गलत नीतियों के कारण कासड़कों पर आंदोलन करने को मजबूर है किसान: सैलजा

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने हरियाणा के किसानों की गंभीर स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज किसान उत्पादन करने के बावजूद अपनी फसल को आसानी से मंडियों तक नहीं पहुंचा पा रहा है और न ही उसे समय पर भुगतान मिल रहा है। उन्होंने कहा कि अप्रैल माह, जो किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण समय होता है, उसमें किसान खेतों में कार्य करने की बजाय सड़को पर आंदोलन करने को मजबूर है। यह स्थिति प्रदेश सरकार की जनविरोधी और किसान विरोधी नीतियों को स्पष्ट रूप से उजागर करती है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि एमएसपी पर खरीद प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से जटिल बना दिया गया है, जिससे किसान मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हो रहा है। ‘मेरी फसल, मेरा ब्यौरा’ पोर्टल की तकनीकी खामियों के कारण किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ट्रैक्टर-ट्रॉली की फोटो, बायोमेट्रिक सत्यापन और अन्य दस्तावेजी प्रक्रियाएं किसानों के लिए बड़ी बाधा बन गई हैं, जबकि अधिकांश छोटे और पट्टेदार किसान इन व्यवस्थाओं को पूरा करने में असमर्थ हैं। उन्होंने आगे कहा कि मंडियों में बारदाने की भारी कमी है और फसल उठान में देरी के कारण अनाज का अंबार लग गया है, लेकिन खरीद की गति बेहद धीमी है। किसानों को 72 घंटे के भीतर भुगतान का वादा भी पूरा नहीं किया जा रहा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और अधिक खराब हो रही है।
कुमारी सैलजा ने यह भी कहा कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण किसानों की फसल को भारी नुकसान हुआ है, लेकिन मुआवजा न तो पर्याप्त है और न ही समय पर दिया जा रहा है। इसके साथ ही आढ़तियों और मजदूरों के हितों की भी लगातार अनदेखी की जा रही है, जिससे पूरी कृषि व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने मांग की कि सरकार तुरंत सभी प्रक्रियागत अड़चनों को समाप्त करे। हर किसान की फसल एमएसपी पर खरीदे। समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करे और प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान का उचित मुआवजा दे। कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और इस मुद्दे को मजबूती से उठाती रहेगी।

