फैशन एंटरप्रेन्योरशिप: हुनर को व्यवसाय में बदलने की नई राह

फैशन डिजाइनिंग की पढ़ाई का उद्देश्य केवल नौकरी पाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को अपना बुटीक, डिजाइन स्टूडियो, टेलरिंग यूनिट या ऑनलाइन फैशन ब्रांड शुरू करने के योग्य बनाना भी होना चाहिए
फैशन डिजाइनिंग आज केवल कपड़ों की डिजाइनिंग और सिलाई तक सीमित क्षेत्र नहीं रहा है। बदलती जीवनशैली, सोशल मीडिया, ई-कॉमर्स और व्यक्तिगत पसंद के बढ़ते महत्व ने फैशन उद्योग में स्वरोजगार और उद्यमिता की नई संभावनाएं पैदा की हैं। ऐसे में B.Sc. Fashion Designing जैसे पाठ्यक्रमों में Fashion Entrepreneurship यानी फैशन उद्यमिता को प्रमुख विषय के रूप में शामिल करना समय की आवश्यकता है। इसका उद्देश्य विद्यार्थी के डिजाइनिंग हुनर को ऐसी व्यावसायिक क्षमता में बदलना है, जिससे वह पढ़ाई पूरी करने के बाद केवल नौकरी तलाशने वाला न रहे, बल्कि स्वयं रोजगार पैदा करने वाला उद्यमी भी बन सके।
डिजाइन के साथ बिजनेस की समझ जरूरी
एक प्रतिभाशाली फैशन डिजाइनर के पास अच्छे डिजाइन बनाने की क्षमता हो सकती है, लेकिन सफल व्यवसाय के लिए केवल डिजाइनिंग पर्याप्त नहीं है। उसे यह भी समझना चाहिए कि ग्राहक क्या चाहता है, किसी परिधान को बनाने में कितनी लागत आएगी, उसका उचित बिक्री मूल्य क्या होगा और बाजार में अपने उत्पाद को कैसे प्रस्तुत किया जाएगा।
फैशन एंटरप्रेन्योरशिप के अंतर्गत विद्यार्थियों को बिजनेस प्लान, बाजार सर्वेक्षण, ग्राहक पहचान, ब्रांड निर्माण, लागत निर्धारण, मूल्य निर्धारण, लाभ-हानि, मार्केटिंग और ग्राहक प्रबंधन जैसी व्यावहारिक जानकारी दी जानी चाहिए। इससे विद्यार्थी अपने हुनर को आय के स्थायी स्रोत में बदल सकता है।
छोटे स्तर से हो सकती है शुरुआत
फैशन व्यवसाय शुरू करने के लिए हमेशा बड़ी पूंजी और बड़े शोरूम की आवश्यकता नहीं होती। एक विद्यार्थी घर के छोटे से कमरे से कस्टमाइज्ड ड्रेस, सूट, ब्लाउज, ब्राइडल वियर, बच्चों के कपड़े या फैशन एक्सेसरीज तैयार करके अपना काम शुरू कर सकता है।
विश्वविद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों को छोटे बजट में वास्तविक प्रोजेक्ट करवाए जाने चाहिए। उदाहरण के लिए, विद्यार्थी को सीमित राशि में पांच से दस उत्पादों का एक छोटा कलेक्शन तैयार करने का लक्ष्य दिया जा सकता है। इसमें उसे स्वयं डिजाइन तैयार करने, कपड़ा खरीदने, लागत निकालने, उत्पादन करने, पैकेजिंग और फोटोशूट से लेकर ग्राहक तक उत्पाद पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया सीखनी चाहिए।
ऑनलाइन फैशन ब्रांड ने खोले नए रास्ते
डिजिटल युग ने फैशन उद्यमिता को पहले की तुलना में काफी आसान बनाया है। अब नए डिजाइनर के लिए शुरुआत में महंगा शोरूम खोलना अनिवार्य नहीं है। सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से वह अपने डिजाइन संभावित ग्राहकों तक पहुंचा सकता है।
इसलिए विद्यार्थियों को फैशन एंटरप्रेन्योरशिप के साथ डिजिटल मार्केटिंग, फैशन फोटोग्राफी, कंटेंट निर्माण और ऑनलाइन ग्राहक सेवा का भी प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। उन्हें अपने उत्पाद की अच्छी तस्वीर लेना, आकर्षक विवरण तैयार करना, सोशल मीडिया प्रोफाइल को पेशेवर रूप देना और ग्राहक की पूछताछ को बिक्री में बदलना सिखाया जाए।
स्थानीय कला को भी बनाया जा सकता है व्यवसाय
भारत की सबसे बड़ी विशेषताओं में उसकी समृद्ध वस्त्र और हस्तशिल्प परंपरा है। कढ़ाई, हैंडवर्क, ब्लॉक प्रिंटिंग, फैब्रिक पेंटिंग, पारंपरिक परिधान और क्षेत्रीय शिल्प को आधुनिक डिजाइन से जोड़कर विद्यार्थी अलग पहचान वाला ब्रांड विकसित कर सकते हैं।
युवा डिजाइनर यदि स्थानीय कारीगरों के साथ काम करें तो इससे दोहरा लाभ हो सकता है। एक ओर पारंपरिक कला को नया बाजार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। फैशन उद्यमिता इस प्रकार केवल व्यक्तिगत आय का माध्यम न रहकर स्थानीय आर्थिक विकास का जरिया भी बन सकती है।
विश्वविद्यालय में बने ‘फैशन स्टार्टअप लैब’
B A/B.Sc. Fashion Designing में प्रत्येक विद्यार्थी को अंतिम वर्ष तक एक मिनी फैशन स्टार्टअप प्रोजेक्ट पूरा करवाया जाना उपयोगी होगा। विश्वविद्यालय में ‘Fashion Startup Lab’ स्थापित की जा सकती है, जहां विद्यार्थी अपने डिजाइन को वास्तविक उत्पाद में बदल सकें। अनुभवी डिजाइनरों, बुटीक संचालकों, उद्योग विशेषज्ञों और डिजिटल मार्केटिंग विशेषज्ञों के विशेष प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किए जा सकते हैं।
विद्यार्थियों का मूल्यांकन केवल लिखित परीक्षा के आधार पर नहीं, बल्कि उनके तैयार उत्पाद, पोर्टफोलियो, लागत योजना, मार्केटिंग रणनीति और वास्तविक बिक्री के अनुभव के आधार पर भी होना चाहिए।
फैशन शिक्षा की वास्तविक सफलता तभी है, जब विद्यार्थी डिग्री लेकर विश्वविद्यालय से निकले तो उसके हाथ में केवल प्रमाणपत्र न हो, बल्कि हुनर, व्यावसायिक समझ, अपना पोर्टफोलियो और कमाई शुरू करने का आत्मविश्वास भी हो। फैशन एंटरप्रेन्योरशिप युवाओं को नौकरी मांगने वाले से आगे बढ़ाकर रोजगार और अवसर पैदा करने वाला उद्यमी बनाने की क्षमता रखती है।
कंचन मेहता
M A फैशन डिजाइनिंग

