*हिसार में तेज गति से करवाया जाए आईएमसी का निर्माण कार्य, इससे विकास को मिलेगी नई गति: मुख्यमंत्री*
*मुख्यमंत्री ने 75 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली ‘स्टेट प्रगति पोर्टल’ की 11 परियोजनाओं की समीक्षा की*

चंडीगढ़, 10 सितंबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हिसार में एयरपोर्ट के पास आईएमसी (इंटिग्रेटिड मैनुफैक्चरिंग कलस्टर) के कार्य को तेजी से पूरा करवाया जाए। इसके निर्माण से इस पूरे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा जिससे हिसार व आसपास के क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने यह निर्देश बृहस्पतिवार को प्रदेश में ‘स्टेट प्रगति पोर्टल’ के तहत चल रही 75 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों से संबंधित 11 विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और इन्हें समय पर पूरा करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में नागरिक उड्डयन, ऊर्जा तथा हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) से संबंधित महत्वपूर्ण परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने स्वर्ण जयंती इंटीग्रेटेड एविएशन हब, हिसार के फेज-टू की प्रगति की विशेष रूप से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने परियोजना के तहत एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, नए टर्मिनल एवं एटीसी भवन, जलापूर्ति, ड्रेनेज सिस्टम तथा अन्य संबद्ध कार्यों की स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत करवाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिसार से देश के अलग-अलग हिस्सों में फ्लाइट्स की संख्या में बढ़ोतरी की संभावनाएं तलाशी जाएं। जहां तक संभव हो कनेक्ट फ्लाइट्स को बढ़ावा दिया जाए ताकि अधिक से अधिक यात्रियों को लाभ हो सके।
अधिकारियों ने बताया कि हिसार में 1578 एकड़ में हरियाणा एकीकृत विनिर्माण समूह (आईएमसी) परियोजना को विकसित करने की दिशा में तेज गति से कार्य करवाए जा रहे हैं। परियोजना के लिए आवश्यक 100 प्रतिशत भूमि सरकार के पास है। परियोजना के लिए पर्यावरण मंजूरी प्राप्त हो चुकी है। परियोजना के निर्माण कार्य के लिए टेंडर किया जा चुका है जिसमें निविदाओं के मूल्यांकन और चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके उपरांत यहां कार्य शुरू हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आईएमसी से संबंधित निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो तथा गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए। उन्होंने कहा कि आईएमसी में एयरस्पेस, आर्मी कॉरीडोर तथा मेडिकल क्षेत्र के विकास के लिए भी विशेष प्रावधान किए जाएं। उन्होंने हिसार एयरपोर्ट पर एमआरओ गतिविधियों के संबंध में भी अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने परियोजनाओं की भौतिक प्रगति, निर्धारित समयसीमा, लागत में संशोधन, कार्यों में आ रही बाधाओं तथा आगामी कार्ययोजना के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए और जहां भी कार्य की गति धीमी है, वहां आवश्यक कदम उठाकर निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा किया जाए।
ऊर्जा क्षेत्र की बड़ी परियोजनाओं की भी समीक्षा की:
मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग की विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इनमें गुरुग्राम में स्मार्ट सिटी कार्यक्रम के तहत 11 केवी फीडर लाइनों का नवीनीकरण, यमुनानगर के जगाधरी डिवीजन में आरडीएसएस कार्य, यमुनानगर में 800 मेगावाट अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल इकाई की स्थापना, रेवाड़ी जिले में आरडीएसएस के तहत लॉस रिडक्शन कार्य तथा विभिन्न 33 केवी सब-स्टेशनों के सुदृढ़ीकरण से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं।
ऊर्जा विभाग की आयुक्त एवं सचिव श्रीमती आशिमा बराड़ ने बताया कि गुरुग्राम की 11 केवी फीडर लाइन नवीनीकरण की एक परियोजना में 93 प्रतिशत तथा दूसरी में 79 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। दोनों परियोजनाओं को जुलाई व नवंबर 2027 में पूरा करवा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जगाधरी क्षेत्र में आरडीएसएस परियोजना में वन क्षेत्र में कार्य होने के कारण आवश्यक वन स्वीकृतियों तथा खेतों में खड़ी फसल के कारण कुछ बाधाएं आई थीं। लेकिन अब कार्य ठीक गति से चल रहा है जिसे दिसंबर 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा।
यमुनानगर में 800 मेगावाट इकाई के कार्य की समीक्षा:
मुख्यमंत्री ने यमुनानगर स्थित दीनबंधु छोटूराम ताप विद्युत संयंत्र में 800 मेगावाट अल्ट्रा सुपरक्रिटिकल यूनिट की स्थापना संबंधी परियोजना की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि 7,272 करोड़ रुपये की इस परियोजना का कार्य निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चल रहा है तथा इसे दिसंबर 2029 तक पूरा कर लिया जाएगा। बैठक में परियोजना के मुख्य संयंत्र, बॉयलर, ईएसपी, टर्बाइन, सड़क एवं ड्रेनेज, स्विचयार्ड, फ्लाई ऐश साइलो तथा अन्य निर्माण कार्यों की प्रगति की भी जानकारी दी गई।
रेवाड़ी और साढ़ौरा की विद्युत परियोजनाओं की भी समीक्षा की:
श्रीमती आशिमा बराड़ ने बताया कि रेवाड़ी जिले में आरडीएसएस के तहत लॉस रिडक्शन परियोजना का लगभग 86 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और इसे 30 नवंबर 2026 तक पूरा करवा दिया जाएगा। इसी प्रकार साढ़ौरा में 66 केवी सबस्टेशन को 220 केवी स्तर पर अपग्रेड करने की परियोजना का 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि कई महत्वपूर्ण ट्रांसफार्मर पहले ही चालू किए जा चुके हैं और 220 केवी के निर्माण का कार्य प्रगति पर है। परियोजना को 30 नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
किसानों से जुड़ी विद्युत परियोजनाओं पर भी फोकस:
मुख्यमंत्री ने कुरुक्षेत्र सर्कल में कृषि कनेक्शनों के लिए 4,717 एच-पोल लगाने तथा नए ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराने की परियोजना की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना का 57 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और संशोधित लक्ष्य के अनुसार शेष कार्य मार्च 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा। इसी प्रकार कैथल सर्कल में 2,847 एच-पोल एवं नए ट्रांसफार्मरों से संबंधित परियोजना का 72 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है तथा इसे दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बड़ी विकास परियोजनाएं राज्य के आर्थिक एवं औद्योगिक विकास की आधारशिला हैं, इसलिए इनमें अनावश्यक देरी को किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने विभागों को आपसी समन्वय के साथ लंबित स्वीकृतियों एवं अन्य बाधाओं का शीघ्र समाधान करने तथा परियोजनाओं की प्रगति की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, नागरिक उड्डयन विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया, ऊर्जा विभाग की आयुक्त एवं सचिव श्रीमती आशिमा बराड़, नागरिक उड्डयन विभाग के महानिदेशक श्री अंशज सिंह, निगरानी एवं समन्वय की विशेष सचिव डॉ. प्रियंका सोनी, हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं बुनियादी ढांचा विकास निगम के प्रबंध निदेशक श्री विनय प्रताप सिंह सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

