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न्यू दिल्ली से पत्रकार ऊषा माहना की कलम से

 
 न्यू दिल्ली से पत्रकार ऊषा माहना की कलम से
 काकरोच जनता पार्टी वेनजुएला और नेपाल की तरह मोदी सरकार गिराने की बड़ी अमेरिकी साजिश - हिन्दू संगठन

धर्मरक्षक  दारा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष  मुकेश जैन की अध्यक्षता में हुई हिन्दू संगठनों की बैठक में काकरोच जनता पार्टी को दिल्ली के जन्तर-मन्तर पर प्रदर्शन करने की दिल्ली पुलिस द्वारा अनुमति देना खतरनाक और देश की सुरक्षा को बहुत बड़ा खतरा बताया।

बैठक में दारा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मुकेश जैन ने कहा कि काकरोच जनता पार्टी उन्हीं सी आई ए के नक्सली मिश्निरी ईसाई आतंकवादियों से जुड़े देशद्रोहियों की पार्टी है, जिन्होंने कुख्यात ईसाई आतंकवादी रोना विल्सन की सरपरस्ती में हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मादी की हत्या की साजिश रची थी। यह वो ही अमेरिकी साजिश है जो अरविन्द केजरीवाल ने अन्ना हजारे के साथ मिलकर देश की लोकतात्रिंक सरकार को गिराने के लिए रची थी। इन्दिरा गांधी ने तो सबूतो के साथ जय प्रकाश नारायण के आन्दोलन को भी सी आई ए का आन्दोलन बताया था और जयप्रकाश नारायण को सी आई ए का ऐजेन्ट। जिसे देश आज तक भी नहीं समझ सका।

बैठक में अटल जन शक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बम बम महाराज ने दिल्ली पुलिस को चेताया कि जब से हमारे गृहमंत्री श्री अमितशाह ने अमेरीकी फन्डिग और केजरीवाल की सरपरस्ती में चल रहे नक्सली ईसाई आतंकवाद का खात्मा किया है, तब से ये आतंकवादी ताकते पगला गयी है। इन ताकतों को सड़कों पर उतारकर मोदी सरकार को गिराने के लिए पूर्व की तरह इनकी साजिश में शामिल होकर सर्वोच्च न्यायालय के जज जे बी पारदीवाला और आर महादेवन ने कानून का उल्लंघन करके कुत्तों को पिजड़ों में डालने का आदेश दिया। इस मामले में सारे अमेरिकी सी आई ए के फन्डिग गिरोहों को इन जजों ने मोदी सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतारकर सरकार को गिराने की जमीन दी। इससे पहले भी नक्सली ईसाई पी वी राजगोपाल ग्वालियर से 50-50 हजार बनवासियों का कूच दिल्ली करा कर दिल्ली संसद पर नक्सली हमला करने की साजिश रच चुका है।

हिन्दू संगठनों ने केन्द्र सरकार और दिल्ली पुलिस से अनुरोध किया कि वो वक्त रहते काकरोच जनता पार्टी के मंसूबों को पहचान कर इनके जन आन्दोलन को सख्ती से कुचले और जन्तर मन्तर पर इन नक्सली ईसाई आतंकवादियों द्वारा किये जा रहे प्रदर्शन में 20 से अधिक लोगों के जमावड़े को इजाजत न दें। हिन्दू संगठनों को आशंका है कि इस मामले मजमा जमाने के लिए मीडिया को भी अन्ना आन्दोलन की तरह जबरदस्त फन्डिंग की गई है।