पीने के पानी के लिए संघर्ष कर रहा चानौत गांव, क्या यही लोकतंत्र और सुशासन की पहचान है? — राव नरेंद्र सिंह

चंडीगढ़ 14 जुलाई
हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने हांसी जिले के गांव चानौत में पेयजल संकट को लेकर उत्पन्न हालात पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों को अपनी सबसे बुनियादी आवश्यकता—स्वच्छ पेयजल—के लिए आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़े, इससे अधिक दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति और कोई नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश सरकार की संवेदनहीनता और प्रशासनिक विफलता का स्पष्ट प्रमाण है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी ने इस गंभीर विषय पर मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप करने का आग्रह भी किया था, लेकिन आज तक स्थिति में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि चानौत गांव के ग्रामीण लंबे समय से भीषण पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। अपनी समस्या के समाधान के लिए उन्होंने पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष किया। कई ग्रामीणों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल तक की, लेकिन उनकी एकमात्र मांग केवल इतनी थी कि गांव को स्थायी रूप से स्वच्छ एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने कहा कि सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि पहले ग्रामीणों को यह भरोसा दिलाया गया कि उनकी मांग स्वीकार कर ली गई है। भूख हड़ताल समाप्त करवाई गई, पाइपलाइन में टी-पॉइंट लगाया गया और इस दौरान मुख्यमंत्री के समर्थन में नारे भी लगवाए गए। लेकिन महज दो दिन बाद उसी कनेक्शन को अवैध बताकर आधी रात को भारी पुलिस बल और जेसीबी मशीन की मौजूदगी में उसे हटवा दिया गया। यह पूरा घटनाक्रम सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार से सवाल किया कि यदि कनेक्शन अवैध था तो उसे लगाने की अनुमति किसने दी? और यदि अनुमति नहीं थी, तो ग्रामीणों को झूठा भरोसा देकर गुमराह किसने किया? सरकार को इन सवालों का स्पष्ट और जवाबदेह उत्तर हरियाणा की जनता के सामने रखना चाहिए।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि इसके बाद जो घटनाएं सामने आईं, वे किसी भी लोकतांत्रिक समाज के लिए बेहद चिंताजनक हैं। अपनी जायज मांग को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे ग्रामीणों पर बल प्रयोग, आंसू गैस के गोले छोड़ना, लाठीचार्ज करना, महिलाओं और बुजुर्गों के साथ धक्का-मुक्की करना तथा उनके विरुद्ध मुकदमे दर्ज करना पूरी तरह निंदनीय है। लोकतांत्रिक सरकारों का दायित्व जनता की समस्याओं का समाधान करना होता है, न कि उनकी आवाज को बलपूर्वक दबाना।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी अनेक अवसरों पर "हर घर जल" का संकल्प दोहरा चुके हैं और केंद्र सरकार की जल जीवन मिशन योजना का उद्देश्य भी प्रत्येक परिवार तक सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है। यदि सरकार की घोषित नीति हर घर तक पानी पहुंचाने की है, तो फिर चानौत के ग्रामीणों को अपने अधिकार की मांग करने पर अपराधियों जैसा व्यवहार क्यों झेलना पड़ रहा है?
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि चानौत गांव में तत्काल स्थायी एवं नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ग्रामीणों के साथ हुई कार्रवाई की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच करवाई जाए तथा भविष्य में हरियाणा के किसी भी गांव को पीने के पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता के लिए आंदोलन करने की नौबत न आए, इसके लिए सरकार ठोस एवं प्रभावी नीति बनाकर उसे सख्ती से लागू करे।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की असली पहचान जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता, संवाद और समाधान में निहित है। सरकार को दमन और टकराव की राजनीति छोड़कर जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए, ताकि हर नागरिक को सम्मानपूर्वक अपने मूलभूत अधिकार प्राप्त हो सकें।

