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नई दिल्ली से पत्रकार ऊषा माहना की कलम से

 
 नई दिल्ली से पत्रकार ऊषा माहना की कलम से
  विश्व पर्यावरण दिवस पर "तिरंगा गर्ल" सृष्टि गुलाटी ने वितरित किए 109 मिट्टी के सकोरे — पंछियों की प्यास बुझाने की दिल छू लेने वाली मुहिम 

 विश्व पर्यावरण दिवस पर प्याली चौक पार्क में बाल समाजसेविका एवं "तिरंगा गर्ल" सृष्टि गुलाटी ने 109 मिट्टी के सकोरे वितरित कर एक संवेदनशील और सरल संदेश दिया: गरमी में हर प्यासी जान के लिए पानी की एक प्याली हमारी जिम्मेदारी है। इस छोटे से काम में बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया और इसे सामुदायिक प्रेम की मिसाल बताया।

समारोह के दौरान सृष्टि ने कहा, "हर सकोरा किसी न किसी पंखवारे के लिए जीवनदान है। अगर हम अपने छोटे-छोटे कदमों से वातावरण बचा सकते हैं और जीवन बचा सकते हैं, तो वह हमारी सबसे बड़ी जीत है।" उन्होंने लोगों से प्लास्टिक का प्रयोग कम करने, मिट्टी व अन्य पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद अपनाने और अपने आस-पास छोटे-छोटे जलपात्र रखने की अपील की।

पार्क में मौजूद लोगों ने सृष्टि की पहल की सराहना की और कहा कि यह न सिर्फ़ पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाली है, बल्कि समाज में करुणा और सहभोग की भावना भी जगाती है। इस अवसर पर राम, मानसी, दृष्टि, प्रीति, आयुषी, हिमांशु प्रवीन आदि सभी बच्चे उपस्थित रहे। सभी को सकोरे लेते हुए बहुत ही खुशी हुई। बच्चों ओर बड़ों बेहद ने मिल कर सकोरों में पानी भरा और आस-पास पेड़ों की छाया में छोटे-छोटे जलकुंड लगाए जाने की भी बात हुई।

यह पहल हमें याद दिलाती है कि बड़ा बदलाव कभी-कभी साधारण कदमों से शुरू होता है — मिट्टी के सकोरे, भरपूर पानी और दिल में थोड़ा सा अपनापन