सावधान! ऑनलाइन खरीदारी की आड़ में घर तक पहुंचती ठगी

सुरेंद्र भाटिया
प्रधान संपादक, पल-पल सिरसा
ऑनलाइन खरीदारी ने हमारे जीवन को सुविधाजनक बनाया है, लेकिन इसी सुविधा की आड़ में ठगी के नए तरीके भी सामने आ रहे हैं। विशेष रूप से कैश ऑन डिलीवरी (COD) के जरिए बिना ऑर्डर किए सामान घर भेजकर पैसे वसूलने का तरीका चिंता का विषय है।
कई बार उपभोक्ता सोशल मीडिया या इंटरनेट पर आकर्षक विज्ञापन देखकर कोई वस्तु मंगवा लेता है। इससे विक्रेता के पास उसका नाम, मोबाइल नंबर और घर का पता पहुंच जाता है। इसके बाद उसी पते पर बिना नया ऑर्डर किए दूसरा COD पार्सल भेज दिया जाता है। यदि ग्राहक घर पर मौजूद नहीं है तो परिवार का कोई सदस्य यह समझकर भुगतान कर सकता है कि सामान घर के किसी व्यक्ति ने ही मंगवाया होगा।
चिंता की दूसरी बात स्वास्थ्य संबंधी उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री है। तथाकथित डिटॉक्स फुट पैड, शक्तिवर्धक गोलियां, कैप्सूल, तेल और अन्य उत्पाद बड़े-बड़े दावों के साथ बेचे जाते हैं। उपभोक्ताओं को केवल विज्ञापन देखकर ऐसे स्वास्थ्य संबंधी दावों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। उत्पाद की प्रमाणिकता जांचना और जरूरत पड़ने पर योग्य चिकित्सक की सलाह लेना समझदारी है।
हर परिवार को एक नियम बना लेना चाहिए—ऑर्डर की पुष्टि किए बिना किसी COD पार्सल का भुगतान नहीं किया जाएगा। मोबाइल की ऑर्डर हिस्ट्री और ऑर्डर नंबर जरूर जांचें। घर के बुजुर्गों और बच्चों को भी इस बारे में स्पष्ट रूप से समझाएं।
ऑनलाइन खरीदारी सुविधा है, लेकिन सावधानी उसकी पहली शर्त है। विज्ञापन को प्रमाण, ऊंची कीमत को गुणवत्ता और घर पहुंचे हर पार्सल को अपना ऑर्डर समझने की भूल न करें।
सावधानी की एक छोटी-सी आदत आपके हजारों रुपये बचा सकती है।
— सुरेंद्र भाटिया
प्रधान संपादक, पल-पल सिरसा

