भारतीय नाविकों की मौत पर अमेरिका से माफी की मांग करे केंद्र सरकार : कांग्रेस
Jun 14, 2026, 13:12 IST

नई दिल्ली, 14 जून ओमान के तट के निकट हुई घटना में भारतीय नाविकों की मौत को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के रुख पर सवाल उठाते हुए अमेरिका से माफी और जवाबदेही तय करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि भारतीय नागरिकों की जान जाने जैसे गंभीर मामले में सरकार को अधिक दृढ़ और स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए था।
कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच हुई बातचीत के बाद सार्वजनिक किए गए आधिकारिक संदेशों से यह प्रतीत होता है कि भारत की ओर से अपेक्षित कठोरता नहीं दिखाई गई। उन्होंने कहा कि जिनकी कार्रवाई के कारण भारतीय नागरिकों की जान गई हो, उनके प्रति नरम भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं माना जा सकता।
खेड़ा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार किसी भी सशस्त्र संघर्ष के दौरान किसी तीसरे देश के वाणिज्यिक जहाज को निशाना नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने समुद्र में सशस्त्र संघर्षों पर लागू अंतरराष्ट्रीय कानूनों से संबंधित सैन रेमो मैनुअल (समुद्र में सशस्त्र संघर्षों पर लागू अंतर्राष्ट्रीय कानून) तथा 1949 के जिनेवा कन्वेंशन का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में जवाबदेही तय होना आवश्यक है और जिम्मेदार पक्षों को अपने कृत्यों के लिए उत्तरदायी ठहराया जाना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत ने इस घटना में अपने नागरिकों को खोया है, इसलिए केंद्र सरकार को अमेरिका से औपचारिक माफी मांगने के साथ-साथ पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग करनी चाहिए। उनके अनुसार इस मुद्दे पर भारत सरकार का रवैया अपेक्षाकृत नरम दिखाई दिया है, जबकि राष्ट्रीय हितों और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
पवन खेड़ा ने कहा कि विदेशों में कार्यरत भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने आग्रह किया कि भारत सरकार इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मजबूती से उठाए और यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
कांग्रेस ने इस मामले में पारदर्शिता और स्पष्ट कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि भारतीय नागरिकों की जान से जुड़े मामलों में सरकार को अधिक सक्रिय और प्रभावी कूटनीतिक पहल करनी चाहिए।
कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच हुई बातचीत के बाद सार्वजनिक किए गए आधिकारिक संदेशों से यह प्रतीत होता है कि भारत की ओर से अपेक्षित कठोरता नहीं दिखाई गई। उन्होंने कहा कि जिनकी कार्रवाई के कारण भारतीय नागरिकों की जान गई हो, उनके प्रति नरम भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं माना जा सकता।
खेड़ा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार किसी भी सशस्त्र संघर्ष के दौरान किसी तीसरे देश के वाणिज्यिक जहाज को निशाना नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने समुद्र में सशस्त्र संघर्षों पर लागू अंतरराष्ट्रीय कानूनों से संबंधित सैन रेमो मैनुअल (समुद्र में सशस्त्र संघर्षों पर लागू अंतर्राष्ट्रीय कानून) तथा 1949 के जिनेवा कन्वेंशन का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में जवाबदेही तय होना आवश्यक है और जिम्मेदार पक्षों को अपने कृत्यों के लिए उत्तरदायी ठहराया जाना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत ने इस घटना में अपने नागरिकों को खोया है, इसलिए केंद्र सरकार को अमेरिका से औपचारिक माफी मांगने के साथ-साथ पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग करनी चाहिए। उनके अनुसार इस मुद्दे पर भारत सरकार का रवैया अपेक्षाकृत नरम दिखाई दिया है, जबकि राष्ट्रीय हितों और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
पवन खेड़ा ने कहा कि विदेशों में कार्यरत भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने आग्रह किया कि भारत सरकार इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मजबूती से उठाए और यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
कांग्रेस ने इस मामले में पारदर्शिता और स्पष्ट कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि भारतीय नागरिकों की जान से जुड़े मामलों में सरकार को अधिक सक्रिय और प्रभावी कूटनीतिक पहल करनी चाहिए।

