सिरसा जेल में वार्डन ने की आत्महत्या
-सुसाइड नोट में जेल अधिकारियों पर लगाए आरोप
Jan 2, 2026, 20:13 IST

सिरसा, 02 जनवरी जिला जेल में वार्डन ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड से पहले उन्होंने दो सुसाइड नोट लिखे, जिनमें जेल अधिकारियों पर प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। मृतक की पहचान फतेहाबाद जिला के गांव हिजरावां खुर्द निवासी सुखदेव सिंह के रूप में हुई है।
सुसाइड से पहले वार्डन ने गुरुवार शाम को अपने बेटे को फोन किया और कहा कि में जेल अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आ गया हूं और जहरीला पदार्थ खा रहा हूं। मैंने जेल महानिदेशक और जेल सुपरिटेंडेंट के नाम सुसाइड नोट लिखा है जो कि मेरे बैग में है। साथ ही कहा कि तू अपना और अपनी मां का ख्याल रखना।
मृतक सुखदेव सिंह के बेटे ने पुलिस को शिकायत दर्ज करवाई । शिकायत में बताया कि 10-15 दिन पहले उसके पिता के साथ जेल में झगड़ा हुआ था और उन्हें प्रताडि़त किया जा रहा था। रात को उसके पिता ने उसे फोन किया और जहरीला पदार्थ निगल लिया। पहले उन्हें नागरिक अस्पताल में ले गए जहां हालत खराब होने पर एक प्राइवेट अस्पताल में ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
सुसाइड नोट में सुखदेव सिंह ने लिखा है कि उसे पिछले कई दिनों से ड्यूटी को लेकर तंग किया जा रहा था। 31 दिसम्बर को उसे भला-बुरा कहा गया। उसने माफी भी मांगी। इसके बाद एलओ और डीएसपी आए और उसे पूरा दिन खड़ा रखा और मुझे ड्यूटी पर लेने से इनकार कर दिया।
बताया जा रहा है कि नशे के शक चलते जेल प्रशासन ने सुखदेव सिंह का मेडिकल भी करवाया था। घटना की सूचना मिलने पर मृतक के परिजन जेल में पहुंचे और आरोपिताें के खिलाफ हुडा पुलिस चौकी में शिकायत दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर डीएसपी व एलओ के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है
सुसाइड से पहले वार्डन ने गुरुवार शाम को अपने बेटे को फोन किया और कहा कि में जेल अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आ गया हूं और जहरीला पदार्थ खा रहा हूं। मैंने जेल महानिदेशक और जेल सुपरिटेंडेंट के नाम सुसाइड नोट लिखा है जो कि मेरे बैग में है। साथ ही कहा कि तू अपना और अपनी मां का ख्याल रखना।
मृतक सुखदेव सिंह के बेटे ने पुलिस को शिकायत दर्ज करवाई । शिकायत में बताया कि 10-15 दिन पहले उसके पिता के साथ जेल में झगड़ा हुआ था और उन्हें प्रताडि़त किया जा रहा था। रात को उसके पिता ने उसे फोन किया और जहरीला पदार्थ निगल लिया। पहले उन्हें नागरिक अस्पताल में ले गए जहां हालत खराब होने पर एक प्राइवेट अस्पताल में ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
सुसाइड नोट में सुखदेव सिंह ने लिखा है कि उसे पिछले कई दिनों से ड्यूटी को लेकर तंग किया जा रहा था। 31 दिसम्बर को उसे भला-बुरा कहा गया। उसने माफी भी मांगी। इसके बाद एलओ और डीएसपी आए और उसे पूरा दिन खड़ा रखा और मुझे ड्यूटी पर लेने से इनकार कर दिया।
बताया जा रहा है कि नशे के शक चलते जेल प्रशासन ने सुखदेव सिंह का मेडिकल भी करवाया था। घटना की सूचना मिलने पर मृतक के परिजन जेल में पहुंचे और आरोपिताें के खिलाफ हुडा पुलिस चौकी में शिकायत दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर डीएसपी व एलओ के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है

