न्यू दिल्ली से पत्रकार ऊषा माहना की कलम से

ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट नियमों में सकारात्मक सुधार – टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर को बड़ी राहत*
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट काँग्रेस (ए.आई.एम.टी.सी.), दिल्ली कान्ट्रैक्ट बस एसोसिएशन (डी.सी.बी.ए.) एवं टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरस की ओर से हम सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार को दिल से धन्यवाद करते हैं। मंत्रालय द्वारा 13 फरवरी 2026 की अधिसूचना जी.एस.आर. 131(ई) के माध्यम से आल इंडिया टूरिस्ट व्हीकल (परमिट) रूल्स, 2023 में जो संशोधन किए गए हैं, वे उद्योग के लिए व्यावहारिक और सकारात्मक कदम हैं।
नए ए.आई.टी.पी. अधिनियम, 2026 में पर्यटन उद्योग की अधिकांश चिंताओं को ध्यान में रखा गया है और यह पहले के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित ड्राफ्ट नियमों से काफी बेहतर हैं। देशभर के टूरिस्ट ऑपरेटरों ने इन सुधारों का स्वागत किया है।
टूरिस्ट ऑपरेटर भाइयों के लिए अच्छी खबर
ए.आई.एम.टी.सी. और डी.सी.बी.ए. के लगातार प्रयासों से टूरिस्ट ऑपरेटरों के हित में कई सकारात्मक बदलाव करवाने में सफलता मिली है। 12 सितम्बर 2025 के प्रस्तावित ए.आई.टी.पी. नियम संशोधन पर ए.आई.एम.टी.सी. और डी.सी.बी.ए. ने लगातार सुझाव दिए और मंत्रालय के साथ बैठकों में पर्यटन उद्योग का पक्ष रखा। इन प्रयासों के बाद 13 फरवरी 2026 को नए नियम जारी किए गए।
मुख्य फायदे
1) टूरिस्ट वाहनों की उम्र 12 साल से बढ़ाकर 15 साल कर दी गई है। यह टूरिस्ट ऑपरेटर भाइयों के लिए व्यवसाय में एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।
2) ए.आई.टी.पी. की वैधता के लिए लंबित चालानों के भुगतान करने की अवधि प्रस्तावित 30 दिन की जगह 45 दिन कर दी गई है।
टूरिस्ट ट्रिप शुरू करने से 24 घंटे पहले रूट डिटेल्स अपलोड करने की बाध्यता से राहत प्रस्तावित यात्रा प्रारंभ होने से 24 घंटे पहले रूट डिटेल्स वाहन पोर्टल पर अपलोड करने की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। अब केवल रूट और ट्रिप की जानकारी, भौतिक या इलेक्ट्रॉनिक तरीके, में टूरिस्ट वाहन में साथ रखनी होगी।
3) टूरिस्ट वाहन को होम स्टेट से बाहर रहने के नियम में बदलाव किया गया है। टूरिस्ट वाहन को होम स्टेट से बाहर रहने की अवधि 45 दिन से बढ़ाकर 60 दिन की गई। इस तरह बाहर के राज्यों में गैर-कानूनी संचालन यानी “डग्गेमारी” पर सख्ती की गई है।
4) टूरिस्ट वाहन को स्टेज कैरिज की तरह चलाने पर रोक और अवैध संचालन पर सख्ती की गई है ।
5) परमिट की वैद्यता के लिए वाहन के सभी दस्तावेज वैध होने चाहिए और टोल बकाया नहीं होना चाहिए। परमिट उसी राज्य से मिलेगा जहाँ वाहन रजिस्टर है।
6) इज.ऑफ.डूइंग.बिजनेस. को बढ़ावा देने के लिए सुधार आवेदन प्रक्रिया आसान की गई है । सीटिंग और स्लीपर दोनों क्षमता मान्य की गई हैं।
कुल मिलाकर ये नियम टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट उद्योग के लिए संतुलित और सकारात्मक सुधार हैं।
कुछ महत्वपूर्ण सुझाव
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट काँग्रेस (ए.आई.एम.टी.सी.), सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार से विनम्र निवेदन करती है कि—
1) जैसे कि सहमति बनी थी, नए नियम ये अधिसूचना लागू होने की तारीख के बाद लिए गए परमिट् पर ही लागू हों ताकि पुराने नियमों के आधार पर वाहन खरीदने वाले ऑपरेटरों को नुकसान न हो। खासकर रूल 4 अ (1)(अ) में होम स्टेट से यात्रा शुरू/समाप्त करने की शर्त पुराने परमिटस पर लागू न की जाए।
2) ऑटो डी-ब्लैकलिस्टिंग की सुविधा: लंबित चालान और बकाया टोल फीस जमा होते ही वाहन अपने-आप ही रियल टाइम में डी-ब्लैकलिस्ट से हट जाए,
इसके लिए एन.आई.सी. द्वारा सिस्टम अपडेट किया जाए।
हम मंत्रालय के संतुलित और प्रगतिशील फैसलों के लिए पुनः धन्यवाद देते हैं। इन सुधारों से वैध टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट संचालन मजबूत होगा और उद्योग में पारदर्शिता बढ़ेगी।
आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट काँग्रेस आगे भी सड़क एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार के साथ मिलकर परिवहन क्षेत्र और देश के साझा हित में कार्य करती रहेगी

