मुझे बदनाम करने के लिए बनाई गई फर्जी वीडियो : भगवंत मान

चंडीगढ़, 24 जून पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज यहां कहा कि हमारी सरकार की ओर से पंजाब के लोगों के लिए किए जा रहे कामों को चुनौती देने में नाकाम रहने के कारण राजनीतिक विरोधियों ने मुझे बदनाम करने के लिए जानबूझकर एक फर्जी वीडियो बनाकर प्रसारित की है।
विपक्षी दल पर धर्म के नाम पर लोगों को गुमराह करने और निम्न स्तर की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिनके पास हमारी सरकार के खिलाफ कोई मुद्दा नहीं बचा, वे अब मनगढ़ंत प्रचार के जरिए मेरे अक्स को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
नानक नाम लेवा संगत की सूझ-बूझ में पूरा विश्वास जताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अंत में जीत सच्चाई की ही होगी और वे अंतिम फैसला संगत पर छोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि मेरा ध्यान लोगों को बिजली, पानी, सड़कें, अस्पताल, आम आदमी क्लीनिक और रोजगार जैसी सुविधाएं देने पर केंद्रित रहेगा और सच्च-झूठ का फैसला लोग करेंगे।
एक वीडियो संदेश में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से बेहद निम्न स्तर की राजनीतिक साजिश के तहत मेरी नकली वीडियो प्रसारित की गई हैं। उन्होंने कहा कि जब मेरे विरोधी किसी अन्य मोर्चे पर मुझे चुनौती देने में असमर्थ हैं तो वे अब धार्मिक मुद्दों के जरिए मुझे बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
हाल ही में प्रसारित एक वीडियो का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वायरल वीडियो में दिखाए जा रहे व्यक्ति की शारीरिक बनावट, कद-काठी, चलने और बर्ताव का तरीका किसी भी लिहाज से मुझसे मेल नहीं खाता। फिर भी मेरे राजनीतिक विरोधी मुझे दोषी ठहराने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं, लेकिन लोगों और सिख भाईचारे ने ये वीडियो देख ली हैं और उन्हें स्पष्ट हो गया है कि ये नकली हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने फॉरेंसिक लेबोरेटरीज के माध्यम से वीडियो की जांच करवाई थी, लेकिन अब उन्हीं लेबोरेटरीज को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा, अकाली दल और कांग्रेस मेरे विरुद्ध एकजुट होकर इन लेबोरेटरीज के मालिकों और उन्हें चलाने वाले कर्मचारियों को निशाना बना रहे हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस विवाद की साजिश मेरे राजनीतिक विरोधियों पर ही उलट गई है और लोग इन जाली वीडियो जारी करने के लिए उनकी आलोचना कर रहे हैं, जिसके कारण वे अब निम्न स्तर की राजनीति कर रहे हैं। वे एफआईआर की धमकियों और दबाव की चालों के जरिए लेबोरेटरीज के मालिकों को डरा रहे हैं और उन्हें यह दावा करने के लिए मजबूर कर रहे हैं कि उन्हें झूठी रिपोर्ट तैयार करने के लिए पैसे दिए गए थे। विरोधियों के कहने के अनुसार सरकार ने जिस लेबोरेटरी से जांच करवाई वह नकली थी, जबकि उन्होंने जिस लेबोरेटरी से जांच करवाई वह असली थी। लोग अच्छी तरह जानते हैं कि क्या असली है और क्या नकली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें सिख संगत और पंजाब के लोगों पर पूरा विश्वास है। उन्होंने कहा कि मैं यह मामला लोगों और श्री नानक नाम लेवा संगत पर छोड़ता हूं। असलियत यह है कि ये पार्टियां पंजाब में राजनीतिक और सामाजिक तौर पर असफल रहीं हैं। इसलिए उन्होंने अब धार्मिक आधार पर मुझे निशाना बनाने का रास्ता चुना है। ये लोग हर रोज नई फर्जी वीडियो बनाकर अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों के जरिए प्रसारित कर रहे हैं।

