चुनावी हार के डर से उत्तराखंड में ईडी को मैदान में उतार रही है भाजपा : कुमारी सैलजा

चंडीगढ़, 13 सितंबर।
सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं सीडब्ल्यूसी सदस्य कुमारी सैलजा ने कहा कि उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में अपनी संभावित हार से घबराई भाजपा अब केंद्रीय जांच एजेंसियों का राजनीतिक इस्तेमाल कर रही है। प्रदेश के युवाओं की बेरोजगारी, पेपर लीक और भर्ती भ्रष्टाचार से ध्यान हटाने के लिए ईडी को मैदान में उतारा गया है, लेकिन उत्तराखंड की जागरूक जनता इन चुनावी हथकंडों को अच्छी तरह समझती है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की वर्ष 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी भर्ती परीक्षा से जुड़े जिस मामले में अब ईडी ने कार्रवाई की है, उससे संबंधित आरोपों की जांच तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत के कार्यकाल में ही शुरू कर दी गई थी। शिकायत सामने आने पर जांच का दायरा बढ़ाते हुए कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। कांग्रेस निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के खिलाफ नहीं है, लेकिन दस वर्षों तक चुप रहने के बाद चुनाव से ठीक पहले केंद्रीय एजेंसी की सक्रियता उसके समय और राजनीतिक मंशा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। ईडी ने इस मामले में पूर्व अधिकारियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों के ठिकानों पर तलाशी की पुष्टि की है तथा जांच अभी जारी है। इंडियन एक्सप्रेस
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छात्रों की आवाज उठाने पर केंद्रित है ‘छात्रों की गूंज’ अभियान
सांसद ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के माध्यम से उत्तराखंड सहित पूरे देश के युवाओं के सामने पेपर लीक, बेरोजगारी, भर्ती प्रक्रियाओं में भ्रष्टाचार और शिक्षा व्यवस्था की खामियों के मुद्दे उठाए हैं। कांग्रेस युवाओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और अनुभव सामने ला रही है। जब सरकार से रोजगार और पारदर्शी भर्तियों पर जवाब मांगा गया तो भाजपा ने जवाब देने के बजाय जांच एजेंसियों के माध्यम से राजनीतिक विमर्श को दूसरी दिशा में मोड़ने का प्रयास किया। राहुल गांधी का यह अभियान शिक्षा और भर्ती व्यवस्था से जुड़े युवाओं के अनुभव एकत्र कर उनकी आवाज उठाने पर केंद्रित है ‘छात्रों की गूंज’ अभियान
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अस्थायी नियुक्तियों के माध्यम से युवाओं से बहुत कम वेतन पर काम करा रही है सरकार
कुमारी सैलजा ने कहा कि भाजपा प्रतिवर्ष दो करोड़ नौकरियां देने का वादा कर सत्ता में आई थी। यदि इस वादे को ईमानदारी से पूरा किया गया होता तो बारह वर्षों में करोड़ों युवाओं को रोजगार मिल चुका होता और देश के लगभग प्रत्येक परिवार तक रोजगार का लाभ पहुंचता। इसके विपरीत, आज केंद्र और राज्य सरकारों में बड़ी संख्या में पद रिक्त पड़े हैं। नियमित भर्ती करने के बजाय ठेका प्रथा, आउटसोर्सिंग और अस्थायी नियुक्तियों के माध्यम से युवाओं से बहुत कम वेतन पर काम कराया जा रहा है।
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सरकार ने युवाओं को न तो रोजगार की सुरक्षा दी और न सम्मानजनक वेतन
सांसद ने कहा कि हजारों युवा मात्र नौ हजार से 22 हजार रुपये तक के वेतन पर वर्षों से कार्य कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद थी कि अनुभव के आधार पर उनकी सेवाएं नियमित की जाएंगी, लेकिन सरकार ने न तो रोजगार की सुरक्षा दी और न सम्मानजनक वेतन। युवाओं की योग्यता और उनके जीवन के सबसे महत्वपूर्ण वर्षों का शोषण किया जा रहा है। इसी कारण देश के छात्र और युवा वर्ग में सरकार के प्रति भारी निराशा तथा रोष है।
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युवा छात्रों की गूंज’ अभियान से जुड़कर अपनी समस्याएं और अनुभव साझा करें
कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस युवाओं को स्थायी रोजगार, निष्पक्ष भर्ती, पेपर लीक से मुक्ति और सुरक्षित भविष्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। राहुल गांधी देशभर में युवाओं, विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों से संवाद कर उनकी आवाज को राष्ट्रीय मंच दे रहे हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे ‘छात्रों की गूंज’ अभियान से जुड़कर अपनी समस्याएं और अनुभव साझा करें। कांग्रेस पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ी है। उत्तराखंड की जनता आगामी चुनाव में भाजपा की भ्रष्ट, युवा-विरोधी और जनविरोधी सरकार को सत्ता से बाहर कर लोकतांत्रिक जवाब देगी।

