कांग्रेस ने स्वच्छता सर्वेक्षण और हर घर जल योजना पर उठाए सवाल
Jan 8, 2026, 14:24 IST

नई दिल्ली, 08 जनवरी कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से 18 से अधिक लोगों की मौत को लेकर सरकार के स्वच्छता सर्वेक्षण और हर घर जल योजना पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि इंदौर लगातार 9 बार स्वच्छता सर्वेक्षण में पहले स्थान पर रहा है, लेकिन इस घटना ने स्वच्छ भारत अभियान और हर घर जल योजना की पोल खोल दी है। खेड़ा ने गुरुवार को कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में कहा कि इंदौर में पाइपलाइन बदलने का ठेका 22 जुलाई 2022 को ही मंजूर हो चुका था लेकिन उस पर काम नहीं हुआ। कांग्रेस नेता ने कहा कि गुजरात के गांधीनगर में टाइफाइड के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है लेकिन इस पर कोई चर्चा नहीं हो रही। उन्होंने दिल्ली में जल प्रदूषण का भी जिक्र किया और कहा कि जब आम आदमी पार्टी की सरकार थी तो पानी काला था और यह सरकार आने पर पानी पीला हो गया।खेड़ा ने इंटरनेशनल सेंटर फॉर सस्टेनेबिलिटी की रिपोर्ट के हवाले से कहा कि भारत का 70 प्रतिशत पानी दूषित हो चुका है। इसके बावजूद भाजपा सरकार जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाने का काम करती है। हर घर जल योजना पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए गए लेकिन यह हर घर जल योजना नहीं बल्कि ‘हर घर मल योजना’ साबित हुई है।कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि लोगों के घरों में जो पानी पहुंच रहा था, उसमें मल मिला हुआ था और इसकी जिम्मेदारी सीधे सरकार की है। इसके लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक से पैसा आया था, लेकिन सवाल है कि आखिर वह पैसा कहां गया।

