कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने विधायक शीशपाल केहरवाला निवास के बाहर हिरासत में ले लिया

सिरसा। 10 अक्टूबर पार्टी आलाकमान के निर्देश पर दिल्ली में केंद्रीय मंत्रालय के समक्ष प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जा रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने विधायक शीशपाल केहरवाला निवास के बाहर हिरासत में ले लिया। कांग्रेसजनों ने पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध जताते हुए सरकार व पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पुलिस सबको बसों में बिठाकर ऐलनाबाद ले गई। वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजकुमार शर्मा, संदीप नेहरा, राजेश चाडीवाल, सुभाष जोधपुरिया,रणधीर सिंह धीरा,सतपाल मेहता, चेयरमैन राम सिंह सोलंकी, लादु राम पूनिया, सुरजीत भावदीन, बलविंदर रोड़ी, मलकीत रंधावा विजय कागदाना,जसवंत पणिहारी चेयरमैन लवप्रीत सिंह, प्रदेश युवा कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहित शर्मा, एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष शुभम पुनिया, जसकरण, सतिंदर सिंह त्रिलोक वाला,होशियार सिंह,अमित यादव, हैरिसन विलियम, सुखविंदर सामा, सुरेंद्र ढींगरा, रवि भांभू, रमेश सहसारी
विजय, हरविंदर सिंह केसुपुरा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता आज सुबह पार्टी के कालांवाली से विधायक शीशपाल केहरवाला के हुडा सेक्टर स्थित निवास पर एकत्रित हुए थे। उनके दिल्ली रवाना होने से पहले ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और नेताओं व कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। पुलिस की इस कार्रवाई से कांग्रेस नेताओं में रोष व्याप्त हो गया। विधायक शीशपाल केहरवाला ने कार्रवाई का विरोध करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया।
उन्होंने कहा कि हम पार्टी आला कमान के आदेश पर शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली जा रहे हैं। ना हमारे पास किसी तरह का कोई हथियार है, और ना ही हम कोई असामाजिक तत्व हैं। हम किसी प्रकार की अव्यवस्था फैलाने नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के लिए दिल्ली जा रहे थे।
विधायक शीशपाल केहरवाला ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक व्यक्ति और राजनीतिक दल को अपनी बात रखने तथा सरकार की नीतियों के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराने का अधिकार है। ऐसे में दिल्ली रवाना होने से पहले ही नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेना उचित नहीं है। यह सरासर तानाशाही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध की आवाज को सुना जाना चाहिए और राजनीतिक दलों को अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाने का अवसर मिलना चाहिए। वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजकुमार शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र में सबको अपनी बात रखने का हक है लेकिन भाजपा सरकार ने लोकतंत्र की हत्या कर दी है। यह जनविरोधी सरकार अब ज्यादा दिन नहीं चलने वाली। कांग्रेसजनो ने कहा कि भाजपा सरकार विपक्ष के कार्यक्रमों को लेकर सख्त रवैया अपना रही है और विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। नेताओं ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है। यदि विपक्षी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं को अपनी बात रखने के लिए भी रोका जाएगा तो इससे लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर सवाल खड़े होंगे। उन्होंने कहा कि अपने घटते जनाधार को देखकर भाजपा सरकार घबरा गई है, इसलिए विपक्ष पर दमनचक्र चलाया जा रहा है। सरकार चाहे लाख कोशिश कर ले वह विपक्ष की आवाज को नहीं दबा सकती।
कांग्रेस नेताओं ने हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई पर असहमति जाहिर करते हुए कहा कि पार्टी जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार की अब उल्टी गिनती शुरू हो गई है। सभी ने ऐलनाबाद थाना परिसर में धरना देकर अपना विरोध प्रकट किया।

