हरियाणा में जून से एटीएस की शुरुआत
May 26, 2026, 20:42 IST

चंडीगढ़, 26 मई हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने कहा है कि राज्य में एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) की स्थापना का काम अंतिम चरण में है। संभवत यह जून माह से कार्य करना शुरू कर देगा। मंगलवार को चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में पुलिस महानिदेशक ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी ने उनके लिए विशेष बजट का प्रावधान किया है। क्राइम कंट्रोल के लिए उनकी टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं। हरियाणा में एंटी टेररिस्ट स्क्वाड के गठन को लेकर उन्होंने कहा कि इस पर छोटी से आपत्ति है, वो जल्द दूर कर दी जाएगी। एटीएस को लीड आईजीपी स्तर का आईपीएस अफसर करेगा। इसके बाद 4 आईपीएस रैंक के अधिकारियों को पुलिस अधीक्षक (एसपी) की जिम्मेदारी दी जाएगी।
पुलिस महानिदेशक ने बताया कि क्राइम कंट्रोल को लेकर पुलिस लगातार काम कर रही है। पुलिस टीमें लगातार बेहतर करने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा पुलिस विभाग के आधारभूत संरचना को बढ़ाने के लिए 2 साल के दौरान 750 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि हरियाणा के अलग-अलग जिलों में पुलिस लाइन, पुलिस पोस्ट, पुलिस बूथ, थानों-चौकियों व दूसरी चीजों का निर्माण होगा। उन्होंने बताया कि ओवरऑल क्राइम रेट में हरियाणा 4 और 5 नंबर पर दर्शाया गया है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि हमारे यहां साल में करीब 40 हजार एफआईआर अकेले बिजली चोरी की होती है। हम लापता व्यक्ति की एफआईआर दर्ज करते हैं। हमारे यहां पर हर एफआईआर दर्ज होती है। जांच के दौरान करीब 30 हजार एफआईआर में समझौते या झूठी मिलती है।
पुलिस महानिदेशक ने बताया कि क्राइम कंट्रोल को लेकर पुलिस लगातार काम कर रही है। पुलिस टीमें लगातार बेहतर करने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा पुलिस विभाग के आधारभूत संरचना को बढ़ाने के लिए 2 साल के दौरान 750 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि हरियाणा के अलग-अलग जिलों में पुलिस लाइन, पुलिस पोस्ट, पुलिस बूथ, थानों-चौकियों व दूसरी चीजों का निर्माण होगा। उन्होंने बताया कि ओवरऑल क्राइम रेट में हरियाणा 4 और 5 नंबर पर दर्शाया गया है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि हमारे यहां साल में करीब 40 हजार एफआईआर अकेले बिजली चोरी की होती है। हम लापता व्यक्ति की एफआईआर दर्ज करते हैं। हमारे यहां पर हर एफआईआर दर्ज होती है। जांच के दौरान करीब 30 हजार एफआईआर में समझौते या झूठी मिलती है।

