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न्यू दिल्ली से पत्रकार ऊषा माहना की कलम से

 
न्यू दिल्ली से पत्रकार ऊषा माहना की कलम से 
                                                              

हिन्दू संगठनों ने जज बी सुदर्शन रेड़डी, आंगस्टीन जॉर्ज मसीह, यशवन्त वर्मा और अभय श्री निवास ओका के पुतलों को जलाया गया।

अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मुन्ना कुमार शर्मा के नेतृत्व में हिन्दू संगठनों ने जन्तर मन्तर पर प्रदर्शन किया और कांग्रेस इंडी गठबन्धन के नक्लवादियों के पक्ष में फैसला देने वाले उपराष्ट्रपति पद के उम्मीद्वार जज बी सुदर्शन रेड्डी की सम्पत्ति की जांच एन आई ए से कराने की मांग कीं।

प्रदर्शनकारी हिन्दू संगठनों ने दिवाली के पटाखों पर रोक लगाने वाले सर्वोच्च न्यायालय के जज आंगस्टीन जॉर्ज मसीह, अभय श्री निवास ओका के साथ-साथ नक्सलवादी बी सुदर्श्रन रेड़डी और रिश्वतखोर जज यशवन्त वर्मा के पुतलों को भी जूते मारे। जूते मारने में बच्चों और महिला प्रदर्शनकारियों ने भी बढ़चढ़कर हिस्सा लिया।
पुतले को जलाया हुए अटल जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बम बम महाराज ने बताया कि विस्फोटक कानून 2008 की धारा 9.5 और 9.9 प्रत्येक भारतीय नागरिक और दुकानदार को बिना लाइसेंस के 100 किलो तक पटाखें बनाने और बेचने का अधिकार देती हैं। किन्तु कानून का उल्लंघन करके सर्वोच्च न्यायालय के अन्यायी जजों ने दिवाली के पटाखों पर दिल्ली में रोक लगाकर अपनी हिन्दू त्यौहारों के प्रति नफरती सोच को अंजाम दिया है। 
प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित करते हुए दारा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मुकेश जैन ने बताया कि दिवाली के पटाखों पर रोक लगाकर 142 करोड़ हिन्दुस्तानियों को महामारी फैलाकर मारने की साजिश को सर्वोच्च न्यायालय के ईसाई जज अंजाम दे रहे है। अहंकार में चूर यें जज स्वतः संज्ञान लेकर खुद ही फरियादी और खुद ही काजी बनकर न्याय के मूल सिद्धान्त को ही भुल गये हैं।

हिन्दू संगठनों ने ज्ञापन देकर केन्द्र सरकार, दिल्ली पुलिस और सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश से मांग की कि कोई भी अपने आप को विस्फोटक कानून 2008 के प्रावधानों से उपर न समझे। आपने भारत सरकार के कानून का पालन करने की शपथ ली है। अतः उक्त कानून की धारा 9.5 और 9.9 का पालन करते हुए 100 किलो तक बिना लाइसेंस के पटाखें बनाने और बेचने वाले दुकानदारों और निर्माताओं को प्रताड़ित करने की गैर कानूनी हरकत से बाज आयें। इसी के साथ विस्फोटक कानून 2008 की धारा 113 का पालन करते हुए दिल्ली पुलिस पटाखा दुकानदारों को लाइसेंस जारी करे।
हिन्दू संगठनों ने सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश श्री बी आर गवईं से भी अनुरोध किया कि जैसे उन्होंने न्यायधीश जे बी पारदीवाला द्वारा कानून का उल्लंघन करके सामुदायिक कुत्तों के मामले में न्याय कराया वैसे ही दीवाली के पटाखों पर स्वतः संज्ञान लेकर खुद ही फरियादी और खुद ही काजी बनकर विस्फोटक कानून 2008 की अवज्ञा करके पटाखों पर रोक लगाने वाले ईसाई जज आगस्ट्रीन जॉर्ज मसीह और अभय श्री निवास ओक को कदाचार का दोषी मानकर इनके खिलाफ महाअभियोग और संविधान के प्रति ली सत्य आस्था की शपथ तोड़ने की कार्यवाही शुरू कराने की अनुशंसा महामहिम राष्ट्रपति जी से कराये। अन्यथा हिन्दू संगठन पटाखा दुकानदारों के साथ मिलकर जजों के अन्याय के खिलाफ रैली निकालेंगे।