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न्यू दिल्ली से पत्रकार ऊषा माहना की कलम से

 
 न्यू दिल्ली से पत्रकार ऊषा माहना की कलम से
 धर्म रक्षक  दारा सेना

धर्मरक्षक  दारा सिंह जी और सन्त श्री आसाराम बापू जी और पूज्य नारायण प्रेम सांईं जी की रिहाई के लिये ज्ञापन। 
दारा सेना अध्यक्ष श्री मुकेश जैन पर एक ही कथित अपराध में 4-4 मुकदमें चलाकर किये जा रहे अन्याय और मूलाधिकार हनन् बन्द किया जाये।

    राजधानी दिल्ली के हिन्दू संगठनों ने धर्मयात्रा निकालकर धर्मरक्षक श्री दारा सिंह जी, पूज्य आसाराम बापू और पूज्य नारायण प्रेम सांईं जी की रिहाई के लिये और अन्यायी जजों के विनाश के लिए यमुना बाजार हनुमान मन्दिर में प्रार्थना की।

 इस अवसर पद भक्त जनों को सम्बोधित करते हुए दारा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मुकेश जैन ने कहा कि केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमितशाह ने हाल में ही कहा कि यदि सर्वोच्च न्यायालय के जज बी सुदर्शन रेड्डी और एस एस निज्झर ने छत्तीस गढ़ में नक्सली आतंकवाद के विरूद्ध कारगर जन आन्दोलन सलवा जुड़ूम पर रोक नहीं लगायी होती तो हम 10 साल पहले ही नक्सली आतंकवाद का खात्मा कर चुके होते। यही सर्वोच्च न्यायालय के जज नक्सली ईसाई आतंकवादियों और हिन्दुओं को ईसाई बनाने के खिलाफ लड़ रहे निर्दोष हिन्दू सन्त आसाराम बापू पर अत्याचार करके 13 साल से जेल में डाले हुए है। हिन्दुओं का धर्म भ्रष्ट करने वाले और पुरलिया में हवाई जहाज से हथियार गिरवाने वाले नक्सली ईसाई आंतकवादी अंग्रेज पादरी ग्राह्म स्टैंस का वध करने वाले धर्मरक्षक श्री दारा सिंह को 31 साल से जेल में डाले हुए है। जबकि आजीवन कारावास के कैदी को 7 साल की सजा के बाद छोड़ने का भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 474 का भारत सरकार का कानून है। 
 
भक्त जनों को सम्बोधित करते हुए अटल जन शक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बम बम महाराज ने कहा कि अंग्रेजी में गिटपिट करने वाले और भारत को तोड़कर अलग ईसाई देश बनाने की अंग्रेजी साजिश में लिप्त यें बेशरम हिन्दू विरोधी अभय श्री निवास ओर आगस्टीन जार्ज मसीह जैसे सर्वोच्च न्यायालय के जज दिवाली के पटाखों में किसी भी प्रकार का प्रदूषण न होने के बावजूद पटाखों पर रोक लगाकर 142 करोड़ हिन्दुस्तानियों को महामारी फैलाकर मारने की अंग्रेजी साजिश में भी शामिल है। हिन्दू विरोधी यें जज हिन्दू धर्म की गौमाता गाय को आवारा पशु बताकर दिल्ली की सड़कों से उठवाकर हम हिन्दुओं को प्रतिदिन गाय की रोटी डालने की आस्था में बाधा डालते हैं। मछलियों, बन्दरों, कबूतरों, को दाना पानी डालने पर रोक लगाकर हम हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करते हैं। हाथी में गणेश देखने वाले और जैन धर्म के सालाना वार्षिक उत्सव उछाव में इन्द्र के एरावत हाथी पर रोक लगाकर जैन धर्म पर हमला करते है। हिन्दुत्व से नफरत करने वाला जज अभय श्री निवास ओका जिसने दिवाली के पटाखों पर रोक लगाई थी, नागदेवता पर रोक लगाकर न केवल सांप के जहर का इलाज करने वाले सपेरों को बेरोजगार बना देता है बल्कि हर साल 58 हजार लोगों को सर्प दंश से मारवाने का जिम्मेदार भी हैं। क्यों कि इस हिन्दुत्व से नफरत करने वाले जज ने लाखों सापों को सपेरे के पिटारे से निकलवा कर लोगों को काटने के लिए छुड़वा दिया। वहीं दूसरी ओर हिन्दुत्व से नफरत करने वाले सर्वोच्च न्यायालय के जज जे बी पारदीवाला ने हिन्दुओं की भैरव की सवारी  कुत्तों को पिजड़ों में डालने का आदेश देकर हिन्दू धर्म पर हमला किया। जबकि कुत्तें के काटने से भारत में 2024 में कुल 58 लोग मरे। सर्वोच्च न्यायालय के जजों का हिन्दुत्व से नफरत करने का अजब पैमाना है। जहां 58 इजार लोगो को मारने वाले सांपों को पिटारे से छुड़वा रहे हैं वहीं 58 लोगो को काटने वाले कुत्तों को पिजड़े में डाल रहे हैं ताकि हम हिन्दू नाग पंचमी पर नाग देवता के दर्शन करके उन्हें दूघ न पिला सके और चूल्हे से निकाली गयी आखरी रोटी कुत्तों को सुबह शाम खिलाकर हिन्दू धर्म का पालन न कर सके।

भक्त जनों को हनुमान चालीसा का पाठ कराते हुए सनातन धर्म रक्षा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मानिक देशमुख ने कहा कि हम हिन्दू संगठनों का मानना है कि असंवैधानिक कालेजियम द्वारा हिन्दू विरोधी जजों की नियुक्ति करने वाले सर्वोच्च न्यायालय के इन हिन्दू विरोधी जजों को कानून से खिलवाड़ और बेईमानी करके का पहला पाठ ही कालेजियम की बेईमानी से मिलता है। जिन जजों की नियुक्ति ही संविधान के अनुच्छेद 224.2 का उल्लंघन करके की जा रही वे बेईमान जज संविधान से हर जगह बेईमानी कर रहे हे। जजों की बेशर्मी और बेईमानी का जीता जागता सबूत करोड़ों रुपयों का रिश्वतखोर जज यशवन्त वर्मा और महाभ्रष्ट जज के जी बालाकृष्णन् है। 

हिन्दू संगठनों ने सरकार से अनुरोध किया कि भारतीय नागरिेक सुरक्षा संहिता की धारा 474 आजीवन कारावास के कैदियों को 7 साल बाद छोड़ने का अधिकार देती है। सरकार धर्मरक्षक श्री दारा सिंह, सन्त श्री आसाराम बापू और पूज्य नारायण प्रेम सांई जी को तत्काल रिहा करने की कृपा करें। 

हिन्दू संगठनों ने इसी के साथ सरकार से अनुरोध किया कि कोरोना काल 2020 में जगन्नाथ रथ यात्रा पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रोक लगाने का विरोध करने पर दारा सेना अध्यक्ष श्री मुकेश जैन पर एक ही कथित अपराध में कटक ओड़िशा में 4-4 मुकदमें चलाकर किये जा रहे अन्याय और मूलाधिकार हनन् का निवारण किया जाये। जिसके कारण पूरी न्यायपालिका की बहुत बदनामी हो रही है और आम जनता का विश्वास सर्वोचच न्यायालय से अठ रहा है। उल्लेखनीय है कि मूलाधिकार अनुच्छेद 20.2 के अनुसार किसी भी व्यक्ति पर एक अपराध के लिए 1 से अधिक मुकदमा नहीं चलाया जा सकता।

इसी के साथ हिन्दू संगठनों ने अनुरोध किया है कि सर्वोच्च न्यायालय के कालेजियम द्वारा की गयी 5 जजों की नियुक्ति की असंवैधानिक अनुशंसा को निरस्त करके महामहिम राष्ट्रपति संविधान के अनुच्छेद 124.2 का पालन करते हुए सर्वोच्च न्यायालय के जजों की नियुक्ति करने की कृपा करें क्यों कि इस नियुक्ति प्रक्रिया के सलाहकार जजों चुनाव महामहिम ने किया ही नहीं।