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मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो, किसी पात्र मतदाता का वोट न कटे : कुमारी सैलजा

 
 मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो, किसी पात्र मतदाता का वोट न कटे : कुमारी सैलजा
 चंडीगढ़/सिरसा, 14 जून। 

सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की सदस्य एवं कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि इस प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि किसी भी पात्र नागरिक के मतदान अधिकार पर आंच न आए।

मीडिया से बातचीत करते हुए कुमारी सैलजा ने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में समय-समय पर मतदाता सूचियों में गड़बड़ियों और पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने संबंधी शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में आवश्यक है कि पुनरीक्षण की प्रक्रिया के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरती जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी वास्तविक एवं पात्र मतदाता का नाम गलती से मतदाता सूची से न हटे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतदान का अधिकार नागरिक की सबसे महत्वपूर्ण संवैधानिक शक्तियों में से एक है। यदि किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से हट जाता है तो उसे दोबारा जुड़वाने की प्रक्रिया कई बार जटिल और समय लेने वाली साबित होती है। इसलिए चुनाव आयोग और संबंधित अधिकारियों की यह जिम्मेदारी है कि वे प्रत्येक मामले की निष्पक्षता से जांच करें और किसी भी प्रकार की त्रुटि की संभावना को न्यूनतम रखें। कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का स्पष्ट मत है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण का उद्देश्य केवल रिकॉर्ड को अद्यतन करना होना चाहिए, न कि किसी भी योग्य मतदाता को उसके अधिकार से वंचित करना। कुमारी सैलजा ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों तथा नागरिकों को भी इस प्रक्रिया पर नजर रखनी चाहिए ताकि लोकतांत्रिक व्यवस्था की विश्वसनीयता बनी रहे। 

उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से पिछले वर्षों में कई संवैधानिक संस्थाओं और प्रक्रियाओं की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठते रहे हैं, जिससे आम नागरिकों के मन में शंकाएं पैदा हुई हैं। ऐसे में आवश्यक है कि पूरी प्रक्रिया अधिकतम पारदर्शिता के साथ संचालित की जाए और प्रत्येक पात्र मतदाता के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। कुमारी सैलजा ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती निष्पक्ष चुनावों और सुरक्षित मतदान अधिकारों पर आधारित होती है। इसलिए किसी भी स्तर पर गलत तरीके से वोट काटने जैसी कार्रवाई न हो तथा प्रत्येक योग्य नागरिक का नाम मतदाता सूची में सुरक्षित रहे, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए