एचटेट परीक्षा परिणामों में 1284 अभ्यर्थियों के चयन में पर्ची खर्ची का खुलकर हुआ प्रयोग: दिग्विजय चौटाला
घोटालों से युक्त इस प्रकरण की सीबीआई से जांच की मांग
Updated: Jan 4, 2026, 14:02 IST

सरकार जांच से पीछे हटी तो जेजेपी जाएगी उच्च न्यायालय
सिरसा 04 जनवरी युवा जननायक जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला ने कहा कि हरियाणा विद्यालय शिद्वाा बोर्ड भिवानी में एचटेट पात्रता परीक्षा में 1284 अभ्यर्थियों के चयन का मामला पूरी तरह से संदिग्ध है जिसकी जांच सीबीआई से करवाई जानी चाहिए।
वे रविवार को बरनाला रोड स्थित चौटाला हाउस में मीडिया कर्मियों से रूबरू हो रहे थे। युवा जेजेपी प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि बीती 30 तथा 31 जुलाई 2024 को एचटेट के परिणाम में जिस प्रकार का घोटाला हुआ है, उससे बगैर पर्ची व बगैर खर्ची का दावा करने वाली सरकार का चेहरा पूरी तरह उजागर हो गया है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार 1284 अभ्यर्थियों के नाम परिणाम में शामिल किए गए, उनके लिए न ही तो बायोमेट्रिक प्रकिया अपनाई गई और न ही सरकार ने इसमें कोई पारदर्शिता रखते हुए इनके नाम उजागर किए। इससे साफ है कि इस मामले में जमकर पर्ची व खर्ची भी चली। दिग्विजय चौटाला ने इस प्रकरण को हरियाणा के युवाओं के साथ खिलवाड़ बताते हुए इसे शिक्षा जगत में सबसे बड़ा घोटाला बताया। उन्होंने बताया कि शिक्षा भिवानी बोर्ड के तत्कालीन सचिव द्वारा इस परीक्षा का परिणाम पूरी तरह से पारदर्शिता से तैयार कर घोषणा की स्वीकृति के लिए बोर्ड चेयरमैन के पास भेजा था मगर बोर्ड चेयरमैन ने इसे पुन: बोर्ड के पास न केवल वापिस भेज दिया बल्कि सरकार ने बोर्ड सचिव को तुरंत प्रभाव से तबदील भी कर दिया। दिग्विजय चौटाला ने इस प्रकरण में मुख्यमंत्री हरियाणा से पूछा कि आखिर ऐसी क्या वजह थी कि समूची प्रक्रिया को कानूनी अनुसार तय करने के बाद भी परिणाम को
रिकॉल किया गया? इसके पीछे की सरकार की मंशा क्या थी? उन्होंने कहा कि तत्कालीन सचिव के कार्यकाल के दौरान जिन एजेंसियों के मार्फत परीक्षा परिणाम तय किया गया, उन्हें बाद में बोर्ड अध्यक्ष द्वारा घोटाले को अंजाम देने के लिए सिक्योरिटी ऑडिट के नाम पर गोपनीय सचिव कार्यालय के माध्यम से चौथी एजेंसी के माध्यम से परिणामों में चुपके से 1284 अभ्यर्थियों के नाम भी शामिल कर दिए गए। उन्होंने सवाल पूछा कि आखिर ये 1284 अभ्यर्थियों को मार्जिन ऑफ एरर का लाभ देकर लाभान्वित किया गया जबकि शेष को इससे वंचित रखा गया। उन्होंने कहा कि सरकार ने कुछ कोचिंग एजेंसियों से मिलीभगत कर इस घोटाले को अंजाम दिया है। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण की सीबीआई से जांच
करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि सरकार सीबीआई जांच से पीछे हटती है तो जननायक जनता पार्टी इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में लेकर जाएगी। युवा जेजेपी प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला ने मौजूदा भाजपा नेतृत्व को अब तक का सबसे कमजोर शासन करार देते हुए पूछा कि उपरोक्त परीक्षा प्रक्रिया में 110 दिन क्यों लगे? उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया के बाद ही ये सब क्यों किया गया? उन्होंने मुख्यमंत्री हरियाणा से सवाल किया कि जब परिणाम पूरी प्रक्रिया अपनाने के बाद तैयार कर लिया गया तो इसे बोर्ड अध्यक्ष द्वारा क्यों रिकॉल करवाया गया? उन्होंने यह भी आरोप जड़ा कि रात को 12 बजे बगैर किसी पूर्व घोषणा के परिणाम वेबसाइट पर डाल दिया गया तो जो संदेहास्पद है। उन्होंने कहा कि ओएमआर शीट निकलवाने के लिए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार 2 साल तक की अवधि निर्धारित की गई है मगर बोर्ड ने वेबसाइट पर ओएमआर शीट निकलवाने के लिए महज 10 दिन का ही समय क्यों दिया गया? उन्होंने बोर्ड अध्यक्ष पवन शर्मा के पिछले कार्यकाल का भी हवाला देते हुए कहा कि इनके खिलाफ भी राजस्थान में कई आपराधिक व भ्रष्टाचार के आरोपों के बावजूद उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपने का मकसद क्या है? इस मौके पर उनके साथ जेजेपी के जिलाध्यक्ष अशोक वर्मा, जेजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के प्रधान महासचिव राधेश्याम शर्मा व जिला प्रेस प्रवक्ता अमर सिंह ज्याणी भी मौजूद थे।
वे रविवार को बरनाला रोड स्थित चौटाला हाउस में मीडिया कर्मियों से रूबरू हो रहे थे। युवा जेजेपी प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि बीती 30 तथा 31 जुलाई 2024 को एचटेट के परिणाम में जिस प्रकार का घोटाला हुआ है, उससे बगैर पर्ची व बगैर खर्ची का दावा करने वाली सरकार का चेहरा पूरी तरह उजागर हो गया है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार 1284 अभ्यर्थियों के नाम परिणाम में शामिल किए गए, उनके लिए न ही तो बायोमेट्रिक प्रकिया अपनाई गई और न ही सरकार ने इसमें कोई पारदर्शिता रखते हुए इनके नाम उजागर किए। इससे साफ है कि इस मामले में जमकर पर्ची व खर्ची भी चली। दिग्विजय चौटाला ने इस प्रकरण को हरियाणा के युवाओं के साथ खिलवाड़ बताते हुए इसे शिक्षा जगत में सबसे बड़ा घोटाला बताया। उन्होंने बताया कि शिक्षा भिवानी बोर्ड के तत्कालीन सचिव द्वारा इस परीक्षा का परिणाम पूरी तरह से पारदर्शिता से तैयार कर घोषणा की स्वीकृति के लिए बोर्ड चेयरमैन के पास भेजा था मगर बोर्ड चेयरमैन ने इसे पुन: बोर्ड के पास न केवल वापिस भेज दिया बल्कि सरकार ने बोर्ड सचिव को तुरंत प्रभाव से तबदील भी कर दिया। दिग्विजय चौटाला ने इस प्रकरण में मुख्यमंत्री हरियाणा से पूछा कि आखिर ऐसी क्या वजह थी कि समूची प्रक्रिया को कानूनी अनुसार तय करने के बाद भी परिणाम को
रिकॉल किया गया? इसके पीछे की सरकार की मंशा क्या थी? उन्होंने कहा कि तत्कालीन सचिव के कार्यकाल के दौरान जिन एजेंसियों के मार्फत परीक्षा परिणाम तय किया गया, उन्हें बाद में बोर्ड अध्यक्ष द्वारा घोटाले को अंजाम देने के लिए सिक्योरिटी ऑडिट के नाम पर गोपनीय सचिव कार्यालय के माध्यम से चौथी एजेंसी के माध्यम से परिणामों में चुपके से 1284 अभ्यर्थियों के नाम भी शामिल कर दिए गए। उन्होंने सवाल पूछा कि आखिर ये 1284 अभ्यर्थियों को मार्जिन ऑफ एरर का लाभ देकर लाभान्वित किया गया जबकि शेष को इससे वंचित रखा गया। उन्होंने कहा कि सरकार ने कुछ कोचिंग एजेंसियों से मिलीभगत कर इस घोटाले को अंजाम दिया है। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण की सीबीआई से जांच
करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि सरकार सीबीआई जांच से पीछे हटती है तो जननायक जनता पार्टी इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में लेकर जाएगी। युवा जेजेपी प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला ने मौजूदा भाजपा नेतृत्व को अब तक का सबसे कमजोर शासन करार देते हुए पूछा कि उपरोक्त परीक्षा प्रक्रिया में 110 दिन क्यों लगे? उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया के बाद ही ये सब क्यों किया गया? उन्होंने मुख्यमंत्री हरियाणा से सवाल किया कि जब परिणाम पूरी प्रक्रिया अपनाने के बाद तैयार कर लिया गया तो इसे बोर्ड अध्यक्ष द्वारा क्यों रिकॉल करवाया गया? उन्होंने यह भी आरोप जड़ा कि रात को 12 बजे बगैर किसी पूर्व घोषणा के परिणाम वेबसाइट पर डाल दिया गया तो जो संदेहास्पद है। उन्होंने कहा कि ओएमआर शीट निकलवाने के लिए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार 2 साल तक की अवधि निर्धारित की गई है मगर बोर्ड ने वेबसाइट पर ओएमआर शीट निकलवाने के लिए महज 10 दिन का ही समय क्यों दिया गया? उन्होंने बोर्ड अध्यक्ष पवन शर्मा के पिछले कार्यकाल का भी हवाला देते हुए कहा कि इनके खिलाफ भी राजस्थान में कई आपराधिक व भ्रष्टाचार के आरोपों के बावजूद उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपने का मकसद क्या है? इस मौके पर उनके साथ जेजेपी के जिलाध्यक्ष अशोक वर्मा, जेजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के प्रधान महासचिव राधेश्याम शर्मा व जिला प्रेस प्रवक्ता अमर सिंह ज्याणी भी मौजूद थे।

