भाजपा में शामिल होने के बाद चेतन सिंह जौड़ामाजरा का विधायक पद से इस्तीफा

चंडीगढ़, 03 नवंबर पंजाब की राजनीति में आम आदमी पार्टी को एक और झटका लगा है। पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ने के दो दिन बाद पंजाब के पूर्व मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने मंगलवार को विधायक पद से भी इस्तीफा दे दिया। पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही समाना विधानसभा सीट को खाली घोषित कर दिया गया है।
जौड़ामाजरा के इस्तीफे के बाद 117 सदस्यीय पंजाब विधानसभा में आम आदमी पार्टी के विधायकों की संख्या 94 से घटकर 91 रह गई है। पिछले कुछ दिनों में पार्टी के तीन विधायकों ने विधानसभा की सदस्यता छोड़ी है। चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया था। उनके साथ आम आदमी पार्टी छोड़ने वाले सनौर के विधायक हरमीत सिंह पाठानमाजरा और अमृतसर उत्तर के विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह भी भाजपा में शामिल हुए थे।
इससे पहले हरमीत सिंह पाठानमाजरा और कुंवर विजय प्रताप सिंह ने भी विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। विधानसभा अध्यक्ष ने सोमवार को दोनों के इस्तीफे स्वीकार करते हुए उनकी विधानसभा सीटों को खाली घोषित कर दिया था।
विधायक पद से इस्तीफा देने से एक दिन पहले चेतन सिंह जौड़ामाजरा को पंजाब विधानसभा की ओर से नोटिस जारी किया गया था। यह कार्रवाई आम आदमी पार्टी की मुख्य सचेतक बलजिंदर कौर की ओर से विधानसभा को भेजे गए पत्र के आधार पर की गई थी। बलजिंदर कौर ने अपने पत्र में विधानसभा को सूचित किया था कि जौड़ामाजरा ने आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने दल-बदल से संबंधित प्रावधानों के तहत उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की मांग की थी।
इसके बाद विधानसभा सचिवालय ने जौड़ामाजरा को नोटिस जारी कर दो दिनों के भीतर अपना जवाब देने के निर्देश दिए थे। हालांकि, अब उनके स्वयं विधायक पद से इस्तीफा देने और विधानसभा अध्यक्ष द्वारा उसे स्वीकार किए जाने के बाद यह कार्रवाई अप्रासंगिक हो गई है। आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए तीनों नेताओं के इस्तीफे स्वीकार होने के बाद समाना, सनौर और अमृतसर उत्तर विधानसभा सीटें खाली हो गई हैं। अब इन तीनों विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव कराए जाने की संभावना है।

