डॉ० अर्चना गुप्ता के कार्यकाल के पहले 100 दिन: प्रतिबद्धता, नवाचार और सशक्त नेतृत्व की मिसाल

पानीपत : 10 सितंबर
भारतीय जनता पार्टी, हरियाणा ने अपने 43 वर्षों के इतिहास में दूसरी बार किसी महिला को प्रदेश संगठन की कमान सौंपी है। 1980 में पार्टी की स्थापना के समय डॉ. कमला वर्मा के बाद, इस वर्ष 28 मई को डॉ. अर्चना गुप्ता को प्रदेश अध्यक्ष पद नियुक्त किया गया 3जून को उन्होंने दायित्व ग्रहण किया।पदभार ग्रहण के समय जो संशय व्यक्त किए जा रहे थे, डॉ. अर्चना गुप्ता ने अपने पूर्ण समर्पण, अथक परिश्रम और पारदर्शी कार्यशैली से उन सभी आशंकाओं को पूरी तरह से निर्मूल साबित कर दिया है।
1990 के दशक से किसी भी नेतृत्वकर्ता के शुरुआती 100 दिनों के कामकाज का आकलन करने की परंपरा रही है। यदि इस कसौटी पर देखा जाए, तो डॉ. अर्चना गुप्ता अपने पहले 100 दिनों में शत-प्रतिशत सफल सिद्ध हुई हैं।
पद संभालने के बाद से उन्होंने एक भी दिन विश्राम किए बिना संगठन के कार्यों को गति दी है। वे निरंतर बैठकें ले रही हैं और कार्यक्रमों का स्वयं फीडबैक भी प्राप्त कर रही हैं।
प्रमुख उपलब्धियां एवं संगठनात्मक नवाचार:
* आत्मीयता का प्रतीक 'टिफिन बैठक': संगठन को जोड़ने के लिए उन्होंने प्रत्येक माह के तीसरे रविवार को 'टिफिन बैठक' की अनूठी पहल शुरू की है। कार्यकर्ताओं को प्रेरित करने के लिए वे स्वयं अपने घर से टिफिन लेकर इन बैठकों में पहुंचती हैं। इससे कार्यकर्ताओं में आत्मीयता बढ़ने के साथ-साथ सांगठनिक कार्यों की प्रभावी समीक्षा भी हो रही है।
* सत्यनिष्ठ संवाद और तकनीक का उपयोग: डॉ. अर्चना गुप्ता एक स्पष्टवादी नेता हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपनी पहली मुलाकात में उन्होंने 'मन की बात' कार्यक्रम की वास्तविक स्थिति से उन्हें अवगत कराया। इसके साथ ही उन्होंने सभी बूथों पर 'मन की बात' सुनने और उसे 'सरल ऐप' पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने की व्यवस्था सुनिश्चित की है।
* संस्थागत बैठकें एवं सांस्कृतिक सम्मान: उन्होंने प्रदेश स्तर से लेकर शक्ति केंद्र स्तर तक मासिक बैठकों के आयोजन को नियमित किया है, जिससे कार्यकर्ता अपडेट रहते हैं। इसके अलावा, संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जन्मस्थली की पावन माटी के कलशों को पूरे मान-सम्मान के साथ शक्ति केंद्रों के मंदिरों में स्थापित कराया।
* राष्ट्रभक्ति और ऐतिहासिक स्मरण के कार्यक्रम: अगस्त माह में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में सफल 'तिरंगा यात्राओं' का आयोजन किया गया, जिनमें से कई यात्राओं में उन्होंने स्वयं सहभागिता की। 14 अगस्त को 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' के अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की उपस्थिति में भव्य कार्यक्रम का सफल आयोजन कर अपने सशक्त नेतृत्व का परिचय दिया। इसके साथ ही 'कारगिल विजय दिवस' पर शहीदों को नमन किया गया।
* संतुलित टीम और व्यापक जनसंपर्क: प्रदेश स्तर की नई टीम का गठन करते समय उन्होंने बिना किसी दबाव के महिला सशक्तिकरण, युवा जोश और अनुभवी नेताओं के अद्भुत मिश्रण से एक संतुलित टीम बनाई। विभिन्न जिलों के प्रवास के दौरान उमड़े विशाल जनसमूह को उन्होंने पार्टी की नीतियों से अवगत कराया।
* युवाओं और प्रवासी भारतीयों से जुड़ाव: देश के भविष्य 'जेन-जी' (Gen Z) और 'अल्फा जी' (Gen Alpha) से संवाद स्थापित करने के लिए उन्होंने कई कॉलेजों और अकादमियों का दौरा किया तथा युवाओं की समस्याओं व राष्ट्रीय चुनौतियों पर चर्चा की। हाल ही में अपनी ब्रिटेन की निजी यात्रा के दौरान भी उन्होंने भारतीय मूल के लोगों से संवाद किया और देश के बढ़ते गौरव की जानकारी देते हुए राष्ट्रहित में सुझाव आमंत्रित किए।
निष्कर्ष:
डॉ. अर्चना गुप्ता का ध्येय वाक्य है—"मुझे संगठन को हर कार्य में प्रथम स्थान पर लाना पसंद है, दूसरे पर नहीं।"
उनका कार्यकर्ताओं के लिए सदैव सुलभ रहना, आत्मीय संवाद करना और 'सबको साथ लेकर चलने' का मूल मंत्र उन्हें लोकप्रिय बना रहा है। अपने पहले 100 दिनों के उत्कृष्ट कार्यकाल से उन्होंने यह विश्वास जगाया है कि उनके नेतृत्व में हरियाणा भाजपा संगठन देश भर में शीर्ष स्थान प्राप्त करेगा।

