विकास योजनाओं व कार्यों की सामाजिक निगरानी जरूरी : डॉ. चौहान सामाजिक लेखा परीक्षा पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ निदेशक, डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
डॉ. चौहान ने कहा “सामाजिक लेखा परीक्षा गांवों में पारदर्शिता, उत्तरदायित्व तथा सुशासन को सुदृढ़ करने का एक अत्यंत प्रभावी माध्यम है। मनरेगा और पीएमएवाई–जी में जनता की भागीदारी सुनिश्चित करना ही इन योजनाओं की आत्मा है।संस्थान का उद्देश्य है कि जमीनी स्तर पर कार्यरत सभी अधिकारी–कर्मचारियों को इस विषय का गहन जानकारी देकर उन्हें अधिक सक्षम बनाया जाए।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के कोर्स कोऑर्डिनेटर डॉ. वजीर सिंह दुहन हैं। उन्होंने मुख्य अतिथि डॉ. चौहान का संस्थान आभार व्यक्त किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को सामाजिक लेखा परीक्षा की प्रक्रियाओं, ग्राम स्तरीय सत्यापन, रिकॉर्ड परीक्षण, जन-सुनवाई, पारदर्शिता उपायों तथा रिपोर्ट तैयार करने संबंधी विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी।
इस अवसर पर अमित डांगी, प्रदीप कुमार, दीपक कुमार, अमन, सौरभ अरोड़ा सहित अन्य प्रतिभागी उपस्थित रहे।

