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धीमी खरीद प्रक्रिया से किसानों को हो रही है परेशानी: सैलजा

 -हरियाणा की मंडियों में अव्यवस्था पर कुमारी सैलजा का प्रहार
 
 धीमी खरीद प्रक्रिया से किसानों को हो रही है परेशानी: सैलजा
 -खरीद तेज करो, भुगतान तुरंत दो, किसानों को राहत दो 
 चंडीगढ़, 17 अप्रैल। 

सिरसा की सांसद, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री कुमारी सैलजा ने हरियाणा की मंडियों में गेहूं खरीद की धीमी गति, अव्यवस्था और किसानों के लंबित भुगतानों को लेकर प्रदेश सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की मंडियों में गेहूं की रिकॉर्ड आवक के बावजूद खरीद प्रक्रिया अत्यंत धीमी है, जिससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर मंडियों में जगह की कमी के कारण गेहूं खुले में सड़कों तक फैल गया है, जो सरकार की तैयारियों की पोल खोलता है। 

कुमारी सैलजा ने मांग की कि खरीद प्रक्रिया को तुरंत तेज किया जाए ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े। साथ ही उन्होंने कहा कि मंडियों की व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाए। पर्याप्त स्थान, उठान और भंडारण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि किसानों की फसल सुरक्षित रह सके। उन्होंने यह भी कहा कि जो गेहूं खरीदा जा चुका है, उसका लंबित भुगतान तुरंत किसानों के खातों में डाला जाए। भुगतान में देरी किसानों की आर्थिक स्थिति को और कमजोर कर रही है, जिसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। 

कुमारी सैलजा ने आरोप लगाया कि डिजिटल सिस्टम का सहारा लेकर किसानों को उलझाया जा रहा है, जबकि जरूरत इस बात की है कि तकनीक को सरल और किसान हितैषी बनाया जाए। अंत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के हक और सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है और यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो किसानों की आवाज को और मजबूती से उठाया जाएगा। 

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महिला आरक्षण पर राजनीति नहीं, अधिकारों की बात हो सांसद सैलजा ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर कहा कि कांग्रेस पार्टी का रुख हमेशा स्पष्ट, सकारात्मक और महिलाओं के अधिकारों के पक्ष में रहा है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक को लाने का प्रयास पहले भी कांग्रेस सरकारों ने किया था और जब इसे संसद में प्रस्तुत किया गया, तो सभी दलों द्वारा सर्वसम्मति से पारित होना इस बात का प्रमाण है कि यह किसी एक पार्टी का नहीं, बल्कि देश की महिलाओं के सम्मान और अधिकारों का विषय है। 

कुमारी सैलजा ने भाजपा सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज जिस तरीके से इस मुद्दे को प्रस्तुत किया जा रहा है, उससे सरकार की मंशा पर संदेह पैदा होता है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषय को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करना दुर्भाग्यपूर्ण है। किसानों के साथ किए गए वादों का हाल देश देख चुका है और अब महिला आरक्षण को भी केवल गारंटी के नाम पर प्रस्तुत किया जा रहा है, जबकि असल जरूरत इसे ईमानदारी से लागू करने की है।