्त्री बताया तथा राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान की प्रशंसा की। साथ ही डा. विनोद कुमार को विश्वविद्यालय के पुस्तकालय को प्रदेश का श्रेष्ठ पुस्तकालय बनाने का श्रेय दिया गया। इसी प्रकार सरोज लुथरा की गहरी प्रशासनिक समझ के साथ-साथ सुभाष चन्द्र व देवेन्द्र सहाय की समर्पित सेवाओं को सम्मान से याद किया गया। सेवानिवृत कर्मचारियों ने भी इस अवसर पर अपने अनुभव सांझा किए।
समारोह को प्रो. योगेश चाबा, प्रो. संदीप राणा, प्रो. विनोद छोकर, प्रो. यशपाल सिंगला, प्रो. विनोद कुमार बिश्नोई, प्रो. विक्रम कौशिक, डा. प्रताप सिंह, प्रो. सुजाता सांघी, प्रो. प्रवीन शर्मा, प्रो. विकास वर्मा, डा. एस.एस. जोशी, डा. नरेन्द्र चौहान, मुकेश अरोड़ा, सुनील ग्रोवर, अशोक कौशिक, गजुटा प्रधान इंजीनियर विनोद गोयल व गैरशिक्षक कर्मचारी कल्याण संघ चरणदास अठवाल ने भी सम्बोधित किया। मंच संचालन प्रो. कर्मपाल नरवाल ने किया। इस अवसर पर सेवानिवृत कर्मचारियों को शाल व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिकारी, कर्मचारी व सेवानिवृत कर्मचारियों के परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।
ऐसा रहा सेवानिवृत शिक्षकों व कर्मचारियों का सेवाकाल:
प्रो. नरेन्द्र कुमार बिश्नोई ने विश्वविद्यालय में 1994 में विश्वविद्यालय में लेक्चरर के रूप में ज्वाइन किया था। 2011 में वे प्रोफेसर के पद पर पदोन्नत हुए। अपनी सेवा अवधि के दौरान उन्होंने बिजनेस डेवलपमेंट ग्रुप के हेड, बिजनेस इकोनोमिक्स विभाग (अब हरियाणा स्कूल ऑफ बिजनेस) के अध्यक्ष तथा फैकल्टी ऑफ रिलीजियस स्टडीज व फैकल्टी ऑफ ह्यूमेनिटीज एंड सोशल साइंसिज के डीन की जिम्मेदारियां निभाई।
डा. विनोद कुमार विश्वविद्यालय में 1996 में सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष के पद पर नियुक्त हुए। वे 2012 में उप पुस्तकालयाध्यक्ष के पद पर पदोन्नत हुए तथा 2019 में पुस्तकाल्याध्यक्ष नियुक्त हुए।
सरोज रानी ने 1996 में गुजविप्रौवि में प्रतिनियुक्ति आधार पर ज्वाइन किया। वे 2001 में सहायक, उसके बाद उप अधीक्षक व अधीक्षक के रूप में सेवाएं देते हुए 2019 में सहायक कुलसचिव के पद पर पदोन्नत हुई। इस दौरान उन्होंने परीक्षा विंग, स्थापना शाखा, संकाय शाखा, लेखा शाखा तथा इंटरनल ऑडिट सेल में अपनी सेवाएं दी।
सुभाष चन्द्र ने विश्वविद्यालय में 2013 में लेब अटेंडेंट के पद पर ज्वाइन किया। उन्होंने इस दौरान विश्वविद्यालय के रसायन विभाग में अपनी सेवाएं दी।
देवेन्द्र सहाय भारद्वाज ने विश्वविद्यालय में 1997 से अब तक बेलदार व अन्य सहायक कार्यों के लिए अपनी सेवाएं दी।

