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न्यू दिल्ली से पत्रकार ऊषा माहना की कलम से

 
 न्यू दिल्ली से पत्रकार ऊषा माहना की कलम से
 मिड डे मिल के नाम पर भ्रष्टाचारी ईसाई जज के जी बालाकृष्णन ने हिन्दुओं को गाय का मांस खिलाने की बड़ी साजिश रची- हिन्दू संगठन                                                                                   अखिल भारत हिन्दू महासभा

अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मुन्ना कुमार शर्मा जी की अध्यक्षता में हुई हिन्दू संगठनों की बैठक में बिहार के सासाराम में एक उ़र्दू स्कूल में हिन्दू बच्चों को मिड डे मिल में गाय का मांस परोसे जाने को हिन्दू धर्म पर बड़ा हमला बताया। श्री मुन्ना कुमार शर्मा ने इस साजिश का सूत्रधार भ्रष्टाचारी ईसाई जज के जी बालाकृष्णन को बताया। जिसने हिन्दुओं की पवित्र रसोई को अपवित्र करके हिन्दुओं का धर्म भ्रष्ट करने के लिए उनकी पवित्र रसोई पर मिड डे मिल द्वारा हमला कराया।

बैठक में दारा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मुकेश जैन ने कहा कि हम हिन्दुओं की रसोई पवित्रता का सर्वोच्च स्थान है। रसोई में स्नान करने के बाद ही जाने की हम हिन्दुओं का धर्म है। हिन्दू रसोई में जूते पहनकर जाना भी वर्जित है। दिन में शौचालय जाने के बाद हिन्दू स्त्रियां फिर से स्नान करके ही रसोई में प्रवेश करती है। हिन्दू धर्म को मानने वाले ईसाई और मुसलमानों का छुआ नहीं खाते। मरी हुई चुहियां घर से बाहर फैकने के बाद या शमशान में जाने के बाद हम हिन्दू बिना स्नान किये रसोई में नहीं जा सकते।

बैठक में खटिक चर्मकार बाल्मिकी धर्मरक्षक सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष भाई सुभाष चन्द्र खटिक ने कहा कि हम खटिक चर्मकार जाटव जाति के हिन्दू पशु वध करने, मृत पशुओ की खाल उतारने, जूते बनाने, चर्म शिल्पकारी करते हैं। बाल्मिकी समुदाय के हिन्दू सफाईकर्मी के तौर पर अपना पुश्तैनी काम करते हैं। 
हम समाज के स्वच्छता, शूचिता ओर पवित्रता के नियमों का पालन करते हुए अपने घर आये हिन्दुओं के अन्य समुदाय को पानी तक भी नहीं पिलाते। किन्तु के जी बालाकृष्णन् नामक ईसाई जज ने हम हिन्दुओं को महामारी फैलाकर मारने के लिए अपने आदेश में लिखा कि बाल्मिकी सफाई कर्मी पहले शौचालय साफ करेंगें। उसके बाद मिड डे मिल बनायेंगें। भारत में कोरोना महामारी फैलाकर 130 करोड़ हिन्दुस्तानियों को महामारी फैलाकर मारने के लिए सर्वोच्च न्यायालय के ईसाई जज के जी बालाकृष्णन् के साथ मिलकर हिन्दू विरोधी जज अभय श्री निवास ओका और ईसाई जज आगस्टीन जार्ज मसीह जैसे जजों ने बहुत बड़ी साजिश रची। जिससे करोड़ो लोग मारे गये। यें जज जानते थे कि दिवाली के पटाखों से निकली जीवाणुनाशक सल्फर डाई आकसाइड गैस से ही चीन ने कोरोना जैसी महामारी पर काबू पाया किन्तु दिवाली के पटाखों में किसी भी तरह के प्रदूषण न होने के बावजूद भी इन जजों ने स्वतः संज्ञान लेकर दिवाली के पटाखों पर रोक लगाई। इन जजों ने अपनी इस साजिश में सी एस ई कि निदेशक सुनीता नारायण, न्याय मित्र अपराजिता सिंह, उत्तरा बब्बर और सी आई ए के ऐजेन्ट एम सी मेहता को भी शामिल किया।

हिन्दू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री विष्णु गुप्ता ने कहा कि जहां ईसाई जज के जी बालाकृष्णन् मिड डे मिल के नाम पर हिन्दू बच्चों को गाय का मांस खिलवा रहा है, वहीं आन्ध्र प्रदेश के ईसाई मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड़डी ने तिरूपति बालाजी मन्दिर के लड्डू प्रसादम् में गाय की चर्बी मिलवाकर हिन्दुओं का धर्म भ्रष्ट किया। जब यह मामला सर्वोच्च न्यायालय में पहुंचा तो हिन्दू विरोधी जज बी आर गवई ने उल्टे चन्द्र बाबू नायडू सरकार को ही फटकार लगाकर ईसाई जगन मोहन रेड्डी पर चल रहा मुकदमा बन्द कर दिया। श्री विष्णु गुप्ता ने बताया कि बी आर गवई वो ही जज है जो हिन्दू विरोध के कारण सर्वोच्च न्यायालय में जूता खा चुका हे। 
हिन्दू संगठनों ने सरकार से मांग की कि हर हालात में हिन्दुओं के धर्म की रक्षा की जाये। मिड डे मिल में गाय का मांस परोसे जाने के कारण हिन्दुओं  संगठनों ने सरकार से मांग की कि वें स्कूलों में मिड डे मिल पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाकर  हिन्दू धर्म की रक्षा करें। हिन्दू संगठनों का कहना है कि जब सरकार हर परिवार को मुफ्त राशन दे ही रही है तो मिड़ डे मिल की कोई आवश्यकतता भी नहीं है।