1 से 3 अक्टूबर तक दूध की सप्लाई बंद रखने का आह्वान, सिरसा में जिला कमेटी गठित

सिरसा, 19 सितंबर। नकली दूध, घी, खोया, पनीर और अन्य मिलावटी दुग्ध उत्पादों के खिलाफ अभियान को लेकर शनिवार को गुरुद्वारा चिल्ला साहिब, सिरसा में जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसानों, पशुपालकों, मजदूरों, दूधियों तथा दूध व्यवसाय से जुड़े लोगों ने भाग लिया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 1 अक्टूबर से 3 अक्टूबर तक पूरे हरियाणा में दूध की सप्लाई बंद रखने का आह्वान किया जाएगा। इस दौरान वीटा, वेरका, सरस, अमूल सहित अन्य दूध कंपनियों से गांवों और शहरों में दूध की गाड़ियां नहीं भेजने की अपील की गई।
बैठक में किसानों, पशुपालकों, मजदूरों और दूधियों से भी अपील की गई कि 1 से 3 अक्टूबर तक न दूध खरीदें और न दूध बेचें। आंदोलन के दौरान दूध बेचने वाले व्यक्ति पर ₹51,000 का सामुदायिक जुर्माना लगाने का निर्णय लिया गया। बैठक में यह भी तय किया गया कि आंदोलन के दौरान दूध ढोने में इस्तेमाल होने वाले साधन को जब्त किया जाएगा तथा पकड़े गए दूध को गरीब बस्तियों में वितरित किया जाएगा।
आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए सिरसा जिला कमेटी का गठन किया गया, जिसमें जसबीर सिंह भाटी, मैक्स साहुवाला, भूपिंदर सिंह नंबरदार, उदय प्रताप सिंह गिल, गुरी सेखों, सोम चंद सरपंच, आकाश कंबोज, अर्जन कंबोज, गोरा बराड़, रोशन लाल, खुशदीप सिंह, बलजिंदर सूच और कुलविंदर सिंह को शामिल किया गया।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि अभियान का उद्देश्य पशुपालकों को दूध का उचित दाम दिलाना और नकली व मिलावटी दुग्ध उत्पादों के खिलाफ जनजागरूकता पैदा करना है। “नकली के खिलाफ जंग, असली को प्रमोट” अभियान को पूरे हरियाणा में आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

