पंजाब कांग्रेस को झटका, पूर्व विधायक रमिंदर सिंह आवला शिअद में शामिल

चंडीगढ़, 25 अक्टूबर पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस को बड़ा झटका देते हुए जलालाबाद विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक रमिंदर सिंह आवला रविवार को शिरोमणि अकाली दल में शामिल हो गए। चंडीगढ़ आवास पर अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने उनका पार्टी में स्वागत किया। आवला के अकाली दल में शामिल होने को फिरोजपुर और फाजिल्का जिलों की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
रमिंदर सिंह आवला के पार्टी में शामिल होने के बाद सुखबीर सिंह बादल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उनका स्वागत किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और जलालाबाद के पूर्व विधायक रमिंदर सिंह आवला का शिरोमणि अकाली दल परिवार में स्वागत करना खुशी की बात है। सुखबीर बादल ने कहा कि जलालाबाद की जनता ने उन्हें तीन बार सेवा करने का अवसर दिया है। अकाली सरकारों के कार्यकाल में इस विधानसभा क्षेत्र में बड़े स्तर पर विकास कार्य करवाए गए थे।
रमिंदर सिंह आवला वर्ष 2019 से 2022 तक जलालाबाद विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक रहे हैं। अक्टूबर, 2019 में हुए विधानसभा उपचुनाव में उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार राज सिंह डिब्बीपुरा को हराकर जीत हासिल की थी। यह सीट सुखबीर सिंह बादल के गढ़ के रूप में जानी जाती रही है। दरअसल, वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में सुखबीर सिंह बादल के फिरोजपुर संसदीय क्षेत्र से जीतने के बाद जलालाबाद विधानसभा सीट खाली हुई थी। इसके बाद हुए उपचुनाव में आवला ने कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज की थी।
रमिंदर सिंह आवला मूल रूप से फिरोजपुर जिले के गुरुहरसहाय विधानसभा क्षेत्र से संबंध रखते हैं। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में हार के बावजूद वह कांग्रेस की गतिविधियों में सक्रिय रहे। आवला एक प्रमुख कारोबारी होने के साथ-साथ पंजाब यूथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
इस वर्ष गुरुहरसहाय में हुए नगर निकाय चुनावों के दौरान उन्होंने कांग्रेस के चुनाव प्रचार की कमान संभाली थी। इन चुनावों में कांग्रेस ने 15 में से 13 वार्डों में जीत हासिल की थी। इससे पहले आवला के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की चर्चाएं भी सामने आई थीं, लेकिन अब उन्होंने शिरोमणि अकाली दल का दामन थाम लिया है।

