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विकास योजनाओं व कार्यों की सामाजिक निगरानी जरूरी : डॉ. चौहान सामाजिक लेखा परीक्षा पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

 
 विकास योजनाओं व कार्यों की सामाजिक निगरानी जरूरी : डॉ. चौहान  सामाजिक लेखा परीक्षा पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ
 नीलोखेड़ी :20 नवंबर सामाजिक लेखा परीक्षा के माध्यम से न केवल योजनाओं के क्रियान्वयन की गुणवत्ता बढ़ती है, बल्कि ग्राम समुदाय में विश्वास और सहभागिता भी मजबूत होती है। यह टिप्पणी डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान, निदेशक हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान, ने संस्थान में शुरू हुए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम के उदघाटन सत्र को संबोधित करते हुए की।महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) एवं प्रधान मंत्री आवास योजना–ग्रामीण (पीएमएवाई–जी) के अंतर्गत सामाजिक लेखा परीक्षा विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न जिलों के प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं 

कार्यक्रम का शुभारंभ निदेशक, डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
डॉ. चौहान ने कहा “सामाजिक लेखा परीक्षा गांवों में पारदर्शिता, उत्तरदायित्व तथा सुशासन को सुदृढ़ करने का एक अत्यंत प्रभावी माध्यम है। मनरेगा और पीएमएवाई–जी में जनता की भागीदारी सुनिश्चित करना ही इन योजनाओं की आत्मा है।संस्थान का उद्देश्य है कि जमीनी स्तर पर कार्यरत सभी अधिकारी–कर्मचारियों को इस विषय का गहन जानकारी देकर उन्हें अधिक सक्षम बनाया जाए।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के कोर्स कोऑर्डिनेटर डॉ. वजीर सिंह दुहन हैं। उन्होंने मुख्य अतिथि डॉ. चौहान का संस्थान आभार व्यक्त किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को सामाजिक लेखा परीक्षा की प्रक्रियाओं, ग्राम स्तरीय सत्यापन, रिकॉर्ड परीक्षण, जन-सुनवाई, पारदर्शिता उपायों तथा रिपोर्ट तैयार करने संबंधी विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी।
इस अवसर पर अमित डांगी, प्रदीप कुमार, दीपक कुमार, अमन, सौरभ अरोड़ा सहित अन्य प्रतिभागी उपस्थित रहे।