पंजाब विधानसभा के बाहर सत्र के अंतिम दिन कांग्रेस व भाजपा का हंगामा

-चंडीगढ़, 27 अक्टूबर । पंजाब विधानसभा में विशेष सत्र के अंतिम दिन मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ। सदन के भीतर जहां सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाया, वहीं सदन के बाहर कांग्रेस व भाजपा ने जमकर हंगामा किया।
सत्र की कार्यवाही शुरू होने से पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू विधानसभा परिसर में शराब की बोतल लेकर पहुंच गए। उन्होंने कहा कि यह ब्रांडेड बोतल है। जिस महंगी शराब का मुख्यमंत्री को शौक है वही बोतल लेकर आए हैं। इस बोतल में घंटी बजती है। इस पर बिट्टू की आप विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा से तीखी बहस हो गई। बिट्टू ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की हालिया विदेश यात्रा पर निशाना साधते हुए विरोध के प्रतीक के तौर पर आयातित शराब की एक बोतल दिखाई। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच बहस हुई, लेकिन मामला बढऩे से पहले ही वे अलग हो गए।
दूसरी तरफ, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा तथा अन्य कांग्रेस विधायक गले में काला कपड़ा पहनकर पहुंचे। प्रताप सिंह बाजवा ने आरोप लगाया कि जब विधायक सदन में जाने लगे तो उन्हें रोक दिया गया। इस पर उन्होंने नारेबाजी कर विधानसभा का बायकॉट कर दिया। कांग्रेस विधायकों ने अपना विरोध दर्ज करवाते हुए सदन के बाहर आम आदमी पार्टी का चुनाव चिन्ह झाड़ू भी फूंका।
इससे पहले स्पीकर कुलतार संधवां ने विधानसभा सचिव को मामले की जांच करने के निर्देश दिए। स्पीकर ने बसपा विधायक नछत्तर पाल से भी पूछा कि क्या उन्हें सदन के अंदर आने से रोका गया है। इस पर नछत्तर पाल ने जवाब दिया कि वह समय के पाबंद हैं। इसके बाद स्पीकर ने स्पष्ट किया कि किसी भी सदस्य को सदन में आने से नहीं रोका जाएगा, बशर्ते उसके खिलाफ कोई कार्रवाई न हुई हो।
इसके बाद विधानसभा के पोडियम पर प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर आप विधायक और कांग्रेस विधायक उलझ गए। आप विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल का कहना था कि आप बाहर जाकर जो करना है, वह करो। यहां
की गुंडागर्दी नहीं चलने देंगे। धालीवाल ने आरोप लगाया कि उन्हें धक्के तक मारे गए।
दूसरी तरफ, कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा और आप विधायक सरबजीत कौर माणुके के बीच तीखी बहस हो गई। खैहरा ने उन्हें एनआरआई की कोठी पर कब्जा करने वाली मंत्री कहकर नारेबाजी की। इस पर माणुके ने कहा कि उन्हें कोर्ट से राहत मिल चुकी है। वह इस मामले में खैहरा के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज करेंगी। सुखपाल खैहरा को स्पीकर द्वारा सदन की कार्यवाही से निलंबित कर दिया गया था। इसके बावजूद वह आज जब सदन में पहुंचे तो सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें भीतर जाने से रोक दिया, जिसे लेकर काफी देर तक हंगामा होता रहा।

