नई दिल्ली से पत्रकार ऊषा माहना की कलम से।

ऑल इंडिया श्वेताम्बर स्थानकवासी जैन कॉन्फ्रेंस ने आज एक यादगार अध्याय लिखा। संगठन का शीर्ष नेतृत्व श्रमण संघीय युवाचार्य पूज्य श्री महेन्द्र ऋषि जी महाराज के पावन चरणों में उपस्थित हुआ और भविष्यगत योजनाओं पर मार्गदर्शन प्राप्त किया।
सूरत में विराजमान पूज्य आचार्य सम्राट् डॉ. श्री शिवमुनि जी महाराज से संगठन ने विस्तृत संवाद किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अतुल जैन, राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष श्री जसवंत जी जैन और राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष श्री विपुल जी जैन ने जैन वैचारिक परिषद् (JVC) गठन और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। सभी प्रस्तावों पर पूज्य आचार्य जी ने अपनी सहमति और मंगल स्वीकृति दी।
आज पनवेल में युवाचार्य महेन्द्र ऋषि जी ने भी जैन कॉन्फ्रेंस की योजनाओं पर अपनी अनुमोदना व्यक्त की और संगठन को निरंतर सफलता एवं प्रगति हेतु आशीर्वाद प्रदान किया। उनके आशीर्वचन से उपस्थित जनों में उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ।
राष्ट्रीय अध्यक्ष अतुल जैन ने कहा,
“पूज्य गुरुदेवों के आशीर्वचन हमारे लिए दीपस्तंभ हैं। यह केवल शब्द नहीं, बल्कि समाज और संस्कृति की सेवा का संकल्प हैं। जैन कॉन्फ्रेंस की हर योजना अब इन मार्गदर्शक आशीर्वचनों से और भी मजबूत बन गई है। हमारा प्रयास रहेगा कि इसे समाज के हर वर्ग तक पहुँचाएँ और जैन संस्कृति की अमूल्य परंपरा को भावी पीढ़ियों तक सुरक्षित रखें।”
आज का यह मिलन केवल संगठन की योजनाओं की स्वीकृति का प्रतीक नहीं, बल्कि धर्म, समाज और संस्कृति की साझा धड़कन का भी अनुभव बन गया। जैन कॉन्फ्रेंस का यह संकल्प है कि वह गुरुवाणी और आशीर्वचन से प्रेरित होकर समाज के लिए प्रेरणा, शक्ति और एकता का मार्ग प्रशस्त करता रहेगा

