फतेहाबाद में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण बंद,वेतन नहीं मिला तो हड़ताल पर गए कर्मचारी

फतेहाबाद, 26 जून । शहर की सफाई व्यवस्था एक बार फिर प्रभावित होने की कगार पर पहुंच गई है। वेतन न मिलने से नाराज डोर-टू-डोर कचरा उठाने वाले कर्मचारियों की हड़ताल शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। कर्मचारियों ने अपनी गाडिय़ां खड़ी कर धरना शुरू कर दिया है, जिससे शहर के विभिन्न इलाकों में कचरा संकट गहराने की आशंका पैदा हो गई है। शुक्रवार को भी अधिकांश घरों और बाजारों से कचरा नहीं उठाया जा सका, जिससे नागरिकों की परेशानी बढऩे लगी है। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने कहा कि वे लोग पिछले 8 महीने से शहर में घर-घर जाकर कूड़ा उठाने का काम पूरी निष्ठा से कर रहे हैं। इस पूरी अवधि के दौरान उन्हें केवल 3 महीने का ही वेतन दिया गया है, जबकि पिछले 5 महीनों की सैलरी का अभी तक कोई भुगतान नहीं हुआ है। कर्मचारियों का कहना है कि बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद वेतन जारी नहीं किया गया, जिसके चलते मजबूरन उन्हें हड़ताल का रास्ता चुनना पड़ा। नगर परिषद ने शहर में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण का कार्य एक निजी एजेंसी को वार्षिक ठेके पर दे रखा है। इस मामले में एक विरोधाभासी स्थिति बनी हुई है। नगर परिषद की ओर से नियमानुसार एजेंसी को भुगतान किया जा रहा है और कर्मचारियों को ठेकेदार से संपर्क करने की सलाह दी जा रही है। ठेकेदार का कहना है कि नगर परिषद से उन्हें समय पर भुगतान प्राप्त नहीं हुआ है। दोनों पक्षों के इस आपसी तालमेल की कमी के कारण कर्मचारी बीच में फंस गए हैं और आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं।धरने पर बैठे कर्मचारियों ने बताया कि पिछले 5 महीने से मानदेय न मिलने के कारण उनके परिवारों के सामने गुजारे का संकट खड़ा हो गया है। बच्चों की स्कूल फीस, मकान का किराया और दैनिक घरेलू खर्च पूरे करना बेहद कठिन हो गया है। इससे पहले भी सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से शहरवासियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। कर्मचारियों ने साफ किया है कि उनकी मांग केवल उनके अधिकार के वेतन को लेकर है। जैसे ही प्रशासन या ठेकेदार द्वारा बकाया मानदेय जारी कर दिया जाएगा, वे तुरंत काम पर लौट आएंगे और शहर की सफाई व्यवस्था को बहाल कर देंगे। फिलहाल, समाधान होने तक शांतिपूर्ण धरना जारी रहेगा।

