नई दिल्ली से पत्रकार ऊषा माहना की कलम से।

जज पकड़े गये कुत्तों को उसी स्थान पर छोड़ने के कानून का पालन करें - हिन्दू संगठन
न्यायधीशों द्वारा लगातार कानून की अवज्ञा। न्याय देने का काम पूर्व राजाओं को दिया जाये।
धर्मरक्षक दारा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश जैन के नेतृत्व में राजधानी दिल्ली के 2 दर्जन हिन्दू संगठनों ने जन्तर मन्तर पर प्रदर्शन किया । प्रदर्शन कारियों ने महमहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन देकर कुत्तों पर किये जा रहे अत्याचार के निवारण का अनुरोध किया।
प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित करते हुए दारा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश जैन ने कहा कि सामूदायिक पालतू पशु कुत्तों पर सर्वोच्च न्यायालय के जजों द्वारा महामहिम द्वारा पारित पशु जन्म नियन्त्रण कानून 2023 की जानबूझकर अवज्ञा करके अत्याचार किया जा रहा है। पशु जन्म नियन्त्रण कानून 2023 की धारा 11.3 और 11.19 सामुदायिक पालतू पशु यानि मार्ग के कुत्तों की आबादी नियन्त्रण के लिये पकड़ने के बाद उन्हें उसी स्थान और इलाके में छोड़ने का आदेश देती है। कुत्तों को पकड़ने वाले 2 दिन पहले उस इलाके के लोगों को बैनर पोस्टर लगाकर यह भी बतायेंगे कि हम टीकाकरण के बाद कुत्ते यहीं छोड़कर जायेंगे। जिसकी जानबूझकर अवज्ञा करके सर्वोच्च न्यायालय के जजों ने उन्हें आश्रय स्थल में बन्दी बनाने का आदेश दिया है। श्री मुकेश जैन ने कहा कि जिस कानून के प्रति न्यायधीशों ने सत्य आस्था की शपथ ली है, उसे मानने से इंकार करने वाले न्यायधीशों और महान्यायविद् को तलब करके महामहिम राष्ट्रपति को उन्हें फटकार लगानी चाहिये।
इस अवसर पर अटल जन शक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बम बम महाराज ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के न्यायधीशों, न्यायमित्रों और वकीलों की एक कुटिल योजना के तहत सामुदायिक कुत्तों को पकड़ा जा रहा है। ताकि चोरी के मामले और मुकदमें बढ़ाकर वकीलों और जजों की कमाई बढ़ायी जा सके। कुत्तों को मारकर उनका मांस 500 रुपये किलो नागालैंड में बेचा जा रहा है। हिन्दू धर्म में कुत्ते भैरव देवता की सवारी है। हर हिन्दू अपने चूल्हे की आखरी रोटी कुत्ते को खिलाता है। इन्हीं कुत्तों को मारकर और पकड़कर मुनाफाखोर मुनाफा कमा जा रहे है। कुत्तों की लाशों पर दुकानदारी चल रही है।
प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित करते हुए क्षत्रिय हृदय सम्राट भाई शेर सिंह राणा की राष्ट्रवादी जन लोक पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री ठाकुर दुष्यन्त सिंह ने कहा कि न्यायधीशों द्वारा कानून का पालन नहीं करने के कारण ही भारत की न्याय व्यवस्था चौपट हो गयी है। हिन्दू धर्म में प्रजा को न्याय देना राजा-रजवाड़ों का कर्तव्य बताया गया। राजाओं में भारत की प्रजा विष्णु का अवतारी अंश मानती है। उनके न्याय पर भारत वासियों को विश्वास है। हिन्दू धर्म में न्याय देना राजाओं और क्षत्रियों का कर्तव्य और कार्य है। यह काम शूद्र नहीं कर सकते। शूद्रों का काम न्याय देना नहीं है। ठाकुर दुष्यन्त सिंह ने भारत की न्याय व्यवस्था खासतौर से मध्यस्थता केन्द्रों की बागडोर राजा रजवाडों के सुपुर्द करने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय कानून मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल से मांग की।
प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित करते हुए हिन्दू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने जानकारी दी कि भारत में हर साल सांप के काटने 58 हजार मौत हो रही हैं। भारत में हर साल 4.8 लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं जिसमें 1.8 लाख लोग मरते हैं और 4 लाख लोग गंभीर रूप से घायल होते है। भारत में हर साल 1 लाख कारे और 1 लाख मोटर साइकिल चोरी होती है। जबकि राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र की रिपार्ट के अनुसार, 2024 में केवल 54 लोगों की संदिग्ध मौतें कुत्ते के काटने से हुई। कुत्ते काटने से इतनी कम मौते होने के बावजूद भी वफादार और विपत्ति में जान देने वाले कुत्तों के प्रति सर्वोच्च न्यायालय से जानबूझकर घृणात्मक अभियान चलाया जा रहा है। वफादार और भारतीय कानून में सधाया और सामुदायिक पशु मार्ग के कुत्तों को आवारा कुत्ते कहकर बदनाम किया जा रहा है, वह हम भारतीयों के लिये निश्चिय ही चिन्ता का विषय है। हिन्दू धर्म में कुत्ते भैरव देवता की सवारी है। हर हिन्दू पहली रोटी गाय के लिये निकालता है और आखरी रोटी कुत्ते के लिये निकालता है। भारी विरोध के बावजूद भी सर्वोच्च न्यायालय के न्यायधीश जानबूझकर हिन्दू धर्म पर हमला करने से बाज नहीं आ रहे हैं।
खासतौर से आमंत्रित प्रसि़़द्ध योगगुरू डा. अनिल जैन ने भी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से मिलकर कुत्तों पर हो रहे अत्याचार का निवारण कराने का आश्वासन दिया। डा. अनिल जैन ने कहा कि हमारी एक रोटी के प्रति कुत्ते जो वफादारी दिखाते है। उनकी वह वफादारी बेशकीमती है। सर्दी हो या गर्मी कुत्ते घर के बाहर सड़क पर बैठ कर चौकीदारी करते है। हर साल लाखों कुत्ते सड़क पर चलने वाले वाहनों के नीचे अपनी जान दे रहे हैं। किन्तु कुत्ते सड़क पर बैठकर चौकीदारी करने के अपने धर्म को नहीं भूलते। हमें आने वाले संकट से बचाते है। कुत्ते आने वाले संकट को अपने उपर लेकर मालिक की जान भी बचाते हैं।
प्रदर्शनकारी हिन्दू संगठनों ने महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन भी दिया। ज्ञापन में हिन्दू संगठनों ने महामहिम को बताया कि कुत्तें हमें आने वाले संकट से बचाते है। कुत्ते आने वाले संकट को अपने उपर लेकर मालिक की जान भी बचाते हैं। जब दारा सेना राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश जैन की हत्या की साजिश सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश शरद अरविन्द बोबड़े ने पूर्व मुख्य न्यायधीश दीपक मिश्रा और उसके सगे भतीजे बालेश्वर के एस पी सुधाशु शेखर मिश्रा के साथ मिलकर 2020 में रची तो उनके पालतू कुत्तों टॉमी ओर शेरू ने अपनी जान देकर श्री मुकेश जैन की जान बचायी।
हिन्दू संगठनों ने ज्ञापन में महामहिम राष्ट्रपति और सरकार से अनुरोध किया गया कि वें पशु जन्म नियन्त्रण कानून 2023 की धारा 11.3 और 11.19 का पालन सुनिश्चित करायें और सामुदायिक मार्ग के कुत्तों को टीकाकरण के लिये जहां से पकड़ा गया उन्हें वहीं पर छोड़ने के कानून का पालन सर्वोच्च न्यायालय के जजों से करायें। हिन्दू संगठनों ने कानून की अवज्ञा कर रहे जजों के खिलाफ सी बी आई, एन आई ए और लोकपाल के जरिये कार्यवाही कराने की भी मांग की। हिन्दू संगठनों ने महामहिम राष्ट्रपति जी से अनुरोध किया कि सत्य आस्था की शपथ भंग करने वाले न्यायधीशों को तत्काल प्रभाव से सर्वोच्च न्यायालय में काम करने से रोका जाये। ताकि देश में कानून का शासन कायम रह सके। हिन्दू संगठनों ने ज्ञापन में बताया कि कुत्तों के समर्थन में सी आई ए के ऐजेन्टों और फंडखोरों द्वारा जेन जेड के नाम पर दिल्ली और देश के अनेक शहरों में जो प्रदर्शन किये जा रहे हैं। वो मोदी सरकार को गिराने की एक सोची समझी साजिश है। जिसमें सी आई ए के ऐजेन्ट नक्सली ईसाई आतंकवादियों को तत्काल जमानत देने वाले सर्वोच्च न्यायालय के जज भी शामिल हैं।

