शिक्षा विभाग की खरीद पर उठे सवालों की निष्पक्ष जांच कराए सरकार : कुमारी सैलजा

चंडीगढ़, 26 जून।
सिरसा लोकसभा क्षेत्र की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की सदस्य कुमारी सैलजा ने हरियाणा के शिक्षा विभाग में सरकारी स्कूलों के लिए विज्ञान प्रयोगशाला (साइंस लैब) किट की खरीद को लेकर मीडिया में प्रकाशित खबरों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यदि समाचार पत्रों में प्रकाशित तथ्यों में सच्चाई है, तो यह प्रदेश के बच्चों की शिक्षा और सरकारी धन दोनों के साथ गंभीर खिलवाड़ का मामला है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार प्रदेश के 729 सरकारी स्कूलों के लिए खरीदी गई साइंस लैब किट में अनेक उपकरण बाजार और सरकारी खरीद पोर्टलों पर उपलब्ध कीमतों की तुलना में कई गुना अधिक दरों पर खरीदे गए। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि सबसे कम बोली लगाने वाली पात्र कंपनी को दरकिनार कर दूसरी कंपनी को लगभग 21 करोड़ रुपये का ठेका दिया गया। यदि ऐसा हुआ है, तो सरकार को पूरी प्रक्रिया सार्वजनिक करते हुए इसकी निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।
सांसद ने कहा कि सरकारी खरीद में पारदर्शिता, प्रतिस्पर्धा और वित्तीय अनुशासन सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांत हैं। यदि उपलब्ध सरकारी पोर्टलों अथवा खुले बाजार में सामान कम कीमत पर उपलब्ध था, तो अधिक कीमत पर खरीद की अनुमति किन परिस्थितियों में दी गई, इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि टेंडर प्रक्रिया में सभी नियमों और वित्तीय मानकों का पालन हुआ या नहीं।
कुमारी सैलजा ने कहा कि समाचारों में यह भी दावा किया गया है कि संबंधित किट पिछले दो वर्षों से स्कूलों में उपयोग के बजाय पड़ी हुई हैं। यदि यह तथ्य सही है, तो इससे यह भी स्पष्ट होता है कि सरकारी धन खर्च करने के बावजूद विद्यार्थियों को उसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाया। शिक्षा के क्षेत्र में इस प्रकार की लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकती।
कुमारी सैलजा ने राज्य सरकार से मांग की कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय एवं समयबद्ध जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों और संबंधित पक्षों की जिम्मेदारी तय की जाए तथा जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विद्यार्थियों के भविष्य और जनता के धन से जुड़े मामलों में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।

