जनता से त्याग की अपील आर्थिक प्रबंधन की कमजोरी का संकेत: कुमारी सैलजा

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, सीडब्ल्यूसी सदस्य एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कहा है कि देश की जनता लगातार बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक दबाव से जूझ रही है, लेकिन केंद्र सरकार समाधान प्रस्तुत करने के बजाय लोगों से बार-बार त्याग और समझौते की अपील कर रही है। यह स्थिति इस बात का संकेत है कि सरकार आर्थिक चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने में सफल नहीं रही है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि कभी पेट्रोल और डीज़ल का कम उपयोग करने की सलाह दी जाती है, कभी घरेलू खर्च सीमित रखने की बात कही जाती है और कभी रोजमर्रा की आवश्यकताओं में कटौती का संदेश दिया जाता है। लगातार इस प्रकार की अपीलें यह दर्शाती हैं कि आम नागरिकों पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का दायित्व जनता को राहत देना, स्थिर आर्थिक वातावरण तैयार करना और रोजगार के अवसर बढ़ाना होता है। कांग्रेस पार्टी हमेशा आम जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी। उनका कहना है कि अब हिसाब-किताब का समय आ गया है और आने वाले दिनों में महंगाई, ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी तथा खर्चों में कटौती जैसे सख्त कदम देखने को मिल सकते हैं, जिनके लिए माहौल तैयार किया जा रहा है।
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पेपर लीक युवाओं के भविष्य पर सीधा हमला: सैलजा
सांसद कुमारी सैलजा ने कहा है कि एनईईटी-2026 पेपर लीक की खबर देश के लाखों युवाओं के भविष्य और उनकी मेहनत पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि जब परीक्षाएं पारदर्शिता और ईमानदारी के बजाय भ्रष्टाचार और पेपर लीक की भेंट चढ़ने लगें, तो सबसे बड़ा नुकसान गरीब और मध्यम वर्ग के उन छात्रों का होता है जो वर्षों तक कठिन परिश्रम करके अपने सपनों को पूरा करने का प्रयास करते हैं। कुमारी सैलजा ने कहा कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। 22 लाख से अधिक छात्रों और उनके परिवारों का भरोसा टूटना बेहद चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को सुरक्षित, निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था देना सरकार की जिम्मेदारी है और कांग्रेस पार्टी युवाओं के अधिकार, उनके भविष्य तथा समान अवसर की लड़ाई लगातार मजबूती से उठाती रहेगी।

