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न्यू दिल्ली से पत्रकार ऊषा माहना की कलम से

 
 न्यू दिल्ली से पत्रकार ऊषा माहना की कलम से
 नई दिल्ली 6 मार्च

पर्यटन परिवहन की समस्याओं को लेकर टीम ए.आई.एम.टी.सी. की पहल —

डॉ. हरीश सभरवाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष व टीम आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट काँग्रेस तथा डी सी बी ए ने केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत जी से मुलाकात कर राजस्थान में छोटे टुरिस्ट वाहनों पर लगेज कैरियर प्रतिबंध और उत्तराखंड राज्य में चार धाम यात्रा में बाहरी राज्यों के वाहनों के साथ ग्रीन कार्ड को लेकर भेदभाव का मुद्दा उठाया।

डॉ हरीश सभारवाल जी, राष्ट्रीय अध्यक्ष, आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट काँग्रेस (ए.आई.एम.टी.सी) ने केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत जी से मुलाकात कर देश के पर्यटन परिवहन क्षेत्र से जुड़े दो महत्वपूर्ण मुद्दों पर उनका ध्यान आकर्षित किया और टूरिज्म में हो रही कमी एवं पर्यटकों को हो रही असुविधा तथा राष्ट्रीय रेवेन्यू में हो रही क्षति के लिए शीघ्र समाधान हेतु हस्तक्षेप का अनुरोध किया।

बैठक के दौरान डॉ. सभरवाल ने मंत्री महोदय को बताया कि राजस्थान में पर्यटक वाहनों पर रूफ-माउंटेड लगेज कैरियर (छत पर यात्री सामान रखने की व्यवस्था) को अचानक बंद कर दिए जाने से पर्यटन वाहन संचालकों, विशेषकर छोटे वाहनों जैसे अर्बानिया, टेम्पो ट्रैवलर और टोयोटा क्रिस्टा आदि के ऑपरेटरों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि इन छोटे पर्यटक वाहनों में यात्रियों के सामान के लिए पर्याप्त आंतरिक स्थान उपलब्ध नहीं होता, ऐसे में लगेज कैरियर पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने से पर्यटन संचालन में गंभीर व्यावहारिक समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। कई स्थानों पर पर्यटक वाहनों को रास्ते में रोका जा रहा है, जिससे संचालकों के साथ-साथ देशी-विदेशी पर्यटकों को भी असुविधा और अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

डॉ. सभरवाल ने स्पष्ट किया कि ए.आई.एम.टी.सी बसों में अवैध वाणिज्यिक माल ढुलाई के लिए यात्री वाहनों के दुरुपयोग का कड़ा विरोध करता है और सरकार के इस उद्देश्य का पूरा समर्थन करता है। किंतु पर्यटकों के वैध सामान को ले जाने की अनुमति देना पर्यटन संचालन का एक आवश्यक हिस्सा है। इसलिए छोटे पर्यटक वाहनों में यात्रियों के सामान के लिए रूफ-माउंटेड लगेज कैरियर की अनुमति दी जानी चाहिए ताकि पर्यटन गतिविधियां सुचारु रूप से चल सकें।

इस अवसर पर डॉ. सभरवाल ने मंत्री महोदय का ध्यान उत्तराखंड में होने वाली चार धाम यात्रा के दौरान अन्य राज्यों में पंजीकृत पर्यटक वाहनों के साथ किए जा रहे कथित भेदभाव की ओर भी आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में उत्तराखंड में पंजीकृत वाहनों को छह माह की ग्रीन कार्ड वैधता दी जाती है, जबकि अन्य राज्यों के वाहनों को केवल 15 दिन की वैधता दी जाती है, जिससे देशभर से आने वाले पर्यटन ऑपरेटरों को बार-बार आवेदन और शुल्क भुगतान की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था व्यावहारिक नहीं है क्योंकि चारधाम यात्रा जैसी लंबी और कठिन यात्रा को 15 दिनों में पूरा करना अक्सर संभव नहीं होता। इससे ऑपरेटरों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ता है तथा यात्रियों—विशेषकर बुजुर्गों और महिलाओं—को भी असुविधा होती है।
एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी है कि पहाड़ी रास्ते व उनके कथित द्वार कई दफा मौसम या लैंडस्लाइड के चलते अचानक बंद करने पड़ जाते हैं और मिनी बसों द्वारा चलती यात्रा लेट हो जाती है, उस स्थिति में 15 दिन की ग्रीनकार्ड की वैधता रस्ते में ही समाप्त हो जाती, और शेष यात्रा में ग्रीन कार्ड valid न होने से इंश्योरेंस की नज़र से भी असंवैधानिक मानी जाती हैं।

अगले ट्रिप के लिए भी जो 48घंटे पहले अप्लाई करना कई बार संभव नहीं हो पाता, जिसके फलस्वरूप यात्रियों के होटल व हेलीकॉप्टर की बुकिंग जाया चली जाती है, आर्थिक नुकसान के इलावा यात्रियों को बिना वजह की बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

डॉ हरीश सभारवाल जी ने माननीय श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत से अनुरोध किया गया कि पर्यटन क्षेत्र के हित में दोनों मुद्दों पर संबंधित राज्यों से समन्वय कर व्यावहारिक और संतुलित समाधान सुनिश्चित कराया जाए, ताकि देशभर से आने वाले पर्यटक वाहन संचालकों सम्मानजनक व्यवहार मिल सके तथा पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिल सके।

माननीय केंद्रीय प्रयटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत जी ने विश्वास दिलाया कि इन मुद्दों का शीघ्र समाधान होगा और देश में पर्यटन परिवहन व्यवस्था को और अधिक सुगम व व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।