छात्रों की आवाज़, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जनहित के मुद्दे संसद में पूरी मजबूती से उठाएगी कांग्रेस :कुमारी सैलजा

चंडीगढ़, 19 जुलाई।
सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव, कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की सदस्य एवं उत्तराखंड की प्रभारी कुमारी सैलजा ने कहा कि देश में शिक्षा, युवाओं, किसानों, खिलाड़ियों और आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। सांसद ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध और जनभावनाओं को सम्मान मिलना चाहिए तथा सरकार को जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए।
कुमारी सैलजा ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर प्रश्नों, प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं तथा छात्रों की चिंताओं को कांग्रेस पार्टी लगातार उठाती रही है। कोटा और देहरादून से शुरू हुई "छात्रों की गूंज" अब देशभर के युवाओं की भावना का प्रतीक बन चुकी है। कुमारी सैलजा ने कहा कि इन मुद्दों को संसद के आगामी मानसून सत्र में पूरी मजबूती के साथ उठाया जाएगा, ताकि सरकार जवाबदेह बने और शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार सुनिश्चित हो सकें। सांसद ने कहा कि संसद में विपक्ष की भूमिका जनता की आवाज़ बनना है। कांग्रेस के सांसद लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में शिक्षा, रोजगार, किसानों, महंगाई, कानून-व्यवस्था तथा अन्य जनहित के विषयों को प्रभावी ढंग से उठाएंगे। उन्हें विश्वास है कि इन विषयों पर सार्थक चर्चा होगी और सरकार को जवाब देना पड़ेगा।
उत्तराखंड की प्रभारी कुमारी सैलजा ने कहा कि राज्य में कांग्रेस के कार्यक्रमों को जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है। अगस्त के प्रारंभ में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसके बाद पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के कार्यक्रम भी लगातार होंगे। सांसद ने कहा कि उत्तराखंड में परिवर्तन का माहौल बन चुका है और आने वाले समय में कांग्रेस का जनसमर्थन और अधिक मजबूत होगा। कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों पर स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस विषय में पारदर्शिता आवश्यक है। श्रद्धालुओं द्वारा समर्पित धन, स्वर्ण, रजत एवं अन्य अर्पण का पूरा और सार्वजनिक लेखा-जोखा देश के सामने रखा जाना चाहिए, ताकि किसी प्रकार की शंका की गुंजाइश न रहे
कुमारी सैलजा।ने कहा कि कांग्रेस की नीति स्पष्ट है जनहित, पारदर्शिता, जवाबदेही और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा। पार्टी संसद से लेकर सड़क तक जनता से जुड़े प्रत्येक महत्वपूर्ण मुद्दे को संविधान और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप उठाती रहेगी तथा देश के युवाओं, किसानों, महिलाओं और आम नागरिकों की आवाज़ बनने का अपना दायित्व निभाती रहेगी।
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'छात्रों की गूंज' अब देशभर के युवाओं की आवाज़, पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था की मांग : कुमारी सैलजा
चंडीगढ़, 19 जुलाई।
अखिल भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) द्वारा आयोजित "छात्रों की गूंज–छात्र संवाद" कार्यक्रम में सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव, कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की सदस्य एवं उत्तराखंड की प्रभारी कुमारी सैलजा ने कहा कि आज देशभर के छात्र रोजगार, शिक्षा और परीक्षा प्रणाली से जुड़े गंभीर मुद्दों को लेकर अपनी आवाज़ बुलंद कर रहे हैं। सांसद ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने छात्रों की इस आवाज़ को मजबूती से उठाया है और संसद से लेकर सड़क तक छात्रों के अधिकारों की लड़ाई लगातार लड़ी जा रही है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि कोटा, देहरादून सहित देश के विभिन्न हिस्सों से छात्रों की समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं। बार-बार होने वाले पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं तथा शिक्षा व्यवस्था में बढ़ती अव्यवस्था ने विद्यार्थियों के भविष्य को संकट में डाल दिया है। माता-पिता अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन ऐसी घटनाएं उनकी उम्मीदों को गहरा आघात पहुंचाती हैं।
उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को ऐसी शिक्षा व्यवस्था चाहिए, जिसमें पूर्ण पारदर्शिता, जवाबदेही और समान अवसर सुनिश्चित हों। इस अवसर पर एनएसयूआई ने छात्रों की ओर से तीन प्रमुख मांगें रखीं सभी प्रतियोगी एवं भर्ती परीक्षाओं का वार्षिक परीक्षा कैलेंडर समय रहते जारी किया जाए, शिक्षा एवं परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया जाए तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री छात्रों के सवालों का जवाब देते हुए शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर नियमित संवाद स्थापित करें।
कुमारी सैलजा ने कहा कि देश का भविष्य उसके युवा हैं और उनके सपनों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। सांसद ने एनएसयूआई कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे छात्रों की समस्याओं को लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से उठाते रहें तथा शिक्षा, रोजगार और पारदर्शिता के लिए संघर्ष जारी रखें।

