Pal Pal India

विधानसभा परिसर में विधायकों से धक्का-मुक्की के खिलाफ राज्यपाल के पास पहुंची कांग्रेस-पूर्व सीएम हुड्डा के नेतृत्व में मुलाकात कर दिया ज्ञापन

 
विधानसभा परिसर में विधायकों से धक्का-मुक्की के खिलाफ राज्यपाल के पास पहुंची कांग्रेस-पूर्व सीएम हुड्डा के नेतृत्व में मुलाकात कर दिया ज्ञापन

चंडीगढ़, 31 अगस्त  हरियाणा विधानसभा में मानसून सत्र के पहले दिन कांग्रेस विधायकों के साथ कथित
धक्का-मुक्की का मामला सोमवार को राज्यपाल के दरबार में पहुंच गया। पूर्व
मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में
कांग्रेस विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर असीम
कुमार घोष से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के जरिए विधायकों ने 27 अगस्त को विधानसभा
परिसर के बाहर विधायकों के साथ हुई धक्का-मुक्की, दुर्व्यवहार और उनके
लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन की शिकायत की। कांग्रेस ने मांग की है कि इस पूरे
घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करते हुए भविष्य
के लिए एक संस्थागत सुरक्षा प्रोटोकॉल तय
किया जाए। 27
अगस्त को हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन कांग्रेस पार्टी के
विधायकों ने जनहित से जुड़े कई संवेदनशील और ज्वलंत मुद्दों को लेकर सरकार के
खिलाफ मोर्चा खोला था। विधायक हाथों में प्लेकार्ड लेकर और शांतिपूर्ण तरीके से
नारेबाजी करते हुए विधानसभा भवन की ओर मार्च कर रहे थे। हुड्डा ने कहा कि
कांग्रेस द्वारा प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी और महंगाई, बिगड़ती कानून व्यवस्था, हरियाणा कौशल रोजगार निगम
की नीतियां, सफाई कर्मचारियों की हड़ताल,मंदिरों में हो रही चंदा चोरी के मामले, भर्ती
परीक्षाओं में पेपर लीक के मामले, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
के राष्ट्रीय अध्यक्ष का जाति-सूचक अपमान के मुद्दे पर प्रदर्शन किया।
राज्यपाल को दिए गए
ज्ञापन में भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि वे
सीआईएसएफ और चंडीगढ़ पुलिस के सुरक्षा परीक्षणों से गुजरने के बाद शांतिपूर्ण
तरीके से विधानसभा परिसर के प्रवेश बिंदु तक पहुंचे थे। लेकिन वहां पहले से मौजूद
हरियाणा पुलिस और विधानसभा के सुरक्षा कर्मियों की असामान्य और आक्रामक मौजूदगी ने
उन्हें भीतर जाने से रोक दिया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि विधानसभा के इतिहास
में ऐसा अभूतपूर्व और अलोकतांत्रिक आचरण पहले कभी नहीं देखा गया, जहां विधायकों को
उनके संवैधानिक अधिकारों का प्रयोग करने से इस तरह रोका गया हो। राज्यपाल को दिए ज्ञापन
में विधायकों की तस्वीरों सहित दृश्य प्रमाण
भी शामिल किए गए हैं। कांग्रेस ने राज्यपाल से आग्रह किया है कि राज्य का
संवैधानिक प्रमुख होने के नाते वे इस मामले का तत्काल संज्ञान लें और लोकतांत्रिक
मर्यादाओं की रक्षा सुनिश्चित करें।