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न्यू दिल्ली से पत्रकार ऊषा माहना की कलम से

 
 न्यू दिल्ली से पत्रकार ऊषा माहना की कलम से
 डॉ हरीश सभरवाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष - ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के नेतृत्व में दिल्ली-एनसीआर में “चक्का जाम” का दूसरा दिन भी पूरी तरह रहा प्रभावी ट्रकों की आवाजाही लगभग ठप, फल-सब्जियों की कीमतों पर दिखने लगा असर।

समस्याओं के समाधान नहीं होने से परिवहन बिरादरी में बढ़ रही है निराशा। ट्रांसपोर्टरों की जायज़ मांगों पर जल्द समाधान की आवश्यकता।

ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस  वर्ष 1936 से देश के सड़क परिवहन क्षेत्र के माल एवं यात्री परिवहन से जुड़े हितों की रक्षा करने वाला सर्वोच्च संगठन है। यह पूरे भारत में लगभग 95 लाख ट्रक ऑपरेटरों, लगभग 26 लाख प्राइवेट बस, टैक्सी एवं मैक्सी-कैब ऑपरेटरों तथा 3500 से अधिक तहसील, जिला एवं राज्य स्तरीय परिवहन संगठनों, यूनियनों और फेडरेशनों का प्रतिनिधित्व करता है।

डॉ हरीश सभरवाल - राष्ट्रीय अध्यक्ष -एआईएमटीसी के नेतृत्व में 21. से 23. तक दिल्ली-एनसीआर में ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस  के नेतृत्व में चल रहे तीन दिवसीय “चक्का जाम” का दूसरा दिन भी पूरी तरह प्रभावी रहा। “चक्का जाम” आंदोलन का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। दिल्ली में ट्रकों की आवाजाही लगभग पूरी तरह बंद रही, जिसका असर अब फल एवं सब्जियों की कीमतों पर भी दिखाई देने लगा है। दिल्ली की सभी  मंडियों में गाड़ियां नहीं पहुंची जैसे  आजादपुर मंडी (ए. पी.एम. सी.), नया बाजार थोक मार्केट, खारी बावली, सदर बाजार , खन्ना मार्केट,  गोखले मार्केट , कमला  मार्केट ग़ाज़ीपुर मंडी, ओखला मंडी आदि, तथा संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर, पंजाबी बाग ट्रांसपोर्ट सेंटर, तथा अन्य ट्रांसपोर्ट सेंटर  बंद पड़े हैं  | दिल्ली में चक्काजाम की  वजह से पीछे से ही बुकिंग बंद होने के कारण, दिल्ली में ट्रकों की आवाजाही लगभग पूरी तरह ठप रही और ना के बराबर वाहन राजधानी में प्रवेश कर सके। 

डॉ हरीश सभरवाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष -एआईएमटीसी ने बताया कि यह आंदोलन दिल्ली की जनता के खिलाफ नहीं है, बल्कि उन अन्यायपूर्ण नीतियों के खिलाफ है जो देश की अर्थव्यवस्था और आपूर्ति श्रृंखला की रीढ़ माने जाने वाले परिवहन क्षेत्र के अस्तित्व को खतरे में डाल रही हैं। हम दिल्ली कि जनता से उनको हो रही असुविधा के लिए क्षमा प्रार्थी हैं और उम्मीद करते हैं कि वो हमारी व्यथा को समझेगी और हमारी इस मुहीम में हमारा साथ देगी |

दिल्ली सरकार और सी. ए. क्यू. एम.  की अन्यायपूर्ण एवं परिवहन व्यवसाय विरोधी नीतियों के खिलाफ दिल्ली-एनसीआर में चल रही तीन दिवसीय परिवहन हड़ताल को ट्रांसपोर्टरों, ट्रक ऑपरेटरों, ड्राइवरों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े सभी वर्गों का भारी समर्थन मिल रहा  है।

यह आंदोलन उन नीतियों के खिलाफ शुरू किया गया है, जो छोटे ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों, ट्रक मालिकों, ड्राइवरों और परिवहन क्षेत्र पर निर्भर लाखों परिवारों की आजीविका पर गंभीर प्रभाव डाल रही हैं। लगातार बढ़ते संचालन खर्च, बढ़े हुए ई.सी.सी. शुल्क, कमर्शियल वाहनों पर प्रतिबंध और अव्यावहारिक नीतियां परिवहन उद्योग को आर्थिक संकट की ओर धकेल रही हैं।

सामान्य दिनों में लगभग 70,000 ट्रक विभिन्न प्रवेश बिंदुओं से प्रतिदिन दिल्ली में प्रवेश करते हैं। लेकिन आज विरोध प्रदर्शन के दौरान ना  के बराबर ट्रक दिल्ली में प्रवेश  किया । यह इस आंदोलन की बड़ी सफलता और परिवहन बिरादरी में अन्यायपूर्ण नीतियों के खिलाफ भारी रोष को दर्शाता है।

 मनजिंदर सिंह सिरसा जी , माननीय मंत्री, खाद्य, आपूर्ति एवं पर्यावरण, दिल्ली सरकार, की मध्यस्ता से कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सी. ए. क्यू . एम.) की  साथ बैठक की बैठक संभावना बन रही है  | अगर सरकार चाहेगी तो हमें उम्मीद हैं कि परिवहन समुदाय की  समस्याओं का सार्थक समाधान निकाल सकेगा |

अब तक किसी ठोस समाधान के अभाव से परिवहन बिरादरी में भारी निराशा व्याप्त है। सभी ट्रांसपोर्ट संगठनों का एकमत हैं कि उनकी जायज़ मांगों और गंभीर समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे पूरे परिवहन उद्योग में असंतोष बढ़ता जा रहा है।

यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो परिवहन बिरादरी पूरे देश में अनिश्चितकालीन “चक्का जाम” करने के लिए मजबूर हो सकती है।