कौशल रोजगार कर्मचारियों के साथ वादाखिलाफी बंद करे सरकार : कुमारी सैलजा

चंडीगढ़, 20 जून।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की सदस्य, सिरसा लोकसभा क्षेत्र की सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने कहा है कि हरियाणा सरकार ने वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले लगभग 1.20 लाख कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) कर्मचारियों को नियमित करने का वादा किया था, लेकिन आज स्थिति यह है कि कर्मचारियों को पक्का करना तो दूर, अनेक कर्मचारियों को सेवा से बाहर कर दिया गया है, कई कर्मचारियों को निगम से अलग कर दिया गया है तथा बड़ी संख्या में कर्मचारियों को महीनों तक वेतन का इंतजार करना पड़ रहा है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश में दो लाख से अधिक सरकारी पद खाली पड़े हैं। इसके बावजूद वर्षों से विभिन्न विभागों में सेवाएं दे रहे कौशल रोजगार कर्मचारी अस्थायी व्यवस्था के सहारे अपना भविष्य तलाशने को मजबूर हैं। सरकार यदि वास्तव में युवाओं और कर्मचारियों के हितों के प्रति गंभीर है तो रिक्त पदों को भरने के साथ-साथ लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों को स्थायी रोजगार की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। सांसद ने कहा कि प्रदेश में ऐसे हजारों कर्मचारी हैं जो 15 से 17 वर्षों तक विभिन्न व्यवस्थाओं के माध्यम से काम करते हुए अब 40 वर्ष या उससे अधिक आयु के हो चुके हैं। इनमें से अनेक कर्मचारी केवल 15 हजार से 22 हजार रुपये प्रतिमाह के वेतन पर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। बढ़ती महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास के खर्चों के बीच इतनी कम आय में परिवार चलाना अत्यंत कठिन हो चुका है।
सांसद सैलजा ने कहा कि हाल ही में कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दे, जिनमें एचआरए सहित अन्य लंबित लाभ भी शामिल हैं, लगातार चर्चा में हैं। इससे स्पष्ट है कि प्रदेश के कर्मचारी वर्ग में असंतोष बढ़ रहा है। सरकार को कर्मचारियों की वास्तविक समस्याओं को समझते हुए उनके आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मामलों पर संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेना चाहिए।
कुमारी सैलजा ने कहा कि किसी भी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था कर्मचारियों के समर्पण और मेहनत पर चलती है। इसलिए कर्मचारियों को अस्थिरता, अनिश्चितता और आर्थिक कठिनाइयों में धकेलने के बजाय उन्हें सम्मानजनक वेतन, समय पर भुगतान और सुरक्षित रोजगार उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
सांसद ने मांग की कि सरकार कौशल रोजगार निगम के कर्मचारियों से किए गए वादों को पूरा करे, लंबित वेतन का तत्काल भुगतान सुनिश्चित करे, रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया तेज करे तथा लंबे समय से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए स्पष्ट नीति घोषित करे।

