न्यू दिल्ली से पत्रकार ऊषा माहना की कलम से

21-22-23 मई 2026 के सांकेतिक “चक्का जाम” को सफल बनाने हेतु सभी प्रमुख ट्रांसपोर्ट संस्थाएं एवं यूनियनें एक मंच पर
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआइएमटीसी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. हरीश सभरवाल के नेतृत्व में दिल्ली-एन सी आर, हरियाणा एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार आयोजित हो रही बैठकों को अभूतपूर्व समर्थन मिल रहा है। दिल्ली-एन सी आर के ट्रांसपोर्ट उद्योग से जुड़ी लगभग सभी प्रमुख संस्थाएं, यूनियनें, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन एवं ऑपरेटर संगठन अब एआइएमटीसी के बैनर तले एकजुट होकर 21, 22 एवं 23 मई 2026 को प्रस्तावित 3 दिवसीय सांकेतिक “चक्का जाम” आंदोलन को सफल बनाने के लिए संगठित हो रहे हैं।
पिछले कुछ दिनों में आजादपुर मंडी, संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर (दिल्ली), पञ्जाबी बाग ट्रांसपोर्ट सेंटर (दिल्ली) मुंडका, बहादुरगढ़, रोहतक, झज्जर, रौंद, सोनीपत, पानीपत, करनाल, मेरठ, गाज़ियाबाद एवं यूपी बॉर्डर , गुरुग्राम, धारूहेड़ा, भिवाड़ी (राजस्थान) सहित अनेक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गईं, जिनमें ट्रांसपोर्ट समुदाय की भारी भागीदारी देखने को मिली। इन बैठकों में स्थानीय ट्रांसपोर्ट यूनियनों, ट्रक ऑपरेटरों, कार कैरियर संगठनों, गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशनों एवं विभिन्न क्षेत्रीय संस्थाओं ने आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया।
07-05-2026 संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर, सोनीपत एवं पानीपत में आयोजित बैठकों में पानीपत, करनाल एवं आसपास के क्षेत्रों की सभी प्रमुख ट्रांसपोर्ट संस्थाओं एवं यूनियनों ने भाग लेकर आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया। पानीपत ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री धर्मवीर मलिक जी ने आश्वासन दिया कि 21 से 23 मई के दौरान पानीपत रिफाइनरी से भी दिल्ली के लिए कोई वाहन लोड नहीं किया जाएगा।
08-05-2026 को मुंडका, बहादुरगढ़, रौंद, रोहतक एवं झज्जर में आयोजित बैठकों में भी ट्रांसपोर्ट संगठनों ने सरकार की जनविरोधी एवं परिवहन-विरोधी नीतियों के खिलाफ गहरा रोष व्यक्त किया। इन बैठकों में श्री लाकड़ा जी, श्री सुरेंद्र शर्मा जी, श्री तेजपाल जी, श्री कुलदीप जी, श्री हरदीप जून साहब, श्री संजय जी, श्री मोहन जी एवं प्रधान श्री राकेश जी सहित अनेक स्थानीय प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इसी प्रकार 11-05-2026 मेरठ, गाज़ियाबाद एवं यूपी बॉर्डर पर आयोजित सभी बैठकों में लगभग 150-200 प्रमुख ट्रांसपोर्ट संगठनों के पदाधिकारी एवं उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे और सभी स्थानीय पदाधिकारियों एवं यूनियनों ने आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की।
आज दिनांक 12-05-2026 को गुरुग्राम और धरूहेरा और भिवाड़ी में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठकों में ट्रांसपोर्ट साथियों, पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया कि परिवहन उद्योग अब अपने अधिकारों एवं अस्तित्व की रक्षा के लिए पूरी मजबूती से एकजुट है।
डॉ हरीश सभारवाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष – एआइएमटीसी ने आरोप लगाया कि “प्रदूषण नियंत्रण के नाम पर लगाया जा रहा ई सी सी और ग्रीन टैक्स अब पर्यावरण संरक्षण से अधिक राजस्व वसूली का माध्यम बन चुका है। सरकार की नीतियों पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि यदि ट्रकों के बंद होने से वास्तव में प्रदूषण कम हो रहा है, तो सरकार को इसके प्रमाण और रिकॉर्ड सार्वजनिक करने चाहिए।
21, 22 एवं 23 मई 2026 को दिल्ली-एन सी आर में सांकेतिक चक्का जाम के दौरान उनकी गाड़ियां दिल्ली में प्रवेश नहीं करेंगी और यदि आवश्यकता पड़ी तो वे आर-पार की लड़ाई के लिए भी तैयार हैं। विभिन्न बैठकों में यह भी कहा गया कि ट्रांसपोर्ट उद्योग को लगातार आर्थिक बोझ, बी एस -IV वाहनों पर प्रतिबंध, बी एस -VI वाहनों पर भी ई सी सी , परमिट समस्याओं एवं अन्य नीतिगत दबावों के माध्यम से कमजोर किया जा रहा है।
प्रदूषण और ग्रीन टैक्स के नाम पर वर्षों में एकत्रित हजारों करोड़ रुपये का उपयोग आखिर कहां हुआ और ट्रांसपोर्टरों या प्रदूषण नियंत्रण के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए। वक्ताओं ने कहा कि ट्रांसपोर्ट उद्योग देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन सरकार इसे केवल राजस्व वसूली का माध्यम समझ रही है। सभी संगठनों ने एकजुट होकर घोषणा की कि यह आंदोलन केवल ट्रांसपोर्ट व्यवसाय की नहीं, बल्कि लाखों ड्राइवरों, हेल्परों, छोटे ट्रांसपोर्टरों एवं उनके परिवारों के सम्मान, अधिकार और आजीविका की लड़ाई है, जिसे पूरी एकता और मजबूती के साथ लड़ा जाएगा।“
इन बैठकों में एआइएमटीसी के पूर्व अध्यक्ष श्री गुरिंदर पाल सिंह जी, श्री भीम वाधवा जी, श्री कुलतारण सिंह अटवाल जी, वरिष्ठ ट्रांसपोर्ट नेता श्री रमेश मैनी जी, श्री रविंदर सिंह खुराना जी, श्री अशोक ढींगरा जी, श्री रोहित आहूजा जी, अध्यक्ष श्री अजीत सिंह ओबेरॉय जी, श्री मोहन सिंह जी, कार कैरियर एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री रोहित सिंह जी, पूर्व अध्यक्ष श्री विपुल नंदा जी, श्री श्याम सुंदर जी, श्री मदन लाल डावर जी, श्री अमरजीत सिंह सहगल जी, श्री विजेंद्र दलाल जी, श्री अमरीक सिंह जी सहित अनेक प्रमुख प्रतिनिधियों एवं स्थानीय ट्रांसपोर्ट संस्थाओं के पदाधिकारियों ने भाग लिया।
सभी बैठकों में ट्रांसपोर्ट उद्योग के सामने खड़ी गंभीर चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई। लगातार बढ़ते ई सी सी शुल्क, बी एस -IV कमर्शियल वाहनों पर 1 नवंबर 2026 से प्रस्तावित प्रतिबंध, बी एस -VI वाहनों पर भी ई सी सी लागू किए जाने, परमिट संबंधी समस्याओं तथा ट्रांसपोर्ट व्यवसाय को प्रभावित कर रही अन्य नीतियों पर सभी साथियों ने गहरी चिंता व्यक्त की।
सभी संगठनों एवं यूनियनों ने एक स्वर में कहा है कि यदि सरकार ने समय रहते इन अव्यावहारिक एवं उद्योग-विरोधी नीतियों पर पुनर्विचार नहीं किया, तो इसका सीधा प्रभाव लाखों ट्रांसपोर्टरों, ड्राइवरों, हेल्परों, छोटे ऑपरेटरों एवं देश की सप्लाई चेन पर पड़ेगा।
बैठकों में यह भी निर्णय लिया गया कि 21, 22 एवं 23 मई 2026 को प्रस्तावित सांकेतिक चक्का जाम को सफल बनाने हेतु व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा तथा अधिक से अधिक ट्रांसपोर्टरों को इस आंदोलन से जोड़ा जाएगा। कई क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने यह भी आश्वासन दिया कि इन तीन दिनों के दौरान दिल्ली-एन सी आर के लिए वाहनों की लोडिंग रोकने में पूरा सहयोग दिया जाएगा।
एआइएमटीसी ने सभी ट्रांसपोर्ट साथियों से अपील की है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में संगठित होकर इस लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन को सफल बनाएं और ट्रांसपोर्ट उद्योग की आवाज़ को मजबूती से सरकार तक पहुंचाएं।
यह केवल ट्रांसपोर्ट उद्योग की लड़ाई नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की रोज़ी-रोटी, सम्मान और भविष्य की लड़ाई है।
एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।

