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न्यू दिल्ली से पत्रकार ऊषा माहना की कलम से

 
  न्यू दिल्ली से पत्रकार ऊषा माहना की कलम से
डा हरीश सभरवाल 
राष्ट्रीय अध्यक्ष 

आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट काँग्रेस द्वारा जीएसटी 2.0 सुधारों का स्वागत |
56वीं जीएसटी काउंसिल बैठक में लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों पर भारत सरकार का आभार |
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC),  भारत की सड़क परिवहन बिरादरी की ओर से माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी, वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी, सीबीआईसी चेयरमैन एवं जीएसटी काउंसिल के सभी माननीय सदस्यों का हार्दिक आभार व्यक्त करती है कि उन्होंने इस क्षेत्र की लंबे समय से लंबित माँगों पर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया।
•    एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, जीएसटी काउंसिल ने कई आवश्यक इनपुट्स पर जीएसटी दर को 28% से घटाकर 18% करने को मंजूरी दी है, जो देशभर के परिवहन ऑपरेटरों के लिए एक बड़ी राहत है। ट्रक, बस और वाणिज्यिक वाहनों के स्पेयर पार्ट्स, टायर्स आदि पर जीएसटी दर को 28% से घटाकर 18% किया गया। इससे मरम्मत लागत घटेगी, पर्यावरण अनुकूल ईंधन का उपयोग सस्ता होगा और सड़क सुरक्षा में सुधार आएगा।
•    थर्ड पार्टी बीमा प्रीमियम को जीएसटी से छूट दी गई है, जिससे वाहन मालिकों और छोटे ऑपरेटरों पर सीधा आर्थिक बोझ कम होगा।
यह निर्णय AIMTC के लगातार प्रयासों का परिणाम है और यह सरकार की सतत एवं समावेशी परिवहन सेक्टर को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) द्वारा लगातार इन माँगों को सभी मंचों पर उठाया गया था। परिवहन क्षेत्र की लंबे समय से लंबित माँगों पर सकारात्मक और दूरदर्शी निर्णय लेकर सरकार ने सड़क परिवहन बिरादरी का विश्वास और मजबूत किया है।
इन उपायों से परिचालन लागत में कमी आएगी, स्वच्छ एवं पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को बढ़ावा मिलेगा और असंख्य छोटे एवं मध्यम स्तर के परिवहन ऑपरेटरों की आजीविका को सहारा मिलेगा।
परिवहन बिरादरी दोहरी जीएसटी व्यवस्था (Dual GST Regime) को बनाए रखने के लिए भी आभार व्यक्त करती है, जो सेवा प्रदाताओं को लचीलापन और विकल्प प्रदान करती है। यह निर्णय सरकार की परिवहन व्यवसाय की विविध प्रकृति को समझने और एक संतुलित कर ढाँचा बनाए रखने की तत्परता को दर्शाता है।
हालांकि, फॉरवर्ड चार्ज मैकेनिज्म (FCM) के तहत 12% से बढ़ाकर 18% (आईटीसी सहित) की गई वृद्धि ने चिंता उत्पन्न की है। यद्यपि आईटीसी की उपलब्धता स्वागत योग्य है, लेकिन दर वृद्धि का समग्र प्रभाव—विशेषकर छोटे ऑपरेटरों पर—अभी स्पष्ट होना बाकी है। परिवहन बिरादरी आग्रह करती है कि अधिकारी इसके प्रभाव पर निकटता से निगरानी रखें और आगे की वार्ता के लिए खुले रहें।
“GST 2.0 सुधार परिवहन व्यापार और अर्थव्यवस्था के लिए संभावित रूप से अत्यंत सकारात्मक साबित होगा। माल परिवहन क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स लागत में कमी से निर्यातकों और एमएसएमई को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी तथा मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट को प्रोत्साहन मिलने से डिलीवरी समय घटेगा और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँच आसान होगी। यात्री परिवहन में बस और टैक्सी सेवाओं पर कर राहत से आम जनता को सस्ती और सुलभ सेवाएँ उपलब्ध होंगी, जिससे घरेलू पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके अतिरिक्त, एमएसएमई और स्टार्टअप के लिए लागत घटने से विस्तार के अवसर बढ़ेंगे, हरित परिवहन को बढ़ावा मिलेगा और परिवहन क्षेत्र में सुधार से रोजगार सृजन की संभावनाएँ भी प्रबल होंगी। यह निर्णय सड़क परिवहन क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है, जहाँ सरकार ने ऑपरेटरों और उपभोक्ताओं दोनों के हितों को ध्यान में रखते हुए संतुलित कर संरचना प्रस्तुत की है|” – डा हरीश सभरवाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष – आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट काँग्रेस 
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट काँग्रेस के नेत्रत्व में भारत का सड़क परिवहन समुदाय सरकार के साथ मिलकर कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है | AIMTC सरकार और नीति-निर्माताओं के साथ मिलकर समावेशी, न्यायसंगत और विकासोन्मुख नीतियों के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगी।