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फैशन डिजाइनिंग में कंप्यूटर एप्लीकेशन

 
  फैशन डिजाइनिंग में कंप्यूटर एप्लीकेशन

  लेखमाला भाग–17

*डिजिटल तकनीक ने डिजाइन की कल्पना, प्रस्तुति और उत्पादन को बनाया अधिक आसान और प्रभावी*

*सिरसा।* फैशन डिजाइनिंग आज केवल कागज पर स्केच बनाने, कपड़े काटने और सिलाई करने तक सीमित नहीं रही है। आधुनिक फैशन उद्योग में कंप्यूटर और डिजिटल तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है। डिजाइन तैयार करने, रंगों का चयन, पैटर्न निर्माण, पोर्टफोलियो और ग्राहकों के सामने डिजाइन प्रस्तुत करने तक कंप्यूटर का उपयोग किया जा रहा है। इसलिए फैशन डिजाइनिंग के विद्यार्थियों के लिए कंप्यूटर एप्लीकेशन का ज्ञान महत्वपूर्ण व्यावसायिक कौशल बन गया है।

### सीखने के उद्देश्य

इस विषय के अध्ययन का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों को फैशन डिजाइनिंग में कंप्यूटर के व्यावहारिक उपयोग से परिचित कराना है। इसके माध्यम से विद्यार्थी डिजिटल डिजाइन तैयार करना, रंग संयोजन करना, पैटर्न में परिवर्तन करना तथा डिजाइन को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत करना सीख सकते हैं। साथ ही CAD तकनीक, डिजिटल मूड बोर्ड और पोर्टफोलियो निर्माण की बुनियादी समझ विकसित करना भी इसका उद्देश्य है। यह ज्ञान विद्यार्थियों में रचनात्मकता, तकनीकी दक्षता और रोजगारपरक कौशल विकसित करने में सहायक है।

### डिजाइन को डिजिटल रूप देने की सुविधा

पहले फैशन डिजाइनर अपनी कल्पना को कागज पर पेंसिल और रंगों की सहायता से प्रस्तुत करते थे। आज डिजिटल ड्राइंग और ग्राफिक डिजाइन सॉफ्टवेयर से डिजाइन को अधिक साफ, आकर्षक और व्यवस्थित रूप दिया जा सकता है। कंप्यूटर की सहायता से फैशन फिगर, परिधान की रूपरेखा, रंग संयोजन, प्रिंट और टेक्सचर तैयार किए जा सकते हैं।

डिजाइन में रंग, आकार या पैटर्न बदलना हो तो डिजिटल माध्यम से यह कार्य अपेक्षाकृत जल्दी किया जा सकता है। इससे समय की बचत होती है और विभिन्न विकल्पों की तुलना करना आसान होता है।

### CAD का बढ़ता महत्व

फैशन उद्योग में कंप्यूटर एडेड डिजाइन (CAD) का विशेष महत्व है। इसकी सहायता से परिधान के डिजाइन और पैटर्न को डिजिटल रूप में विकसित किया जा सकता है। पैटर्न में परिवर्तन, आकार संबंधी समायोजन और लेआउट तैयार करने जैसे कार्य अधिक व्यवस्थित ढंग से किए जा सकते हैं। डिजिटल पैटर्न मेकिंग और ग्रेडिंग से विभिन्न आकार के परिधानों के निर्माण में सहायता मिलती है।

### मूड बोर्ड और पोर्टफोलियो

फैशन कलेक्शन तैयार करने से पहले डिजाइनर मूड बोर्ड, थीम बोर्ड, कलर पैलेट और फैब्रिक बोर्ड बनाता है। कंप्यूटर की सहायता से फोटो, रंग, टेक्सचर और डिजाइन को व्यवस्थित करके पूरी अवधारणा प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत की जा सकती है।

डिजिटल पोर्टफोलियो विद्यार्थियों की रचनात्मक क्षमता प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसमें उनके श्रेष्ठ स्केच, डिजाइन, तैयार परिधान और प्रोजेक्ट शामिल किए जा सकते हैं।

### रोजगार और स्वरोजगार में उपयोगी

कंप्यूटर तकनीक फैशन डिजाइनिंग के विद्यार्थियों के लिए रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाएं बढ़ाती है। डिजाइनर डिजिटल कैटलॉग बनाकर सोशल मीडिया और ऑनलाइन माध्यमों से अपने उत्पाद ग्राहकों तक पहुंचा सकता है।

हालांकि हाथ से स्केचिंग, कपड़े की समझ, पैटर्न मेकिंग और सिलाई जैसे मूल कौशल भी आवश्यक हैं। कंप्यूटर इनका विकल्प नहीं, बल्कि इन्हें अधिक प्रभावी बनाने का साधन है। इसलिए रचनात्मकता और डिजिटल तकनीक का संतुलित ज्ञान विद्यार्थियों को आधुनिक फैशन उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

*कंचन मेहता*
एम.ए. फैशन डिजाइनिंग, इंस्ट्रक्टर
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा