तकनीक का सही उपयोग सबसे बड़ी चुनौती: डॉ. रविंद्र पुरी

सिरसा, 23 जुलाई। आज के दौर में विद्यार्थियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती केवल पढ़ाई नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक का सही और सकारात्मक उपयोग करना है। जब हर व्यक्ति के हाथ में मोबाइल फोन है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), यूट्यूब तथा इंटरनेट जैसी सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हैं, तब इन साधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करते हुए स्वयं को रोजगार और जीवन की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। यह विचार प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक एवं पूर्व प्राचार्य डॉ. रविंद्र पुरी ने दिशा संस्थान, सिरसा में आयोजित मनोविज्ञान इंटर्नशिप कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। डॉ. पुरी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, यूट्यूब और इंटरनेट को विद्यार्थी अपना प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि अपना सहायक बनाएं। यदि इन संसाधनों का सही दिशा में उपयोग किया जाए तो सीखने की गति कई गुना बढ़ सकती है और नई संभावनाओं के द्वार खुल सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज वही विद्यार्थी जीवन में आगे बढ़ रहे हैं जो अपेक्षित पढ़ाई से अधिक अध्ययन करते हैं, निरंतर सीखने का प्रयास करते हैं और स्वयं को समय के अनुसार विकसित करते हैं।
उन्होंने कहा कि मनोविज्ञान केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज सेवा का प्रभावी माध्यम भी है। एक संवेदनशील मनोवैज्ञानिक समाज में सकारात्मक बदलाव लाने, लोगों की मानसिक समस्याओं को समझने और उन्हें बेहतर जीवन की दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कार्यक्रम में काउंसलर कंचन मेहता ने कहा कि मनोविज्ञान का वास्तविक उद्देश्य केवल सिद्धांतों को जानना नहीं, बल्कि उन्हें व्यवहार में उतारकर प्रत्येक व्यक्ति की भावनाओं और आवश्यकताओं को समझना है। उन्होंने बताया कि दिशा संस्थान में इंटर्नशिप के माध्यम से विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिससे वे भविष्य में सक्षम और संवेदनशील काउंसलर बन सकें। इंटर्नशिप कार्यक्रम के संयोजक डॉ. दलजीत सिंह कालड़ा ने कहा कि आज के समय में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और व्यावहारिक अनुभव ही विद्यार्थियों को सफल पेशेवर बनाते हैं। उन्होंने बताया कि यह संपूर्ण इंटर्नशिप कार्यक्रम काउंसलर कंचन मेहता के मार्गदर्शन एवं देखरेख में संचालित किया जा रहा है, जिससे प्रतिभागियों को व्यवहारिक ज्ञान का व्यापक अवसर मिल रहा है। इस अवसर पर कृषि विज्ञानी एवं चिंतक गुरजीत सिंह मान, दिशा के सचिव सुरेंद्र भाटिया सहित अनेक इंटर्न एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सुरेंद्र भाटिया ने संस्था की ओर से डॉ. रविंद्र पुरी का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें स्मृति-चिन्ह देकर सम्मानित किया।

