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शिक्षा मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए दें इस्तीफा, तभी फास्ट-ट्रैक की बात होगी सार्थक : कुमारी सैलजा

 राहुल गांधी के नेतृत्व में छात्रों के समर्थन में गांधी स्मृति स्थल पर कांग्रेस सांसदों का शांतिपूर्ण विरोध, सरकार पर लोकतांत्रिक आवाज दबाने का आरोप
 
 शिक्षा मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए दें इस्तीफा, तभी फास्ट-ट्रैक की बात होगी सार्थक : कुमारी सैलजा

 चंडीगढ़/नई दिल्ली, 24 जुलाई। 

सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय महासचिव एवं कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) सदस्य कुमारी सैलजा ने प्रधानमंत्री द्वारा परीक्षा संबंधी मामलों में फास्ट-ट्रैक कोर्ट की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि केंद्र सरकार वास्तव में शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और छात्रों को न्याय दिलाने के प्रति गंभीर है तो सबसे पहले नैतिक जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

कुमारी सैलजा ने कहा कि इसकी शुरुआत शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से होनी चाहिए। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सांसदों द्वारा नीट पेपर लीक से प्रभावित छात्रों के समर्थन में गांधी स्मृति स्थल पर आयोजित शांतिपूर्ण कार्यक्रम में शामिल कुमारी सैलजा ने कहा कि जिन विद्यार्थियों ने कथित परीक्षा अनियमितताओं और उससे उपजे तनाव के कारण अपनी जान गंवाई, उन्हें श्रद्धांजलि देने तथा न्याय की मांग को लेकर कांग्रेस ने महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के मार्ग पर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया।

सांसद ने कहा कि कांग्रेस ने संसद के भीतर, प्रधानमंत्री आवास के बाहर और गांधी स्मृति स्थल पर हर जगह लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी, लेकिन सरकार ने हर बार विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास किया। कुमारी सैलजा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार राजनीतिक मामलों में फास्ट-ट्रैक दिखाती है, लेकिन जब लाखों छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता का प्रश्न आता है तो केवल घोषणाएं की जाती हैं। उन्होंने कहा कि अब फास्ट-ट्रैक कोर्ट की बात की जा रही है, लेकिन सरकार को पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए कि परीक्षा अनियमितताओं के दोषियों पर त्वरित कार्रवाई हो और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाए।

सांसद ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया, कीलों वाली लाठियों से प्रहार किए गए और उन्हीं छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई। यह लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है और युवाओं के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की आवाज सुननी चाहिए, न कि उसे बलपूर्वक दबाने का प्रयास करना चाहिए।

कुमारी सैलजा ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में गंभीर है तो शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। सांसद ने कहा कि केवल फास्ट-ट्रैक कोर्ट की घोषणा से छात्रों का विश्वास वापस नहीं आएगा, बल्कि पारदर्शी जांच, दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई और जवाबदेही तय होने से ही शिक्षा व्यवस्था में भरोसा बहाल होगा। कांग्रेस विद्यार्थियों के न्याय, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए अपना संघर्ष निरंतर जारी रखेगी।

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"छात्रों पर लाठी नहीं, न्याय चाहिए" : कुमारी सैलजा

कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस का आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और गांधीवादी विचारधारा पर आधारित है। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज दबाने, उन पर बल प्रयोग करने और एफआईआर दर्ज करने से उनकी न्याय की मांग समाप्त नहीं होगी। सरकार को राजनीतिक टकराव छोड़कर शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करनी चाहिए तथा छात्रों के भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने दोहराया कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नैतिक जिम्मेदारी तय करने की पहली और आवश्यक शुरुआत होगी।

कुमारी सैलजा 25 जुलाई को सिरसा में

सिरसा में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक की अध्यक्षता करेंगी कुमारी सैलजा

सिरसा, 24 जुलाई। 

सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) सदस्य कुमारी सैलजा शनिवार, 25 जुलाई को सिरसा के दौरे पर रहेंगी। इस दौरान वह जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करेंगी।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कुमारी सैलजा सुबह 11:00 बजे पंचायत भवन, सिरसा में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में भाग लेंगी। बैठक में केंद्र सरकार की विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहेंगे। बैठक के दौरान विकास कार्यों की स्थिति, योजनाओं के क्रियान्वयन तथा जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।

इसके उपरांत कुमारी सैलजा दोपहर 3:00 बजे सेक्टर-19, सिरसा स्थित राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के डीडीएम कार्यालय के उद्घाटन समारोह में शामिल होंगी। इस अवसर पर विभिन्न प्रशासनिक अधिकारी, बैंक के वरिष्ठ अधिकारी तथा अन्य गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहेंगे।