बिजली विभाग का ट्रांसफार्मर और पोल शिफ्ट न करने पर अधिकारियों पर भड़की सांसद, बोलीं 'आपको शर्म आनी चाहिए'

चंडीगढ़/सिरसा, 25 जुलाई।
जिला विकास, समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं सीडब्ल्यूसी सदस्य कुमारी सैलजा ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों की कार्यशैली पर कड़ा असंतोष जताया। पंचायत भवन में आयोजित बैठक के दौरान उन्होंने शहर की सफाई व्यवस्था, पेयजल संकट, सीवर ओवरफ्लो, स्ट्रीट लाइट, बेसहारा पशु, स्ट्रीट डॉग, सड़कों की बदहाल स्थिति,
तथा रेलवे परियोजनाओं में हो रही देरी सहित कई मुद्दों पर अधिकारियों से जवाब-तलब किया।
बैठक के दौरान सांसद ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों की तस्वीरें अधिकारियों को दिखाते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर हालात बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि केवल कागजों में विकास कार्य पूरे दिखाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जनता को उसका वास्तविक लाभ भी मिलना चाहिए। बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए सांसद ने गांव आनंदगढ़ में एक गरीब महिला के प्लॉट में लगे ट्रांसफार्मर और बिजली पोल को दूसरी जगह स्थानांतरित न किए जाने का मामला उठाया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि धन की कमी है तो वह अपनी ओर से चेक देने को तैयार हैं, लेकिन गरीब परिवार को राहत मिलनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा, "आपको शर्म आनी चाहिए। इतने छोटे-से काम के लिए लोगों को बार-बार चक्कर कटवाए जा रहे हैं।"
शहर की सफाई व्यवस्था पर भी सांसद ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान केवल नाम तक सीमित होकर रह गया है। ग्रीन बेल्ट और डंपिंग प्वाइंट की समस्या हर बैठक में उठाई जाती है, लेकिन समाधान नहीं हो रहा। इस दौरान विधायक गोकुल सेतिया ने भी कहा कि शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं और केवल मुख्यमंत्री के दौरे से पहले ही सफाई अभियान चलाया जाता है।
वार्ड-2 की पार्षद चंचल रानी ने सांसद के समक्ष सीवर ओवरफ्लो की तस्वीरें प्रस्तुत करते हुए बताया कि पिछले एक वर्ष से समस्या बनी हुई है। अधिकारियों द्वारा बार-बार सफाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन स्थिति जस की तस है। सांसद ने इस पर संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा। बंसल कॉलोनी और एमआईटीसी कॉलोनी में पेयजल संकट का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से उठा। शिकायत में बताया गया कि पिछले तीन माह से लोग पानी के लिए परेशान हैं तथा खराब ट्यूबवेलों में वर्षों पुरानी मोटरें लगाई जा रही हैं, जो बार-बार जल जाती हैं। सांसद ने सभी ट्यूबवेलों की तकनीकी जांच कराने के निर्देश दिए।
पब्लिक हेल्थ विभाग की मैकेनिकल विंग के अधिकारी बैठक में अनुपस्थित मिलने पर सांसद ने नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल उन्हें बुलाने के निर्देश दिए। उन्होंने गांव कुम्हारिया, दड़बी, बुढ़ाभाना, चोरमार और खेड़ी में पेयजल संकट पर भी चिंता जताई तथा उपायुक्त को निर्देश दिए कि स्थायी समाधान होने तक टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
राष्ट्रीय राजमार्ग-9 पर ड्रेनेज की सफाई, टूटी स्लैब और स्ट्रीट लाइटों की कमी का मुद्दा उठाते हुए सांसद ने कहा कि हाईवे के दोनों ओर गंदगी और मलबा पड़ा है, जिससे लोगों को भारी परेशानी हो रही है। एनएचएआई अधिकारियों ने बताया कि नई स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य आवंटित कर दिया गया है और स्लैब भी लगाए जा रहे हैं। इस पर सांसद ने कहा कि जमीनी स्तर पर इसका असर दिखाई नहीं दे रहा और स्थानीय निकायों के साथ समन्वय बनाकर कार्य में तेजी लाई जाए।
पुरानी कचहरी रोड स्थित रेलवे अंडरब्रिज (आरयूबी) और फुट ओवरब्रिज के निर्माण में लगातार हो रही देरी पर भी सांसद ने रेलवे अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं की समय-सीमा बार-बार बढ़ाई जा रही है। जो कार्य वर्ष 2025 में पूरा होना था, वह अब भी अधूरा है। फुट ओवरब्रिज की प्रगति भी पिछली बैठक के मुकाबले नहीं बढ़ी है और प्लेटफॉर्म नंबर-3 का निर्माण भी अभी तक शुरू नहीं हो पाया। उन्होंने वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरेंद्र नेहरा को इन परियोजनाओं का भौतिक निरीक्षण कर रिपोर्ट देने की जिम्मेदारी भी सौंपी।
वार्ड-10 और वार्ड-12 में सांसद निधि से स्वीकृत ट्यूबवेल अब तक स्थापित न होने पर सांसद ने पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारियों से कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि डेढ़ वर्ष पहले राशि उपलब्ध करा दी गई थी, लेकिन आज तक कार्य पूरा नहीं हुआ। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि ट्यूबवेल नहीं लगाने हैं तो उनकी सांसद निधि की राशि वापस कर दी जाए। इस पर विभागीय अधिकारी ने भरोसा दिलाया कि दोनों ट्यूबवेल शीघ्र स्थापित किए जाएंगे।
नागरिक अस्पताल में एंबुलेंस की स्थिति पर भी सांसद ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से जानकारी ली। सीएमओ ने बताया कि विभाग के पास कुल 32 एंबुलेंस हैं, जिनमें तीन कंडम हो चुकी हैं तथा 10 एंबुलेंस मरम्मत की प्रतीक्षा में हैं। बैठक में विधायक गोकुल सेतिया, विधायक शीशपाल केहरवाला, डीसी शांतनु शर्मा, पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन, एडीसी अर्पित संगल, जिला नगर आयुक्त सुरेंद्र बैनीवाल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता वीरभान मेहता, सुरेंद्र नेहरा, राजेश चाडीवाल, सुरजीत भावदीन, सुमित बैनीवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
बॉक्स
शिक्षा मंत्री का इस्तीफा युवाओं के संघर्ष और लोकतंत्र की जीत का प्रमाण: कुमारी सैलजा
नई दिल्ली/चंडीगढ़।
सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय महासचिव एवं कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) सदस्य कुमारी सैलजा ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल एक मंत्री का इस्तीफा नहीं, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं, विद्यार्थियों और लोकतांत्रिक मूल्यों की जीत है। कुमारी सैलजा ने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि युवाओं की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता। जब छात्र अपने भविष्य, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और न्याय की मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करते हैं, तो अंतत: सत्य की ही जीत होती है।
उन्होंने आंदोलनरत सभी छात्रों, युवाओं और उनके परिवारों को बधाई देते हुए कहा कि यह आपकी जीत है, यह भारत के लोकतंत्र की जीत है। देश के युवाओं ने एकजुट होकर यह संदेश दिया है कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करनी ही होगी और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। कुमारी सैलजा ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी ने लगातार छात्रों की आवाज़ को संसद से लेकर सडक़ तक मजबूती से उठाया। कांग्रेस ने हर मंच पर निष्पक्ष जांच, जवाबदेही और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की और आगे भी युवाओं के अधिकारों की लड़ाई पूरी प्रतिबद्धता के साथ लड़ती रहेगी। उन्होंने कहा कि मैं देश के सभी विद्यार्थियों को भरोसा दिलाती हूं कि जब-जब आपके साथ अन्याय होगा, तब-तब राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी आपके साथ पूरी मजबूती से खड़ी रहेगी। युवाओं के अधिकार, सम्मान और भविष्य की रक्षा के लिए हमारा संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
कुमारी सैलजा ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह विश्वसनीय बनाने और युवाओं का विश्वास बहाल करने के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम तत्काल उठाए जाएं।

