न्यू दिल्ली से पत्रकार ऊषा माहना की कलम से

“महिलाओं की भागीदारी से विकसित भारत 2047” विषय पर आधारित उज्ज्वला समिट 2026 (तृतीय संस्करण) का सफल आयोजन एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर, नई दिल्ली में किया गया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों की वरिष्ठ महिला अधिकारी, नीति-निर्माता, शिक्षाविद, कॉर्पोरेट प्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से श्रीमती रश्मि सिंह, आईएएस, सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग, दिल्ली सरकार,
डॉ. अनुराधा अग्रवाल, आईसीएआर,
श्रीमती मंजू गुप्ता, Executive Director – Power Grid,
सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारियों एवं विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि विकसित भारत 2047 का लक्ष्य महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और नेतृत्व के बिना संभव नहीं है।
कार्यक्रम का शुभारंभ ब्रह्माकुमारीज की सिस्टर येशु द्वारा ध्यान सत्र से हुआ, जिसने पूरे आयोजन को सकारात्मक और प्रेरणादायक वातावरण प्रदान किया। इसके पश्चात विभिन्न वक्ताओं ने महिलाओं की शिक्षा, नेतृत्व, सामाजिक सहभागिता तथा राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका पर अपने विचार साझा किए।
समिट में समाज के विभिन्न वर्गों से आए प्रतिभागियों — शिक्षकों, विद्यार्थियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, कॉर्पोरेट प्रतिनिधियों एवं जमीनी स्तर पर कार्य करने वाली महिलाओं — की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही, जिससे यह कार्यक्रम एक सार्थक संवाद मंच बन गया।
आयोजन के दौरान आयोजित उज्ज्वला सम्मान समारोह में गेल इंडिया, पावरग्रिड तथा आईसीएआर से जुड़े अधिकारियों एवं संस्थाओं को महिलाओं के सशक्तिकरण एवं महिला-केंद्रित पहलों के लिए सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर डॉ. स्वाति पाल, प्राचार्य, जानकी देवी मेमोरियल कॉलेज, ने अपने संबोधन में महिलाओं में लेखन की आदत विकसित करने पर जोर देते हुए कहा कि अभिव्यक्ति और बौद्धिक सहभागिता महिलाओं के सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण माध्यम है।
एक दिवसीय इस समिट में पैनल चर्चा, संवाद सत्र, कार्यशाला तथा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिससे यह कार्यक्रम ज्ञान, प्रेरणा और सहभागिता का समग्र मंच बन गया।
कार्यक्रम की प्रोग्राम डायरेक्टर श्रीमती अर्पिता सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले दो सफल संस्करणों के बाद आयोजित यह तीसरा संस्करण उज्ज्वला समिट की बढ़ती लोकप्रियता और प्रभाव को दर्शाता है। उन्होंने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, सम्मानित व्यक्तियों एवं उज्ज्वला टीम का आभार व्यक्त करते हुए घोषणा की कि उज्ज्वला समिट का चौथा संस्करण और भी बड़े स्तर पर, बड़े सभागार में आयोजित किया जाएगा, ताकि महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व के संदेश को और व्यापक स्तर पर पहुँचाया जा सके।
उज्ज्वला समिट एक ऐसे राष्ट्रीय मंच के रूप में स्थापित हो रहा है, जो
महिलाओं की भागीदारी, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को सम्मानित करते हुए विकसित भारत 2047 के संकल्प को सशक्त बनाता है।

