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गुरु ग्रंथ साहिब बेअदबी कानून बनने पर 18 माह बाद टावर से उतरा गुरजीत सिंह खालसा

 
  गुरु ग्रंथ साहिब बेअदबी कानून बनने पर 18 माह बाद टावर से उतरा गुरजीत सिंह खालसा
समाना, 24 अप्रैल  पटियाला जिले के समाना में करीब 18 महीनों से चल रहा टावर मोर्चा अब समाप्त हो गया है। बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून की मांग को लेकर 400 फीट ऊंचे टेलीकॉम टावर पर चढ़े रहे गुरजीत सिंह खालसा को शुक्रवार सुबह सुरक्षित तरीके से नीचे उतार लिया गया।
प्रशासन ने उन्हें नीचे लाने के लिए एक दिन पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी थीं। शुक्रवार को श्री अखंड पाठ साहिब के भोग के बाद गुरजीत सिंह खालसा अपने समर्थकों की मौजूदगी में टावर से नीचे उतरे। इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में संगत और समर्थक मौजूद रहे।
गुरजीत सिंह खालसा अक्टूबर, 2024 में बेअदबी की बढ़ती घटनाओं के विरोध में इस टावर पर चढ़े थे। वे लगातार सख्त कानून बनाने की मांग करके मौसम की कठोर परिस्थितियों के बावजूद अपने फैसले पर डटे रहे।
हाल ही में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने 'जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) बिल, 2026' को मंजूरी दी, जिसके बाद इस आंदोलन के खत्म होने का रास्ता साफ हुआ। इस कानून के लागू होने से बेअदबी के मामलों में सख्त सजा का प्रावधान सुनिश्चित हुआ है।
नीचे उतरने के बाद गुरजीत सिंह खालसा ने कहा कि यह उनके लिए संतोष का समय है, क्योंकि उनकी लंबी लड़ाई सफल रही है। उन्होंने कहा कि वाहेगुरु ने मेरी अरदास सुन ली है, अब बेअदबी करने वालों को कड़ी सजा मिलेगी।
एक साल से अधिक समय तक सरकारी आश्वासनों के बावजूद उन्होंने अपना आंदोलन खत्म करने से इनकार किया था। खराब मौसम का सामना करते हुए भी वे टावर पर डटे रहे।
उनके समर्थन में 1 जनवरी को समाना से पैदल मार्च निकाला गया था और मार्च महीने से शहर में अनिश्चितकालीन धरना भी शुरू किया गया था।
पटियाला जिले के गांव खेड़ी नगाइयां के रहने वाले 43 वर्षीय गुरजीत सिंह खालसा पेशे से किसान और डेयरी मालिक हैं। इस लंबे संघर्ष के दौरान उनके परिवार और समर्थकों ने उनका पूरा साथ दिया।
टावर पर रहते हुए वे तिरपाल की छत के नीचे रहते थे और रोजाना सेवक उन्हें दिन में एक बार भोजन और पानी पहुंचाते थे।