धान खरीद में किसानों की मुश्किलें दूर करे सरकार : कुमारी सैलजा

चंडीगढ़, 2 अक्टूबर।
सिरसा की सांसद एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश की मंडियों में धान की सरकारी खरीद शुरू होने के साथ ही किसानों को पोर्टल, फसल सत्यापन, गेट पास और नमी जैसी प्रक्रियागत समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कई मंडियों में पोर्टल पर मिसमैच के कारण किसानों के गेट पास नहीं कट पा रहे हैं और खरीद की गति प्रभावित हो रही है।
सांसद ने कहा कि किसान पूरे साल मेहनत करके अपनी फसल मंडी में लेकर आता है, इसलिए सरकार की जिम्मेदारी है कि खरीद प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और समयबद्ध हो। ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ और ई-खरीद पोर्टल किसानों की सुविधा के लिए बनाए गए हैं, लेकिन तकनीकी खामियों और सत्यापन की जटिलताओं के कारण किसानों को मंडी और सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ें तो यह चिंता का विषय है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि हर खरीद सीजन में किसानों को पोर्टल और कागजी औपचारिकताओं के नाम पर परेशान करने के बजाय सरकार को पहले से व्यवस्था दुरुस्त करनी चाहिए। डिजिटल व्यवस्था पारदर्शिता के लिए होनी चाहिए, किसान के लिए बाधा बनने के लिए नहीं। किसानों की फसल का सत्यापन शीघ्र पूरा कराकर गेट पास जारी किए जाएं तथा मंडियों में धान की खरीद, उठान और भुगतान में अनावश्यक देरी न हो।
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समय पर भुगतान सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी
सांसद ने कहा कि कांग्रेस किसानों के हितों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रही है। किसान को अपनी फसल बेचने के लिए पोर्टल की तकनीकी दिक्कतों या सत्यापन की लंबी प्रक्रिया में नहीं उलझना चाहिए। सरकार को सरल प्रक्रिया, पर्याप्त खरीद व्यवस्था और समय पर भुगतान सुनिश्चित करना चाहिए।
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बालाघाट के आदिवासी परिवारों को स्वास्थ्य, शिक्षा और उनके अधिकार मिलें : कुमारी सैलजा
सांसद सैलजा ने बालाघाट में आदिवासी परिवारों से जुड़े मुद्दों पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा उठाई गई चिंताओं के संदर्भ में कहा कि बीमारी और कुपोषण से बच्चों की मौतों की घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं। राहुल गांधी ने बालाघाट में प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, वन अधिकार अधिनियम और मनरेगा से जुड़े मुद्दे उठाए थे।
कुमारी सैलजा ने कहा कि आदिवासी परिवारों को स्वास्थ्य एवं शिक्षा की बेहतर सुविधाएं, वन अधिकार कानून के तहत उनके अधिकार तथा पात्रता के अनुसार सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए। यदि प्रभावित परिवारों को मुआवजा मिलने में देरी हुई है तो सरकार को मामले की समीक्षा कर पात्र परिवारों तक सहायता पहुंचानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने बालाघाट में इन परिवारों की समस्याएं सुनी हैं और इन मुद्दों को उठाया है। कांग्रेस की ओर से आदिवासी परिवारों के अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े सवालों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाया जाता रहेगा।

